Betul Review Meeting: सिर्फ समीक्षा करने से काम नहीं चलेगा माननीय, पुराने निर्देशों का भी लें फीडबैक
►जनप्रतिनिधियों को लगातार गुमराह कर रही जिले की अफसरशाही
►जिले में आगे पाट, पीछे सपाट की तर्ज पर होती है समीक्षा
Betul Review Meeting: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले में बुधवार को एक बार फिर जनप्रतिनिधियों ने समीक्षा बैठक ली। यह बात अलग है कि जिले में जो समीक्षा बैठकें होती हैं, वह समीक्षा बैठक कम, जनप्रतिनिधियों का अपना आभामंडल दिखाने का प्रयास ज्यादा होता है। समीक्षा के नाम पर यहां आगे पाट, पीछे सपाट की कहावत चरितार्थ होती है। इन बैठकों में जनप्रतिनिधि पिछली बैठकों में खुद अपने ही द्वारा दिए गए निर्देशों का न तो फीडबैक लेते हैं और न उस बारे में कोई जवाब तलब करते हैं। इसके उलट वे केवल वे निर्देश जारी करने की रस्म अदायगी भर करते हैं, जिनसे अफसर पहले से ही वाकिफ होते हैं। आज की बैठक में भी यही सब कुछ हुआ। इसके इतर बैठक में जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में जिले में लगातार बिगड़ रही कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी किसी भी कीमत पर पुनरावृत्ति न हो, इस बात के लिए पुलिस अफसरों को निर्देशित किया।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज हुई बैठक में विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक भैंसदेही महेंद्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख, विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक घोड़ाडोंगरी श्रीमती गंगाबाई उईके ने कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन की मौजूदगी में जिले भर के अफसरों की बैठक ली। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर तो चर्चा हुई, लेकिन जो निर्देश पिछली बैठक में दिए गए थे, उन पर अमल हुआ या नहीं, यह पूछना तक मुनासिब नहीं समझा। ऐसा ही एक खास निर्देश 3 नवंबर को ली गई समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने दिया था। दूसरी ओर जिले की अफसरशाही भी जनप्रतिनिधियों को गुमराह करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।
तीन महीने बाद भी ट्रेंचिंग ग्राउंड की जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं
3 नवंबर 2025 को हुई बैठक में जिले भर के जनप्रतिनिधियों ने बैतूल के ट्रेचिंग ग्राउंड पर ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर जमकर असंतोष जताया था। इसके साथ ही कलेक्टर को यह निर्देश दिए थे कि एक उच्च स्तरीय जांच दल बनाकर 7 दिनों में पूरे मामले की जांच कराई जाएं। जनप्रतिनिधियों के निर्देश पर कमेटी तो बनी और कथित रूप से जांच भी कराई गई, लेकिन इस मामले में इसके बाद क्या हुआ, इसका खुलासा आज तक नहीं हो पाया है। खास बात यह है कि जांच में शामिल अफसर दबे स्वर में रिपोर्ट सौंप दिए जाने की बात कहते हैं। वहीं दूसरी ओर आला अफसर रिपोर्ट ही नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। यही नहीं, इस मामले में आज तक किसी पर भी कोई कार्रवाई तक नहीं हुई है।

बैठक में नहीं हुआ एक भी सवाल
इन हालातों में उम्मीद जताई जा रही थी कि आज की बैठक में जनप्रतिनिधि इस बारे में अफसरों से जवाब तलब करेंगे और इस गंभीर मामले में कोई प्रोग्रेस नहीं होने पर अफसरों को आड़े हाथ भी लेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि जिन्होंने ट्रेचिंग ग्राउंड मामले को लेकर जांच के निर्देश दिए थे, उन्होंने ही इस बारे में कोई पूछताछ नहीं की और न ही पूरी बैठक में इसे लेकर कोई चर्चा ही हुई। इन हालातों में लोग भी यह कहते नजर आ रहे हैं कि यदि जनप्रतिनिधि अपने ही दिए निर्देशों पर अमल की जानकारी नहीं लेंगे तो फिर निर्देश देने का ही क्या औचित्य? जब जनप्रतिनिधि ही ऐसे गंभीर मामलों में ऐसा रवैया दिखाएंगे तो फिर उन अफसरों से क्या उम्मीद करें जो खुद ही मामले को शुरू से ही रफा-दफा करने की फिराक में हो।
अफसरों को पता है कि उन्हें क्या करना है
बैठक को लेकर जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट को देखें तो साफ है कि जनप्रतिनिधि केवल ऐसे निर्देश देकर अपनी श्रेष्ठता साबित करने का प्रयास करते हैं, जो कि अफसरों को पहले से ही पता होते हैं। अधिकारियों को भी पता है कि उनके कर्तव्य क्या है, उन्हें कब क्या करना है, क्योंकि यह शासन के स्टैंडिंग ऑर्डर होते हैं। वैसे अफसर भी जानते हैं कि केवल कामचलाऊ निर्देश ही मिलेंगे, इसलिए ऐसी बैठकों को लेकर उनके माथे पर भी शिकन तक नहीं आती।
कानून-व्यवस्था और नगर पालिका पर जताई नाराजगी
पूरी बैठक का फोकस जिले की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नगर पालिका बैतूल की बिगडैल व्यवस्था रही। जनप्रतिनिधियों ने जिले में हाल में मुलताई, आठनेर और दामजीपुरा में घटी घटनाओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं जिलों में न हो। पुलिस अफसरों को इसे लेकर खासी एहतियात बरतने के सख्त निर्देश दिए गए। इसी तरह बैतूल नगर पालिका की व्यवस्थाओं को लेकर भी सख्त नाराजगी जताई गई। बैतूल शहर में हर तरफ बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण और तेजी के साथ इसके फैलाव तथा नगर पालिका द्वारा इसे लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जल संसाधन विभाग अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए ढेकना परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही प्रस्तावित रामघाटी एवं शीतलझिरी परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पारसडोह परियोजना में आ रही समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिले को शत-प्रतिशत सिंचित बनाने के लक्ष्य के तहत सभी प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं को समयसीमा में पूर्ण किया जाए तथा प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने सात माइनर टैंक की प्रगति की जानकारी लेकर कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
गर्मी के लिए पेयजल संकट से निपटने अभी से करें तैयारी
आगामी ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए संभावित पेयजल संकट वाले ग्रामों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रभावित ग्रामों में हैंडपंप स्थापना, खराब हैंडपंपों की मरम्मत तथा अन्य आवश्यक कार्य प्राथमिकता से करने को कहा गया। जल निगम की परियोजनाएं पूर्ण होने तक संबंधित ग्रामों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए। विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे (आमला) ने आमला क्षेत्र में खराब नल-जल योजनाओं की जांच के लिए टीम भेजने और लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार से वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सड़कों की गुणवत्ता और मेंटेनेंस पर सख्ती
बैठक में लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। विधायक श्री खंडेलवाल ने कहा कि पीएमजीएसवाय की सड़कों में मेंटेनेंस अवधि के दौरान सुधार कार्य नहीं होने से सियारढाना, गढ़वाह, पीपला आदि सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन वर्ष पूर्ण करने वाली सड़कों की जनपद सीईओ एवं एसडीएम के माध्यम से रैंडम जांच कराई जाएं और संबंधित ठेकेदारों से मरम्मत कार्य कराया जाए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में भोगीटेडा पुल, मुलताई क्षेत्र में पट्टन से नागपुर हाईवे मार्ग, आमला अंतर्गत बोरी-लादी मार्ग, भैंसदेही मार्ग, घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में चंडी-सालीमेढ़ मार्ग तथा आमला-बरसाली मार्ग पर भी विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। ब्रिज कार्पोरेशन के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलों की समीक्षा कर कार्य गुणवत्ता पूर्ण एवं समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
नगरीय क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने व विकास कार्यों पर जोर
नगरीय प्रशासन अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए बैतूल नगर के प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देश एसडीएम, तहसीलदार एवं सीएमओ को दिए गए, ताकि प्रस्तावित निर्माण कार्यों में बाधा न आए। नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में 7-7 लाख रुपये की राशि से विद्युत पोल लगाने तथा लल्ली चौक से कोतवाली चौक तक पोल शिफ्टिंग करने के निर्देश दिए गए। नगर में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा 18 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस संबंध में विस्तृत परियोजना विवरण शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जल्द पूरा करें मोहटा सब स्टेशन का कार्य
बैठक में आरडीएसएस योजना के अंतर्गत मोहटा सबस्टेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विद्युत आपूर्ति को सुचारू एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।बैठक में 100 केवी के अतिभारित विद्युत ट्रांसफार्मरों के स्थान पर अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर प्रस्तावित करने की बात कही गई। नगर क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता अनुसार नए विद्युत पोल स्थापित करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त भीमपुर के पाटरैयत क्षेत्र में 132 केवी ट्रांसफार्मर के शीघ्र निर्माण हेतु पावर ट्रांसमिशन कंपनी से समन्वय स्थापित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

राहुल गांधी का हमला: PM मोदी के पास LPG संकट से निपटने की कोई नीति नहीं, कोविड जैसी अव्यवस्था
boring mafia exploitation: आमला में छिंदवाड़ा के बोरिंग माफिया का आतंक: किसानों से मनमानी वसूली, बिल मांगने पर मिल रही धमकी
शर्मनाक हालात! बेटी के अंतिम संस्कार के लिए नहीं मिली लकड़ी, डीजल-टायर से किया दाह संस्कार
stolen motorcycles recovery: मुलताई पुलिस का बड़ा एक्शन: 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, आरोपी गिरफ्तार
टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई चुनावी दौरा रद्द किया, समय और पुलिस पाबंदियों को बताया कारण
एनडीए सरकार बनते ही सोना तस्करी आरोपियों पर सख्ती, दो महीने में जेल: अमित शाह