Itarsi Road Traffic Jam: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। यदि आपको किसी जरूरी काम से जल्दी में इटारसी रोड से कहीं जाना है तो आप शादी के सीजन में लगभग आधा से पौन घंटे का मार्जिन लेकर घर से निकलें... क्योंकि वैवाहिक सीजन शुरू होने के बाद शाम के समय इटारसी रोड पर ट्रैफिक की व्यवस्था बारातियों के हाथ में आ जाती है। गेंदा चौक के आगे फॉरेस्ट बेरियर तक लगभग दो किलोमीटर में वर्तमान में 6 मैरिज लॉन चल रहे हैं। इनमें प्रतिदिन किसी न किसी लॉन में और कई बार तो सभी लॉन में शादियां रहती हैं।

डीजे वाहन मेन रोड पर चलता है और बाराती सड़क पर नाचते हैं। वाहनों की लंबी कतार लग जाती है पर किसी की मजाल नहीं कि सड़क पर नाचते हुए बारातियों को रोक दें अन्यथा बाराती उनके ऊपर टूट पड़ते हैं। यातायात पुलिस के जवान नदारद रहते हैं जिससे चौपहिया और बड़े वाहनों को दो किलोमीटर का रास्ता तय करने में आधा से पौन घंटे का समय लग जाता है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से वाहन चालक वाहनों की कतार के बीच बारातियों के पीछे रेंगते हुए चलने को मजबूर है।

दो किलोमीटर में हैं 7 मैरिज लॉन

शहर के गेंदा चौक से फॉरेस्ट नाका तक लगभग दो किलोमीटर मार्ग में मुख्य सड़क के किनारे 6 मैरिज लॉन शुरू हो गए हैं। गेंदा चौक से आगे जाने पर सबसे पहले कस्तूरी बाग मैरिज लॉन है। इस लॉन के पीछे हनुमान मंदिर के साइड वाली गली में एक मैरिज लॉन है। यहां से कुछ मीटर आगे एफसीआई गोदाम के पहले सड़क किनारे क्षत्रिय लोनारी कुंबी समाज का मंगल भवन है, जहां आए दिन शादियां होती है।

यहां से चंद कदम करने पर सड़क किनारे ओम मंगलम् बैंकेट हाल है वहीं इसके ठीक सामने सड़क के दूसरी ओर आर्या सेलिब्रेशन है। वहीं टिकारी नाका से फॉरेस्ट नाका के बीच श्री कृष्ण वाटिका मैरिज लॉन है। वैवाहिक सीजन शुरू होने के बाद इनमें से प्रतिदिन किसी न किसी लॉन में तो कभी सभी लॉन में वैवाहिक कार्यक्रम रहते हैं।

सड़क पर रहता है बारातियों का कब्जा

इन छह में से किसी भी लॉन में शादी हो तो बारात इटारसी रोड मुख्य सड़क से ही निकलती है। बारात निकलने के साथ ही सड़क पर बारातियों का कब्जा हो जाता है। आधी सड़क पर डीजे वाहन चलता है उसके पीछे बैंड बाजे, लाइटिंग वाहन और दूल्हे की बग्गी रहती है। इन सबके बीच में बारातियों के डांस का झुंड रहता है। बीच सड़क पर बाराती अपने आप में मगन होकर डांस करते हुए चलते हैं।

उन्हें किसी से कोई मतलब नहीं रहता कि बारात के आगे-पीछे वाहनों की कतार लग गई है। इस सड़क से भोपाल जाने और भोपाल की ओर से आने वाली बसों को भी बारातियों के पीछे रेंगते हुए चलना पड़ता है। यदि किसी वाहन चालक ने बारातियों को सड़क से हटने का बोल दिया या हॉर्न ही बजा दिया तो मानो उसकी शामत आ गई। बाराती मिलकर उसके ऊपर टूट पड़ते हैं।

पटरियों पर रहती है पार्किंग

इन सभी लॉन में वाहन पार्किंग की यहां तो व्यवस्था ही नहीं है या है भी तो सीमित जगह है। जिससे पटरियों पर चौपहिया वाहनों की पार्किंग कर दी जाती है। आधी सड़क पर बारात रहती है जिससे आने-जाने के लिए सिर्फ आधी सड़क ही बचती है, जिससे दोनों साइड के वाहन निकलना नामुमकिन हो जाता है और वाहनों की कतार लगना शुरू हो जाता है।

जाम में बड़े वाहनों, चौपहिया वाहनों के साथ ही दोपहिया वाहन भी निकलना मुश्किल हो जाता है। जिम्मेदार अधिकारियों और यातायात पुलिस के जवानों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। जिससे यात्री और वाहन चालक लगातार परेशान होते रहते हैं। शहरवासियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से इस ओर विशेष ध्यान देने और सड़क पर दोनों साइड के वाहन निकलने लायक जगह आवश्यक रूप से छोड़ने की मांग की है।