Betul Auto Truck Accident: बैतूल(राष्ट्रीय जनादेश)। तीन सवारी बैठाकर शहर में चलने की परमिशन लेने वाले ऑटो इन दिनों शहर से १५-२० किलोमीटर दूरी के गांव तक बिना रोक-टोक चल रहे हैं। ऑटो चालक १२ से १४ सवारी तक बैठाकर फोरलेन सड़क पर फर्राटे भर रहे हैं लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है जिससे यात्रियों की जान जोखिम में है और आए दिन हादसे हो रहे हैं। 

रविवार सुबह भी ग्राम सुनारखापा से १० मजदूरों को बैठाकर फोरलेन से कोसमी आ रहे एक सवारी ऑटो को पीछसे आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो में सवार दस में से सात मजदूर घायल हो गए जिसमें ५ महिला मजदूर है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

गन्ना काटने कोसमी आ रहे थे मजदूर 

बैतूलबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम सुनारखापा से रविवार सुबह गन्ना काटने १० मजदूर एक ऑटो में बैठकर कोसमी आ रहे थे। इस दौरान नागपुर-भोपाल फोरलेन पर बडोरा के पास पीछे से आ रहे एक ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी जिससे ऑटो में सवार ७ मजदूर घायल हो गए हैं। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती किया है। 

यह हुए घायल

इस हादसे में ऑटो में सवार ग्राम सुनारखापा निवासी जंगती पिता गेंदराव (२६), कमला पिता रामचरण (२९), संगीता धुर्वे पति नीलेश धुर्वे (३५), सुगरती उइके पति राजू उइके (३८), उर्मिला उइके पति हेमराज उइके (३०), किशोरी बामने पिता रामू बामने (४५) और जयकेश धुर्वे पिता दीनू धुर्वे (१९) घायल हो गए। सभी को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया है। जिला अस्पताल में भर्ती महिला मजदूर संगीता धुर्वे ने बताया कि ऑटो में १० मजदूर और ऑटो चालक सहित ११ लोग सवार थे। वे कोसमी के एक खेत में गन्ना काटने आ रहे थे इस दौरान बडोरा के पास ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। 

बेरोक-टोक सवारी भरकर चलते हैं ऑटो

ऑटो संचालकों को शहर के विभिन्न वार्डों में एक समय में तीन सवारी बैठाकर चलाने की परमिशन दी जाती है। लेकिन यातायात पुलिस की अनदेखी और परिवहन विभाग की लापरवाही से ऑटो चालक शहर के १५ से २० किलोमीटर दूर के गांव तक बेरोक-टोक आ जा रहे हैं। पहले तो ऑटो चालक १५-२० स्कूली बच्चों को भरकर शहर में ही ऑटो चलाते थे लेकिन अब सवारी भरकर फोरलेन सड़क पर भी दौड़ रहे हैं। शहर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार रविवार और गुरुवार को तो भोपाल, नागपुर फोरलेन, इंदौर फोरलेन के साथ ही आठनेर, सारनी, आमला मार्ग पर मुख्य मार्ग के ४-५ किलोमीटर अंदर के गांव के लिए ऑटो चलते हैं। नेशनल हाईवे और फोरलेन से चलने के साथ ही शहर में भी अलग-अलग मार्गों पर जाने वाले ऑटो के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित है। जहां से ऑटो में सवारी भरी जाती है इसके बावजूद यातायात पुलिस के जवान देकखर भी अनदेखी कर रहे हैं जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।