Digital Census Survey: दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना, पहले चरण में घर-घर पूछे जाएंगे 33 सवाल
Digital Census Survey: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। इस साल जनगणना का महत्वपूर्ण कार्य होना है। जनगणना 2 चरणों में होगी और इसका इसका पहला चरण अप्रैल से सितंबर के बीच चलेगा। पहले चरण में हर घर से 33 सवाल किए जाएंगे। इन सवालों के जरिए सरकार आपके घर में उपलब्ध हर सुख-सुविधा की जानकारी प्राप्त कर लेगी। यदि लोग चाहे तो जनगणना से संबंधित जानकारियां स्वयं भी एप के जरिए ऑनलाइन दे सकते हैं। जिले में जनगणना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
जनगणना का कार्य 2 चरणों में होगा। इसका पहला चरण 01 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच राज्य सरकार द्वारा तय किन्हीं 30 दिनों में पूरा किया जाएगा। यह अवधि अभी घोषित नहीं की गई है। प्रदेश में अभी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार द्वारा पहले चरण के लिए अवधि घोषित की जाएगी। राज्य शासन जो भी अवधि तय करेगी, उन 30 दिनों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर पहुंचकर मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इसी दौरान इन 33 सवालों के जवाब भी लिए जाएंगे।
स्वगणना का विकल्प भी है मौजूद
इस बार जनगणना में स्वगणना का विकल्प भी मौजूद रहेगा। यदि कोई चाहते हैं कि वे प्रगणकों को जानकारी देने के बजाय स्वयं ऑनलाइन पूरी जानकारी भर दें तो इसके लिए मकान सूचीकरण के लिए तय 30 दिनों की अवधि से पहले के 15 दिनों तक लोग एप के जरिए पूरी जानकारी भर सकेंगे। एप के जरिए जितने ज्यादा लोग जानकारी भरेंगे, प्रगणकों का काम उतना ही हल्का होगा।
जनगणना अधिकारियों की हुई नियुक्ति
जिले में जनगणना को लेकर काफी तैयारियां की जा चुकी हैं। जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल के निर्देशों के अनुसार जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। प्रमुख जनगणना अधिकारी के रूप में कलेक्टर, जिला जनगणना अधिकारी अपर कलेक्टर और अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी जिला योजना अधिकारी को नियुक्त किया गया है। अनुभाग स्तर पर एसडीएम को अनुविभागीय जनगणना अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं चार्ज स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के लिए तहसीलदारों को चार्ज गणना अधिकारी और नायक तहसीलदारों को अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। नगरीय क्षेत्रों के लिए सभी सीएमओ चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसी तरह जिला जनगणना समन्वयक समिति का गठन भी किया जा चुका है।
पूरी तरह से डिजिटल होगी जनगणना
इस बार होने वाली जनगणना की खास बात यह रहेगी कि यह पूरी तरह से डिजिटल होगी। किसी भी सवाल का जवाब या जानकारी कागज पर नोट नहीं की जाएगी। पर्यवेक्षक एवं प्रगणक हर जानकारी मोबाइल डिवाइस के जरिए एकत्रित करेंगे। जल्द ही जिले के मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण राज्य स्तर पर होगा। इसके बाद जनगणना अधिकारियों का प्रशिक्षण होगा। जनगणना का पूरा प्रबंधन और मॉनिटरिंग सीएमएमएस वेब पोर्टल (सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होगा।
पहले चरण में पूछे जाएंगे यह सवाल
जनगणना के पहले चरण में हर घर से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर), जनगणना मकान नंबर, फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, छत में प्रयुक्त सामग्री, मकान के उपयोग, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार में सामान्यत: रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया का लिंग, क्यापरिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है, मकान के स्वामित्व की स्थिति, परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुलभता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानगृह की उपलब्धता, रसोई घर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कम्प्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन, परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज और मोबाइल नंबर आदि शामिल हैं।

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