Betul Patta Distribution: जिले में पट्टा वितरण की उम्मीदों को झटका, सिर्फ 112 परिवार पात्र, 1615 अपात्र घोषित
Betul Patta Distribution: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शासन द्वारा नगरीय निकायों में सरकारी जमीन पर निवासरत गरीब परिवारों को पट्टों का वितरण किया जाना है। इसके लिए जिले के सभी निकायों में प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। हालांकि भूमिहीन परिवार जो आस लगाए हुए रखे थे, उनकी वह आस पूरी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह यह है कि जिले भर में मात्र 112 परिवारों को ही पट्टे के लिए पात्र पाया गया है। शेष 1615 परिवारों को पट्टे के लिए अपात्र पाया गया है।
कई परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपना घर चलाने के लिए गांवों से शहर में आते हैं। उनकी स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे किराए के महंगे मकानों में रह सके। ऐसे में वे जहां भी सरकारी जमीन खाली हो, वहां पर झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर करते हैं ताकि किराया बच सके। इधर शासन द्वारा समय-समय पर ऐसे परिवारों को पट्टा दिया जाता है ताकि पीएम आवास सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर वे अपना खुद का मकान बना सके। पीएस आवास योजना के लिए तो यह जरुरी ही है कि स्वयं की जमीन या पट्टे वाली जमीन होना जरुरी है। यही कारण है कि प्रदेश शासन द्वारा एक बार फिर नगरीय निकाय क्षेत्रों में पट्टा वितरण के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी।
सर्वेक्षण के बाद किया गया सत्यापन
इसके लिए सबसे पहले राजस्व विभाग और नगरीय निकायों की टीमों ने संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया। इसमें यह देखा गया कि कौन-कौन से परिवार सरकारी जमीन पर काबिज हैं। इनकी सूची बनाने के साथ ही उनसे आवेदन भी लिए गए। इसके बाद राजस्व विभाग द्वारा यह देखा गया कि इनमें से कौनसे परिवार ऐसी जमीन पर हैं, जहां पर पट्टा दिया जा सकता है।

सर्वेक्षण में मिले थे इतने परिवार
संयुक्त सर्वेक्षण में कुल 1727 परिवार ऐसे पाए गए, जिन्हें कि पट्टे की दरकार थी। इसमें सबसे ज्यादा 1235 परिवार बैतूल नगर पालिका क्षेत्र के थे। इनके अलावा शाहपुर नगर परिषद में 350, मुलताई में 25, सारणी में 21, आठनेर में 30, घोड़ाडोंगरी में 23 और भैंसदेही में 43 परिवार मिले थे। दूसरी ओर आमला, बैतूल बाजार और चिचोली में सर्वेक्षण के दौरान ऐसा एक भी परिवार नहीं मिला। बड़ी संख्या में मिले इन परिवारों को देखकर ऐसा लग रहा था कि जिले में सैकड़ों परिवारों को पट्टा वितरण हो सकेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मात्र 112 परिवार ही पाए गए पात्र
राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच-पड़ताल के बाद जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में मात्र 112 परिवार या हितग्राही ही पट्टे के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें बैतूल में 62, मुलताई में 15, आठनेर में 26, घोड़ाडोंगरी में 4 और भैंसदेही में 5 परिवार शामिल हैं। शेष 1615 परिवार पट्टे के लिए अपात्र पाए गए हैं। पात्र पाए गए परिवारों को जल्द ही पट्टा वितरण किया जाएगा। बताया जाता है कि अंतिम सूची बनने के बाद पट्टों को प्रिंट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि इन पात्र परिवारों को 20 फरवरी तक पट्टों का वितरण कर दिया जाएगा।
इन कारणों से हुए अपात्र घोषित
हितग्राहियों के बड़ी संख्या में पट्टे के लिए अपात्र होने की वजह शासन द्वारा तय मापदंड हैं। शासन द्वारा तय किया गया था कि रास्ते की जमीन, तालाब या नाले की जमीन, नदी के बिल्कुल किनारे जैसे स्थानों पर पट्टा नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा पट्टे उन्हीं परिवारों को दिए जाने हैं जो कि 31 दिसंबर 2020 या उससे पहले से उस जमीन पर काबिज हैं। इन मापदंडों पर खरे नहीं उतरने के कारण इन हितग्राहियों को अपात्र घोषित किया गया है।

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