Soybean Price Drop: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भावांतर योजना के तहत सोयाबीन बेचने की समय सीमा समाप्त होने के बाद जनवरी माह के दूसरे सप्ताह से सोयाबीन के दाम में आ रही तेजी का सिलसिला अब थमता नजर आ रहा है। फरवरी माह के पहले ही दिन 5600 रुपये के प्रचलित दाम पर बिकने वाले सोयाबीन के प्रचलित दाम पिछले 2 दिनों में ही तीन सौ रुपये कम होकर 5300 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए हैं। सोयाबीन के दाम कम होने से खाद्य तेल के दाम भी कम होने की संभावना जताई जा रही है। दाम कम होने से व्यापारी हड़बड़ी में सोयाबीन बेचने लगे हैं, जिससे बुधवार को कृषि उपज मंडी बैतूल में दो हजार क्विंटल से अधिक आवक हुई है।

सोयाबीन के दाम पिछले तीन साल से नहीं बढ़ने से सोयाबीन उत्पादक किसानों का सोयाबीन से मोहभंग होते जा रहा था। इस साल सरकार द्वारा किसानों को एमएसपी से कम दाम में सोयाबीन बिकने पर प्रदेश के मॉडल रेट के अनुसार भावांतर राशि दी गई। भावांतर में सोयाबीन बेचने की अंतिम तारीख 15 जनवरी थी। इसके बाद सोयाबीन के दाम लगातार बढ़ने लगे।

जनवरी माह में ही बैतूल कृषि उपज मंडी में सोयाबीन के प्रचलित दाम साढ़े पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। एक फरवरी को मंडी में सोयाबीन के प्रचलित दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल कम होकर बुधवार को 5300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। फरवरी माह के पहले दिन सोमवार को बैतूल मंडी में सोयाबीन के न्यनूतम दाम 4500 रुपये, अधिकतम दाम 5800 रुपये और प्रचलित दाम 5600 रुपये प्रति क्विंटल थे। मंगलवार को प्रचलित दाम दो सौ रुपये कम होकर 5400 रुपये और बुधवार को सौ रुपये क्विंटल कम होकर 5300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं।

दाम कम होने से बढ़ी आवक

बैतूल कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की आवक सोमवार को 1280 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो मंगलवार को कम होकर 871 क्विंटल हो गई थी। मंगलवार को प्रचलित दाम दो सौ रुपये क्विंटल कम होने से बुधवार को आवक लगभग ढाई गुणा बढ़कर 2073 क्विंटल हो गई है। जानकारों के अनुसार सोयाबीन के दाम और कम हो सकते हैं। सोयाबीन के दाम कम होने के खाद्य तेल के दाम भी कम हो सकते हैं।