►कार्यकर्ता सर्वोपरि: हेमंत खंडेलवाल ने बनाई सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था
►हेमंत खंडेलवाल की पहल से हर शिकायती आवेदन की रिपोर्ट अब सीधे प्रदेश अध्यक्ष को
►सहयोग सेल पोर्टल: खंडेलवाल का पारदर्शी और जवाबदेह संगठन मॉडल
►रोस्टर सिस्टम और डिजिटल ट्रैकिंग से कार्यकर्ताओं की सुनवाई सुनिश्चित: हेमंत खंडेलवाल की बड़ी पहल

मयूर भार्गव, बैतूल (Hemant Khandelwal Monitoring System)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के लिए संगठन की असली ताकत उनके कार्यकर्ता हैं, और यही कारण है कि वे उनके सुख-दुख को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। वे केवल राजनीतिक नेतृत्व नहीं, बल्कि एक संवेदनशील संरक्षक की भूमिका निभाते हुए दिन-रात कार्यकर्ताओं की चिंता करते हैं। कार्यकर्ताओं की सुनवाई सुनिश्चित हो और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो- इसके लिए उन्होंने सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। अब हर शिकायती आवेदन की एक्शन रिपोर्ट सीधे प्रदेश अध्यक्ष को देना अनिवार्य है। सहयोग सेल पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था बनाकर श्री खंडेलवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके लिए कार्यकर्ता ही सर्वोपरि हैं।

उल्लेखनीय है कि श्री खंडेलवाल की विशेष रूचि पर प्रदेश भाजपा कार्यालय भोपाल में कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को अब और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बना दिया गया है। सरकार के जिन मंत्रियों को पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें और आवेदन पर कार्यवाही करने की जिम्मेदारी दी गई हैं, उन्हें अब हर एक आवेदन की विस्तृत रिपोर्ट और उस पर लिए गए एक्शन की जानकारी सीधे प्रदेश अध्यक्ष को देना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था हाल ही में लागू की गई है। 

सहयोग सेल नाम से विशेष पोर्टल 

यह मंशा पूरी हो सके, इसके लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय में सहयोग सेल के नाम से एक विशेष पोर्टल भी तैयार किया गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री खंडेलवाल की पहल पर प्रदेश भाजपा कार्यालय में दोनों उप मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों को रोस्टर सिस्टम अनुसार बारी-बारी से कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और उसे हल करने के लिए बैठने के निर्देश दिए गए थे। 

इस सिस्टम में आई थी यह समस्या 

इस निर्देश के बाद मंत्रियों का यहां पर बैठना शुरू हुआ, लेकिन इसमे पार्टी के सामने एक बड़ी समस्या सामने आई। जिसमें यह पता नहीं चल पाता था कि किस जिले के किस कार्यकर्ता ने किस विषय को लेकर आवेदन दिया और उस आवेदन पर आगे क्या कार्रवाई हुई। इस कमी को दूर करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के निर्देश पर सहयोग सेल के लिए डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया। अब प्रत्येक आवेदन का रिकॉर्ड पार्टी के पास उपलब्ध रहेगा। 

पार्टी से जुड़े आवेदन पदाधिकारी लेंगे

पूर्व की व्यवस्था में यह बदलाव भी किया गया है कि अब मंत्रियों के साथ संगठन के एक पदाधिकारी को भी अनिवार्य रूप से रोस्टर सिस्टम के तहत बिठाया जाएगा। पार्टी पदाधिकारी संगठन से संबंधित आवेदन लेंगे और उनका समाधान करेंगे। उन्हें भी इस संबंध में जानकारी तय समय में प्रदेश अध्यक्ष का देना होगी।

पहले पोर्टल पर दर्ज कराना होगा आवेदन 

सहयोग सेल के जरिए अब कार्यकर्ताओं को सीधे आवदेन लेकर मंत्रियों के पास जाने की बजाय पहले इस पोर्टल पर अपना आवेदन दर्ज कराना होगा। आवेदन दर्ज होते ही कार्यकर्ता को एक टोकन नंबर मिलेगा जिसके आधार पर वह मंत्री के पास आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। खास बात यह है कि दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित सभी मंत्रियों को हर आवेदन पर कार्रवाई की जानकारी भी तय फार्मेट में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को देना होगी।

यदि कोई आवेदन जिले से जुड़ा हुआ है तो मंत्री को स्पष्ट करना होगा कि जिले के किस अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। यदि आवेदन का समाधान प्रदेश स्तर पर संभव है तो मंत्री को यह बताना होगा कि उन्होंने किस अधिकारी या विभागीय स्तर पर क्या पहल की? यह पूरी जानकारी दो से तीन दिन के भीतर उन्हें अपने प्रदेश अध्यक्ष तक भेजना होगी। इन सभी व्यवस्थाओं से अब कार्यकर्ता की न केवल उपेक्षा नहीं होगी बल्कि हर समस्या का निराकरण भी होगा।