Betul Nagar Palika Sammelan: नपा सम्मेलन में शहरवासियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, पानी और कचरा कलेक्शन शुल्क में भारी वृद्धि
Betul Nagar Palika Sammelan: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका परिषद का शुक्रवार सम्मेलन शुक्रवार को बाल मंदिर स्थित सभाकक्ष में हुआ। नगर पालिका अध्यक्ष पार्वतीबाई बारस्कर की अध्यक्षता में सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में सीएमओ सतीश मटसेनिया, उपाध्यक्ष महेश राठौर, सभी पार्षद एवं नपा के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सम्मेलन में रखे गए प्रस्तावों पर लिए गए कुछ निर्णयों से जहां शहरवासियों का बोझ काफी बढ़ गया है वहीं दूसरी ओर कई बड़ी सौगातें भी मिली हैं।
सम्मेलन में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पानी को लेकर लिए गए। अब नपा का टैंकर बुलाना महंगा पड़ेगा। घरेलू कार्य के लिए 3000 लीटर का टैंकर अभी तक 250 रुपये में आता था, लेकिन अब इसके लिए 400 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह व्यवसायिक कार्य के लिए 400 रुपये की जगह अब 600 रुपये देने होंगे। इसी तरह अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए भी अब ज्यादा राशि अदा करना होगा। अभी तक इसके लिए 7000 रुपये लिए जाते थे, लेकिन अब इसके लिए 11000 रुपये देने होंगे।
कचरा कलेक्शन शुल्क में भारी बढ़ोतरी
इसी तरह विभिन्न स्वच्छता शुल्कों में भी खासी बढ़ोतरी हुई है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए अभी आवासीय हेतु मासिक 20 रुपये मासिक और 240 रुपये वार्षिक देने होते हैं, वहीं व्यवसायिक के लिए 150 रुपये मासिक और 1800 रुपये वार्षिक लगते हैं। अब आवासीय हेतु 100 रुपये मासिक तथा 1200 रुपये वार्षिक तथा व्यवसायिक के लिए मासिक 1000 रुपये व वार्षिक 12000 रुपये देने होंगे।
सेप्टिक टैंक की सफाई भी हुई महंगी
इसी तरह सेप्टिक टैंक की सफाई कराना भी अब महंगा हो जाएगा। अभी तक यह कार्य 10 रुपये प्रति घनफीट के आधार पर होता था। इससे लगभग 7-8 सौ रुपये में एक टैंक साफ हो जाता था। अब नगर पालिका ने यह शुल्क सीधे बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति टैंकर कर दिया है। इससे टैंकर पूरा भरे या नहीं, लोगों को 3000 रुपये देने ही होंगे। पार्षदों ने अचानक इतनी राशि बढ़ाने का विरोध भी किया, लेकिन शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव पर सहमति ले ही ली गई।
समारोहों में सफाई की यह नई दरें
शादी व अन्य समारोह स्थल से केवल कचरा कलेक्शन के अभी तक 1000 रुपये लिए जाते थे। इसे बढ़ाकर अब 2500 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह समारोह स्थल पर सफाई करवा कर कचरा कलेक्शन के लिए अभी तक 2000 रुपये लिए जाते थे, लेकिन अब 4000 रुपये लिए जाएंगे। इन सभी निर्णयों का सीधा असर नगरवासियों पर पड़ेगा। अब इन सेवाओं के लिए उन्हें ज्यादा राशि अदा करना होगा। इससे गरीब वर्ग को खासी परेशानी झेलना होगा।
डिस्पोजल-पॉलीथिन पर होगी सख्ती
एक महत्वपूर्ण निर्णय डिस्पोजल और पॉलीथिन के उपयोग पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब दुकानदार या मैरिज गॉर्डन में डिस्पोजल या पॉलीथिन का उपयोग पाए जाने पर पहली बार में 11 हजार, दूसरी बार में 21 हजार, तीसरी बार में 51 हजार और चौथी बार में दुकान या मैरिज गार्डन पर तालाबंदी कर दी जाएगी और लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
इन निर्णयों से बढ़ेगी लोगों की सुविधा
दूसरी ओर कुछ निर्णय ऐसे भी लिए गए जिनसे आम लोगों को ज्यादा और बड़े शहरों की तरह सुविधाएं मिल सकेंगी। इनमें एक शहर की बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए नया फिल्टर प्लांट बनाने का निर्णय है। इसके लिए परिषद ने प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इसी तरह अमृत 2.0 योजना के तहत बैतूल शहर के सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्य हेतु प्राप्त 75 करोड़, 55 लाख, 61 हजार, 246 रुपये की दर को भी परिषद की मंजूरी मिल गई है। इससे यह कार्य जल्द शुरू हो सकेगा।
इन निर्णयों से जनता को मिलेगी राहत
सम्मेलन में कई निर्णय ऐसे भी लिए गए हैं, जिनसे जनता को राहत मिलेगी। इसके अनुसा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के बीएलसी घटक के तहत स्वीकृत नवीन आवासों को नि:शुल्क ऑफलाइन भवन अनुज्ञप्ति जारी की जाएगी। अमृत योजना के अंतर्गत मोती वार्ड में पाइप लाइन का विस्तार किया जाएगा। चौपाटी बाजार का भी नवीन निर्माण किया जाएगा। शहर के सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया।
नालों पर होगा रिटर्निंग वाल का निर्माण
शहर के शंकर वार्ड, विकास वार्ड, चंद्रशेखर वार्ड, भगतसिंह वार्ड एवं मोती वार्ड में रिटर्निंग वाल/नाला निर्माण कार्य एसडीआरएफ मद से करने का निर्णय भी लिया गया। हालांकि पार्षद विकास प्रधान के हस्तक्षेप से इसमें 2 अन्य वार्डों को भी जोड़ा गया, जहां हाथी नाले की काफी लंबाई है। साथ ही रिटर्निंग वाल बनाने के पहले नाला का सीमांकन करने का निर्णय भी लिया गया। इनके अलावा एजेंडे में शामिल सड़क, पुलिया, नाली निर्माण व पेविंग ब्लॉक फिक्सिंग के कार्य कराने के निर्णय लिए गए।
पार्षद रहे शांत, कर्मचारियों ने मचाया जमकर हंगामा, सभा कक्ष में घुसे

आज हुए नगर पालिका के सम्मेलन का नजारा स्थगित हुए सम्मेलन से बिल्कुल जुदा था। पिछली बार सम्मेलन की शुरूआत होते ही पार्षदों का हंगामा मचना शुरू हो गया था, लेकिन आज पार्षद बिल्कुल शांत थे। इसके विपरीत आज नगर पालिका के कर्मचारियों ने जमकर हंगामा मचाया। स्थिति यहां तक पहुंची कि वे सभा कक्ष में तक जा धमके, जहां पर सम्मेलन चल रहा था।
स्थगित हुए सम्मेलन में एजेंडा बनाने में पार्षदों की सहमति नहीं लेने तथा उनके प्रस्तावों को शामिल नहीं किए जाने को लेकर सबसे ज्यादा हंगामा हुआ था। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट को लेकर भी काफी हंगामा हुआ था। मजेदार बात यह रही कि आज यह मुद्दे उठे ही नहीं। सत्ता पक्ष ही नहीं बल्कि आश्चर्यजनक रूप से विपक्ष के पार्षद भी आज खामोश जैसे ही रहे। इक्का-दुक्का पार्षदों ने कुछेक मुद्दे उठाए भी, लेकिन वह भी केवल अपनी मौजूदगी भर दर्ज कराने का प्रयास ज्यादा लगा। स्थिति यह थी कि पूरा सम्मेलन शांति के साथ संपन्न हुआ और सभी प्रस्तावों पर भी फटाफट निर्णय ले लिए गए। कुछ पार्षद तो सम्मेलन खत्म होने के पहले ही सभा कक्ष से निकल कर चले गए।
जिला जेल के मुद्दे पर लिखेंगे पत्र
नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दीवान द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर जिला जेल की जमीन का मुद्दा आज अलग से एजेंडे में शामिल किया गया था। इस मुद्दे पर निर्णय लिया गया कि इस मामले में जांच करवाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा जाएगा। पार्षद अशोक नागले ने पंप चालकों द्वारा पार्षद की भी बात नहीं सुनने का मुद्दा उठाया। वहीं पार्षद कदीर खान ने कृष्णपुरा और आजाद वार्ड में गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाया।
पुराने टेंडर वाले काम कब शुरू होंगे
पार्षद नंदिनी तिवारी ने मुद्दा उठाया कि जो पुराने टेंडर लगे थे, वे काम आखिर कब होंगे। वार्डों के पार्कों की देखरेख के लिए कर्मचारी नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने स्ट्रीट लाइट बंद रहने की बात भी कही। नेता प्रतिपक्ष ने सदर का सार्वजनिक शौचालय बनने के बाद 3 माह से बंद रहने की जानकारी देते हुए उसे शीघ्र चालू कराने की मांग की। पार्षद विकास प्रधान ने चौराहों या वार्डों के धार्मिक स्थल न हटाए जाने का मुद्दा उठाया। साथ ही हाथी नाले का सीमांकन कराने की मांग भी उठाई।
कर्मचारियों ने बुलंद की आवाज
आज एक ओर जहां पार्षद खामोश रहे वहीं नपा कर्मचारियों ने वेतन में लेटलतीफी को लेकर अपनी आवाज उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मदन विनोदकर के नेतृत्व में पहले तो कर्मचारियों ने सभा कक्ष के सामने नारेबाजी की, उसके बाद वे गेट पर आए, फिर बरामदे में पहुंचे। यहां भी उनका ज्ञापन नहीं लिया तो वे सीधे सभाकक्ष में पहुंच गए, जहां पर सम्मेलन चल रहा था। यहां अध्यक्ष और सीएमओ ने उनसे सम्मेलन के बाद चर्चा करने को कहा पर कर्मचारी तुरंत समस्या सुनने को लेकर अड़े रहे। इस दौरान सीएमओ ने कर्मचारियों को यह कहकर थोड़ी फटकार भी लगाई कि हीरो मत बनो। थोड़ी समझाइश के बाद कर्मचारी बाहर निकल गए और फिर सम्मेलन के बाद अध्यक्ष और सीएमओ से मिले।

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