Sadar Under Bridge Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। लगभग ११ साल पहले बंद हुए सदर रेलवे फाटक के स्थान पर रेलवे द्वारा प्रस्तावित अंडर ब्रिज की फाईल पिदले लगभग ८ माह से मंत्रालय में धूल खा रही है। सदर में प्रस्तावित ४ ट्रेक अण्डर ब्रिज की ड्राइंग डिजाइन एवं एस्टीमेट तैयार हुए ८ माह से अधिक का समय बीत गया है। जनप्रतिनिधि यदि ईमानदारी से थोड़ा सा भी प्रयास करे तो सदर अंडर ब्रिज की सौगात आसानी से मिल सकती है, लेकिन जिम्मेदारी जनप्रतिनिधयों की बेरूखी से अब तो लग रहा है कि कहीं सदर अंडर ब्रिज की सौगात हाथ से निकल न जाए। यदि सदर अण्डर ब्रिज बनता है तब ही माचना नदी के करबला घाट पर १८.४३ करोड़ रूपए की लागत से बन रहे पुल और पहुंच मार्ग की उपयोगिता सार्थक होगी और खेड़ी मार्ग से आने वाले लगभग ५ सैकड़ा गांव के ग्रामवासी सीधे शहर पहुंच पाएगे। अन्यथा १८.४३ करोड़ का पुल बनने के बाद भी शहर आने के लिए बडोरा का फेरा लगाने की मजबूरी बनी रहेगी।

११ साल से हो रही अण्डर ब्रिज की मांग

शहर के सदर क्षेत्र में ११ साल पहले तक समपार फाटक संख्या २५६ (सदर गेट) स्थित था। इस गेट से खेड़ी, चिचोली, भैंसदेही, दामजीपुरा, खंडवा, इंदौर, परतवाड़ा क्षेत्र के लगभग ५ सैकड़ा गांव के ग्रामीण आवागमन करते थे। उस समय भी यहां से प्रतिदिन लगभग १० हजार वाहन गुजरते थे, लेकिन सदर ओवर ब्रिज बनने के बाद रेलवे द्वारा ३० सितम्बर २०१५ को सदर रेलवे गेट हमेशा के लिए बंद कर दिया था। तब से इस मार्ग से शहर आने वाले ५ सैकड़ा गांव के ग्रामीणों को शहर आने के लिए माचना ब्रिज बडोरा तक फेरा लगाना पड़ रहा है। रेलवे फाटक बंद होने के बाद से ही पांच सैकड़ा के ग्रामीण सदर में अण्डर ब्रिज बनाने की मांग कर रहे है।

रेलवे ने तैयार की ड्राइंग डिजाइन

जिलेवासियों और तात्कालीन जनप्रतिनिधियों की मांग पर रेलवे द्वारा बैतूल-मरामझिरी सेक्शन के किलोमीटर ८५०-२४० पर सदर क्षेत्र में अण्डर ब्रिज का प्रस्ताव बनाया था। रेलवे द्वारा यहां पर ४ ट्रेक रेलवे लाईन के हिसाब से ड्रांइग डिजाइन और एस्टीमेट तैयार कर लिया है। लगभग ८ माह पूर्व जून २०२५ में मध्य रेलवे नागपुर मंडल मुख्यालय में रेल उपयोगकर्त्ता सलाहकार समिति की बैठक में समिति सदस्य मोहन नागर के द्वारा अण्डर  ब्रिज निर्माण के सवाल पर रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि सदर क्षेत्र में प्रस्तावित अण्डर ब्रिज की ड्रांइग डिजाइन और एस्टीमेट जीएडी स्वीकृति के अधीन है। 

थोड़े से प्रयास से मिल सकती है सौगात

रेलवे के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सदर अण्डर ब्रिज के साथ ही जिले के ६ अन्य अण्डर ब्रिज के प्रस्तावों की फाईल रेलवे मंत्रालय में तैयार है। यदि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि थोड़ा सा भी प्रयास करे तो शीघ्र स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए जिले के जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से रेल मंत्री से मिलकर मांग करे तो सदर अण्डर ब्रिज के साथ ही एक दो दूसरे ब्रिज की भी स्वीकृति मिल सकती है, लेकिन लगता है जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को अण्डर ब्रिज बनाने की रूचि ही नहीं है। जिससे अण्डर ब्रिज की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। अब तो ऐसा लग रहा है माननीयों की बेरूखी से कहीं यह सौगात जिलेवासियों के हाथ से न निकल जाए।

अंडर ब्रिज बनने से होगी १८ करोड़ के पुलि की सही उपयोगिता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के अथक प्रयासों से जिले को हाल ही में बैतूल-खेड़ी मार्ग पर माचना नदी के करबला घाट पर १८.४३ करोड़ रूपए के फोरलेन पुल और पहुंच मार्ग की सौगात मिली है। १८ जनवरी को इस पुल का भूमिपूजन भी हो चुका है। लगभग १०० मीटर लंबे बनने वाले इस फोरलेन पुल की सही उपयोगिता सदर अंडर ब्रिज बनने से ही होगी। शहर के बाहर से गुजरने वाले नागपुर-भोपाल फोरलेन के साथ ही बैतूल-इंदौर फोरलेन और खंडवा फोरलेन से आने वाले वाहन और उस मार्ग के लगभग ५ सैकड़ा गांव के ग्रामीण करबला ब्रिज पार कर सदर अण्डर ब्रिज से सीधे शहर में प्रवेश कर पाएगें।

अन्यथा यदि वे करबला पुल से आते भी तो उन्हें माचना ब्रिज बडोरा से ओवर ब्रिज होते हुए गेंदा चौक से शहर में प्रवेश करना होगा। तब शायद अधिकतर वाहन चालक वर्त्तमान मार्ग से ही शहर में प्रवेश करे और करबला पुल का वास्तवकि उपयोग न हो पाए। जिलेवासियों ने जिले के जनप्रतिनिधयों से मांग की है कि वे एक बार रेल मंत्री से मिलकर ईमानदारी से सदर अण्डर ब्रिज निर्माण स्वीकृति करवाने की पहल करें तो जिलेवासियों को यह सौगात आसानी से मिल जाएगी।