Wheat Procurement Registration: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रदेश शासन ने वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होंगे और 7 मार्च तक चलेंगे। इस साल शासन ने ऐसी व्यवस्था की है कि किसानों को पंजीयन के लिए लंबी कतार में नहीं लगना होगा। 

गेहूं खरीदी के लिए किसान पंजीयन का कार्य 7 फरवरी से शुरू होगा और 7 मार्च तक चलेगा। किसानों को कतार में न लगना पड़े, इसके लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में भी पंजीयन सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी पंजीयन कराए जा सकेंगे। इन सभी केंद्रों पर पंजीयन नि:शुल्क होगा।

इनके अलावा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र एवं निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर भी पंजीयन कराया जा सकेगा, हालांकि यहां पर शुल्क लगेगा। पंजीयन के लिए किसान से 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। 

इनके दस्तावेजों का रखा जाएगा रिकॉर्ड 

जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि पंजीयन के लिए भूमि, सिकमी, बंटाईदार अनुबंध, कोटवार एवं वन पट्टाधारी के दस्तावेज एवं किसान के आधार एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बंटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधरी किसान के पंजीयन केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी कराया जा सकेगा। इन श्रेणियों के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अमले द्वारा किया जाएगा। 

आधार लिंक बैंक खाते में ही भुगतान

किसानों को उपज बिक्री का भुगतान उनके आधार लिंक बैंक खाते में ही किया जाएगा। इसमें कोई समस्या आने पर पंजीयन में उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। पंजीयन कराने और फसल बेचने आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन केवल उसी स्थिति में होगा जब किसान के भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।