Online Tax Collection Betul: ऑनलाइन वसूली के सख्त आदेश से एआरआई असमंजस में, नकद लेने पर कार्रवाई की चेतावनी
Online Tax Collection Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका के सहायक राजस्व निरीक्षकों (एआरआई) के लिए इधर कुआं, उधर खाई की स्थिति बन गई है। एक ओर अधिकारी केवल ऑनलाइन वसूली किए जाने के फरमान पर फरमान जारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोग नकद रुपये थमा रहे हैं। अब ऐसे में वे नकदी नहीं लेते हैं तो वसूली कम होगी, यदि लेते हैं तो कार्रवाई की तलवार लटक रही है। दोनों ही स्थितियों में नुकसान उनका ही होना है।
गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने काफी पहले ही जनता से करों की राशि नकदी की जगह केवल ऑनलाइन रूप से लिए जाने के आदेश जारी कर दिए थे। इस आदेश में साफ कहा गया था कि सभी तरह के करों की वसूली केवल और केवल ऑनलाइन ही की जाएगी। इसके लिए नगरीय निकायों ने एआईआर को पीओएस मशीन देने के साथ ही अन्य सभी व्यवस्थाएं भी की है। इस आदेश पर जब सख्ती से अमल करना शुरू किया गया तो इसका सीधा असर वसूली पर पड़ने लगा। एक तो नगरीय निकायों की वसूली वैसे ही कम होती है, इस आदेश का पालन करने पर इसमें और कमी हो गई।
अभी तक दोनों ही माध्यम से वसूली
इन हालातों में नगर पालिका के सहायक राजस्व निरीक्षक दोनों ही माध्यम से वसूली कर रहे थे। वे जहां से नकद राशि मिल रही थी, वहां से नकद ले लेते थे और जो ऑनलाइन भुगतान करते थे, उनसे ऑनलाइन भुगतान ले लेते थे। इससे आदेश का उल्लंघन तो हो रहा था, लेकिन वसूली पर ज्यादा असर नहीं पड़ रहा था। हालांकि इससे अफसर खुश नहीं थे। यही कारण है कि समय-समय पर आदेश जारी कर ऑनलाइन भुगतान ही लेने को कहा जाता रहा।
अब सीएमओ ने दी अंतिम चेतावनी
इसे देखते हुए अब नपा सीएमओ ने सभी एआरआई को अंतिम आदेश जारी कर चेतावनी दी है। 28 जनवरी को जारी इस आदेश में कहा गया है कि संभागीय कमिश्रर द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नकद राशि लिया जाना प्रतिबंधित है। अन्यथा संबंधित सहायक राजस्व निरीक्षक स्वयं जवाबदार रहेंगे। उक्त आदेश एवं स्वयं के दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन किया जाएं। इस आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
पीओएस मशीन से की जाएं वसूली
आदेश में यह भी कहा गया है कि पूर्व में घर-घर जाकर संपर्क कर पीओएस मशीन से ही अधिक से अधिक वसूली करें, लेकिन 1-2 एआरआई को छोड़कर किसी भी कर्मचारी ने इसका पालन नहीं किया। यह कर्तव्य के प्रति लापरवाही का द्योतक और कार्यप्रणाली पर प्रश्रचिन्ह है। अब पुन: आदेशित किया गया है कि घर-घर संपर्क कर पीओएस मशीन से अधिक से अधिक वसूली करें और जिन भवन स्वामियों से संपर्क किया गया है, उनकी सूची 11 फरवरी को आयोजित बैठक में मोबाइल नंबर सहित प्रस्तुत करें।
एआरआई को पेश आ रही यह दिक्कतें
अफसर आदेश तो जारी कर दे रहे हैं, लेकिन एआरआई के सामने इसका पालन करने में समस्या आ रही है। कई एआरआई का कहना है कि आज भी कई लोग ऐसे हैं जो कि ऑनलाइन भुगतान कर ही नहीं सकते हैं। इनके भुगतान करने को तैयार रहने पर भी यदि उनसे राशि न लें तो वसूली कम होगी। इसके लिए भी उन पर कार्रवाई होती है। दूसरी ओर यदि ज्यादा से ज्यादा वसूली के चक्कर में नकद राशि ज्यादा ले ले तो उसके लिए भी कार्रवाई होने का डर है। ऐसे में हम करें तो क्या करें, यह बात समझ में नहीं आ रही है।
इस साल वसूली में वैसे ही चल रहे पीछे
इस साल नगर पालिका की वसूली वैसे ही काफी पीछे चल रही है। इसके चलते ज्यादा से ज्यादा वसूली का भी दबाव है। वर्ष 2025-26 के लिए वसूली का जो लक्ष्य है, उसके मुकाबले अभी तक महज 39.12 प्रतिशत वसूली ही हो पाई है। जबकि वित्त वर्ष समाप्त होने को अब महज 2 महीने बाकी हैं।
किस कर की कितनी हुई वसूली
- संपत्ति कर की इस साल 7 करोड़, 15 लाख, 22 हजार, 633 रुपये की वसूली की जाना था। इसमें से अभी तक 3 करोड़, 41 लाख, 18 हजार, 629 रुपये ही वसूल हो पाए हैं। यह 47.70 प्रतिशत है।
- जल कर की इस साल 3 करोड़, 63 लाख, 83 हजार, 621 रुपये की वसूली की जाना था। इसमें से अभी तक 1 करोड़, 03 लाख, 06 हजार, 150 रुपये ही वसूल हो पाए हैं। यह महज 28.33 प्रतिशत है।
- दुकान किराया एवं भवन-भूमि किराया के रूप में 84 लाख, 87 हजार, 081 रुपये वसूल किए जाने थे। इसमें से अभी तक 35 लाख, 09 हजार, 565 रुपये ही वसूल हो पाए हैं। यह 41.35 प्रतिशत ही है।

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