Dr Seema Bhadoria: डॉ. सीमा भदौरिया ने दिव्यांग बच्चों को दी नई उड़ान; सेवा, संवेदना और संकल्प का गणतंत्र दिवस पर हुआ सम्मान
Dr Seema Bhadoria: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जब समाज का एक बड़ा हिस्सा सीमाओं को ही नियति मान लेता है, तब कुछ लोग उन्हीं सीमाओं को अवसर में बदलने का साहस दिखाते हैं। बैतूल की डॉ. सीमा भदौरिया ऐसी ही प्रेरणादायी शख्सियत हैं, जिन्होंने दिव्यांग बच्चों के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का दीप प्रज्जवलित किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय अस्थि बाधितार्थ हायर सेकेंडरी स्कूल, बालगृह बैतूल की अधीक्षक के रूप में वे बीते लगभग 15 वर्षों से न केवल एक प्रशासक की भूमिका निभा रही हैं, बल्कि सैकड़ों बच्चों के लिए मार्गदर्शक, संरक्षक और प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं। उनकी इन्हीं मूल्यवान सेवाओं के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
डॉक्टर सीमा भदौरिया को 26 जनवरी को पुलिस परेड ग्राउंड बैतूल में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में आमला विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे एवं बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर शुभकामनाएं दी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन, पूर्व विधायक अलकेश आर्य, एसडीएम डॉक्टर अभिजीत सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे भी मौजूद रहे। दिव्यांग सशक्तिकरण की मिसाल बनी डॉक्टर सीमा भदौरिया के सम्मानित होने पर केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित जिले के सभी विधायकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शुभकामनाएं दी हैं।
दिव्यांग बच्चों का 15 साल से संवार रहीं भविष्य
गणतंत्र दिवस के अवसर पर बैतूल जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित की गईं शासकीय अस्थि बाधितार्थ हायर सेकेंडरी स्कूल, बालगृह बैतूल की अधीक्षक डॉक्टर सीमा भदौरिया बीते लगभग डेढ़ दशक से दिव्यांग बच्चों का भविष्य संवारने के लिए सतत कार्य कर रही हैं। विशेष शिक्षिका, ब्लॉक जेंडर कोऑर्डिनेटर, नि:शक्त बालिका छात्रावास बैतूल की अधीक्षिका सहित शासकीय अस्थि बाधितार्थ हायर सेकेंडरी स्कूल बैतूल, बाल गृह बैतूल में व्याख्याता एवं अधीक्षक के पदों पर रहते हुए डॉक्टर सीमा भदौरिया द्वारा दिव्यांग छात्र-छात्राओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्वरोजगार अनुशासन के लिए मानवीय संवेदना, समर्पण एवं सेवा भावना से सतत कार्य किया जा रहा है। परिणाम स्वरुप दिव्यांग विद्यार्थी शिक्षित और आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो रहे हैं।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा रहे दिव्यांग बच्चे
दिव्यांगों की शिक्षा के क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन शासकीय पदों पर रहते हुए डॉक्टर सीमा भदौरिया ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उनके समग्र विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी डॉक्टर भदौरिया ने दिव्यांग बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाकर उन्हें सशक्त करने में खेलों को माध्यम बनाया और इसी पर ज्यादा फोकस रखकर बच्चों को सतत प्रशिक्षण दिया। उनके मार्गदर्शन के परिणाम स्वरुप नि:शक्त बालिका छात्रावास सदर बैतूल की दृष्टिबाधित छात्रा कुमारी दुर्गा येवले ने विश्व विजेता टी20 वूमेन ब्लाइंड क्रिकेट टीम में शामिल होकर बैतूल जिले को गौरवान्वित किया। इसी छात्रावास की अन्य छात्राएं क्रिकेट में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। साथ ही शासकीय अस्थि बाधितार्थ हायर सेकेंडरी स्कूल बालगृह बैतूल के अस्थि बाधितार्थ दिव्यांग बच्चों द्वारा भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय स्पर्श मेला में स्वनिर्मित हस्तशिल्प प्रदर्शनी सहित खेल, कला, सांस्कृतिक विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिव्यांग बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। डॉ. सीमा भदौरिया का मानना है कि दिव्यांग बच्चों का सशक्तीकरण सभी की जिम्मेदारी है। दिव्यांगों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए परिवार के साथ ही समुदाय की भी सहभागिता जरूरी है।

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