Heavy Workout Side Effects: अचानक हैवी वर्कआउट पड़ा भारी: 200 डिप्स के बाद किशोर को हुआ रेब्डोमायोलिसिस, किडनी फेल होने का खतरा
►अत्यधिक परिश्रम से गलने लगी थीं मांस-पेशियां, जम रही थी किडनी में, हो जाती फेल
Heavy Workout Side Effects: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। सेहतमंद और शारीरिक रूप से चुस्त-दुरूस्त रहने के लिए कसरत करना बेहद जरुरी है, लेकिन पहले ही दिन भारी-भरकम वर्क आउट कर लेना या अचानक ढेर सारी कसरत कर लेना फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं, हालात इस कदर बिगड़ सकते हैं कि यह जुनून आपकी जान के लिए खतरा तक बन सकता है। बैतूल में एक 15 साल के साथ ऐसा ही हुआ। सामान्य से विपरीत डेढ़ से दो सौ डिप्स लगाकर यह किशोर एक दुर्लभ रोग रेब्टोमायोलेसिस से पीड़ित हो गया। शुक्र था कि वह जल्द ही डॉक्टर के पास पहुंच गया और डॉक्टर ने भी यह बीमारी तुरंत पकड़ कर इलाज शुरू कर दिया। अन्यथा किडनी फेल होने से उसकी जान भी जा सकती थी।
यह मामला हाल ही में लिंक रोड बैतूल स्थित मेडिकेयर हॉस्पिटल पहुंचा। यहां 17 जनवरी को एक 15 साल का बालक पहुंचा। अस्पताल के संचालक डॉ. मनोज अग्रवाल बताते हैं कि बालक को एमडी मेडिसिन डॉ. अमरेंद्र सिंह कुशवाह ने देखा। बालक ने बताया कि उसने जिम ज्वाइन की थी और अचानक ही जोश-जोश में डेढ़-दो सौ डिप्स लगा ली। जिसके कारण उसका पूरा शरीर टूटा हुआ महसूस हो रहा था, बेहद थकान लग रही थी और उसे काले रंग की पेशाब हो रही थी। इस पर डॉ. कुशवाह समझ गए कि बालक दुर्लभ रोग रेब्टोमायोलेसिस से पीड़ित हो गया है।
जांच में सही पाई गई संभावना
उन्होंने तत्काल ही सीटी स्कैन कराया और उसके ब्लड की जांच कराई तो यह देख कर वे हैरत में पड़ गए कि ब्लड में क्रिएटिनीनी क्रायनेस 20 हजार से ज्यादा यूनिट थी, जबकि यह 20 से 200 यूनिट ही होनी चाहिए। उसकी मांसपेशियां गल रही थी और वे किडनी में जाकर जम रही थी। इससे बहुत जल्द ही उसकी किडनी फेल हो जाती।
तुरंत शुरू किया बालक का इलाज
बालक का उपचार करने वाले चिकित्सक डॉ. कुशवाह बताते हैं कि रेब्टोमायोलेसिस बीमारी एक दुर्लभ रोग है जो कि एक लाख में से 2 लोगों को ही होता है। इस रोग की पुष्टि होते ही बालक का इलाज शुरू किया गया। सही समय पर बीमारी पकड़ में आ जाने और तुरंत इलाज शुरू होने से बालक की स्थिति तेजी से सुधरने लगी और 19 जनवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। यदि तुरंत इलाज शुरू नहीं होता तो बालक की किडनी फेल हो जाती और उसकी जान को भी निश्चित रूप से खतरा उत्पन्न हो जाता।
उत्साह में बिल्कुल भी न करें अति, जा सकती है कीमती जान
इस केस के सामने आने के बाद डॉ. अग्रवाल और डॉ. कुशवाह ने युवाओं से अपील की है कि वे उत्साह में बिल्कुल भी अति न करें। ऐसा करने से यह कीमती जान जा भी सकती है। उन्होंने जिम जाने वाले किशोरों और युवाओं से कहा कि वे जिम में प्रशिक्षित प्रशिक्षक की देखरेख और मार्गदर्शन में ही वर्क आउट करें। वर्क आउट करने में न अति करें और न ही अचानक बहुत ज्यादा वर्क आउट ही करें। वर्क आउट के बाद कोई भी दिक्कत आए या इस तरह के कोई लक्षण रहे तो उन्हें बिल्कुल अनदेखा न करें। कोई भी शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत ही फिजिशियन को दिखाएं ताकि सही समय पर और सही इलाज हो सके।

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