Municipal Sanitation Charges Hike: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहरवासियों को जल्द ही नगर पालिका की स्वच्छता संबंधी सेवाओं के लिए ज्यादा शुल्क अदा करना होगा। इन सेवाओं पर होने वाले वास्तविक खर्च, खराब आर्थिक स्थिति और शासन के निर्देशों के मद्देनजर यह प्रस्ताव पारित होने की पूरी संभावना है। यही कारण है कि साफ-सफाई से जुड़े शुल्क कई गुना बढ़ जाएंगे। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा। 
नगर पालिका द्वारा शहर वासियों को डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के अलावा सेप्टिक टेंक की सफाई, शादी व अन्य

समारोह में सफाई व कचरा कलेक्शन आदि की सेवाएं दी जाती है। नपा अधिकारियों का मानना है कि इन सेवाओं के लिए अभी जो शुल्क लिया जा रहा है, उससे कई गुना अधिक का खर्च नगर पालिका को करना होता है। हालांकि यह सेवाएं अत्यावश्यक होने के कारण लागत नहीं निकलने के बावजूद नगर पालिका यह सभी कार्य करती है। 

खराब चल रही आर्थिक स्थिति 

इधर दूसरी ओर इन दिनों नपा की आर्थिक स्थिति बेहद खराब चल रही है। यहां तक कि कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा शासन द्वारा भी समय-समय पर करों में बढ़ोतरी किए जाने के निर्देश दिए जाते हैं। इन्हीं सबके चलते नपा ने हाल में आयोजित किए गए सम्मेलन में शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। हालांकि सम्मेलन के स्थगित हो जाने से यह पारित नहीं हो सका। 

फिर से रखा जाएगा यह प्रस्ताव 

इस प्रस्ताव का हालांकि पार्षदों द्वारा भी विरोध किया जा रहा है। इसके बावजूद आय में बढ़ोतरी और शासन के निर्देशों का हवाला देकर दोबारा यह प्रस्ताव एजेंडे में शामिल होना ही है और पूरी संभावना यह भी है कि यह प्रस्ताव पारित भी हो जाएगा। इससे लोगों को इन सेवाओं के लिए ज्यादा राशि अदा करने को मजबूर होना पड़ेगा। 

कितना शुल्क बढ़ाने की है तैयारी 

नगर पालिका अभी कचरा कलेक्शन शुल्क आवासीय और गैर आवासीय के लिए 20 रुपये प्रतिमाह और 240 वार्षिक शुल्क लेती है। इसे बढ़ाकर मासिक 100 रुपये और वार्षिक 1200 रुपये करने की तैयारी है। इसी तरह औद्योगिक ईकाइयों से 150 रुपये मासिक और 1800 रुपये वार्षिक लिए जाते हैं। इसे बढ़ाकर मासिक 1000 रुपये और वार्षिक 12000 रुपये किए जाने की तैयारी है। 

सेप्टिक टैंक सफाई भी होगी महंगी 

सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए नगर पालिका अभी 10 रुपये प्रति घनफीट के हिसाब से राशि लेती है। अब इसे बढ़ाकर सीधे 3000 रुपये किए जाने की तैयारी है। इससे सेप्टिक टैंक की सफाई करवाना भी खासा महंगा पड़ेगा। 

शादी समारोह के लिए दोगुना शुल्क 

इसी तरह शादी या अन्य समारोह स्थल से केवल कचरा कलेक्शन का अभी नगर पालिका प्रत्येक कार्यक्रम का 1000 रुपये लेती है। इसे बढ़ाकर 2500 रुपये करने की तैयारी है। इसी तरह समारोह स्थल पर सफाई कराकर कचरा उठाने का शुल्क अभी 2000 रुपये लिया जा रहा है। इसे भी बढ़ाकर 4000 रुपये यानी दोगुना करने की तैयारी है। 

वास्तव में इतना होता है नपा का खर्च 

अधिकारियों के अनुसार एक घर से कचरा कलेक्शन में नगर पालिका का 5 से 6 सौ रुपये का खर्च होता है। हालांकि लोगों पर इसका पूरा-पूरा भार न आए, इसलिए नगर पालिका नागरिकों से नाममात्र का शुल्क लेती है। यदि पूरी-पूरी राशि वसूलना शुरू कर दी जाए तो बड़ी संख्या में लोग कचरा देना ही बंद कर देंगे और अपने घरों के आसपास गंदगी फैलाने लगेंगे। 

पानी के साथ भी यही है स्थिति 

ठीक यही स्थिति पानी की आपूर्ति को लेकर भी है। नगर पालिका घर-घर तक साफ पानी पहुंचाने पर जितना खर्च करती है, उससे काफी कम शुल्क लोगों से लिया जाता है। यह शुल्क इसलिए भी पूरा-पूरा नहीं वसूला जा सकता क्योंकि पानी सबके लिए सबसे जरुरी है और हर परिवार इतनी राशि देने में सक्षम नहीं है। इसमें बढ़ोतरी की प्लानिंग भी फिलहाल नपा की नहीं है, लेकिन स्वच्छता शुल्क बढ़ने की पूरी संभावना है।