PM Matru Vandana Yojana: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराने वाली केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए जिले को मिलने वाले लक्ष्य में इस साल भारी कटौती की गई है। बीते सालों में जिले की जितनी महिलाएं योजना का लाभ ले लेती थी, उनके काफी कम लक्ष्य इस बार मिला है। इसके चलते कई महिलाएं इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह सकती है। 

उल्लेखनीय है कि गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता देने के लिए यह योजना वर्ष 2018-19 से शुरू की गई है। योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग करता है। योजना का लाभ सरकारी विभागों या कंपनियों में नौकरी करने वाली महिलाएं भर नहीं ले सकती, शेष सभी महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होती है। योजना का उद्देश्य है कि महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान सही पोषण, स्वास्थ्य देखभाल हो सके और उनकी सुरक्षित डिलीवरी हो सके। 

योजना के तहत मिलती इतनी राशि 

इस योजना के तहत पहली संतान होने पर कुल 5,000 रुपये की सहायता तीन किश्तों में दी जाती है। पहली किश्त में 1,000 रुपये गर्भावस्था के पंजीयन पर, दूसरी किश्त 2,000 कम से कम 1 एएनसी और 6 महीने का गर्भ पूरा होने पर और तीसरी किश्त 2,000 चाइल्ड पंजीकरण एवं बच्चे को पहला टीकाकरण होने पर दिए जाते हैं। वहीं दूसरी संतान (अगर बेटी है) पर 6,000 की राशि एकमुश्त दी जाती है। 

बैतूल में इतनी महिलाएं लाभान्वित 

इस योजना से बैतूल में भी बड़ी संख्या में महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। अभी तक इस योजना के तहत प्रथम संतान पर मिलने वाली राशि का लाभ 94500 महिलाएं ले चुकी है। वहीं दूसरी संतान होने पर योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या 7608 है। दूसरी संतान पर लाभ देने की शुरूआत 2024-25 से ही हुई है। इसलिए इसकी हितग्राही कम हैं। 

इस साल कम महिलाओं को ही लाभ 

वर्ष 2025-26 में बैतूल जिले में अन्य सालों के मुकाबले बेहद कम महिलाओं को लाभ मिल सकेगा। इस साल जिले को प्रथम संतान के लिए 8485 और द्वितीय संतान के लिए 3478 का लक्ष्य ही मिला है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में प्रथम के लिए 13224 और द्वितीय संतान के लिए 5420 का लक्ष्य मिला था। इससे पहले की स्थिति देखे तो वर्ष 2019-20 में 11523, 2020-21 में 12871, 2021-22 में 14327, 2022-23 में 14327 और 2023-24 में 18227 का लक्ष्य मिला था। 

बढ़ने की बजाय घट गईं हितग्राही 

शुरू से देखें तो अभी तक हर साल हितग्राहियों का लक्ष्य लगातार बढ़ रहा था, लेकिन इस बार पहली बार ऐसा हुआ है कि लक्ष्य में काफी कटौती कर दी गई है। यही कारण है कि इस बार कई जरुरतमंद महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह सकती है। केवल पिछले साल का ही आंकड़ा देखें तो जिले में 16991 महिलाओं ने योजना का लाभ लिया था। आबादी बढ़ने और हर वर्ष शादियां होने से लक्ष्य में बढ़ोतरी होना था, लेकिन जिले के साथ इसका उल्टा हुआ। 

आंकड़े भी कह रहे यही कहानी 

योजना के तहत जिले को मिला लक्ष्य वैसे तो कभी भी 100 प्रतिशत पूरा नहीं हुआ, लेकिन इस बार वित्त वर्ष पूरा होने के पहले ही लक्ष्य पूरा हो जाने की पूरी स्थिति बन रही है। वर्ष 2019-20 में 95.30 प्रतिशत, 2020-21 में 94.32 प्रतिशत, 2021-22 में 93.55 प्रतिशत, 2022-23 में 85.27 प्रतिशत, 2023-24 में 76.36 प्रतिशत और 2024-25 में 91.13 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ था। वहीं इस बार स्थिति यह है कि प्रथम संतान के लिए 98 प्रतिशत और द्वितीय संतान के लिए 91 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति हो चुकी है। जबकि अभी वित्त वर्ष समाप्ति को 2 महीने से भी ज्यादा का समय बाकी है। इस साल प्रथम संतान के लिए अभी तक 6916 और द्वितीय संतान के लिए 2633 महिलाओं ने लाभ लिया है। 

इनका कहना...

योजना का लक्ष्य कम किए जाने को लेकर कोई स्पष्ट कारण तो नहीं बताया गया है, लेकिन पहले किसी भी वर्ष लक्ष्य पूर्ति 100 प्रतिशत नहीं हो पाई थी। संभावना है कि इसलिए लक्ष्य को कम किया गया हो।
- गौतम अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बैतूल