Soybean Price Rise: साल बदलते ही फिरे सोयाबीन के दिन, एक माह में ८७८ रूपए और १६ दिन में ५५४ रूपए क्विंटल बढ़े दाम
Soybean Price Rise: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। पिछले लगभग तीन साल से सोयाबीन के दाम बढ़ने की राह तक रहे किसानों और व्यापारियों के लिए नया साल २०२६ नई उम्मीद की किरण लेकर आया है। साल २०२५ खत्म होने के पूर्व ही सोयाबीन में तेजी आना शुरू हो गई थी। नया साल लगते ही लगभग प्रतिदिन ही सोयाबीन के दाम बढ़ रहे हैं। १६ दिसम्बर के बाद महीने में ही सोयाबीन के अधिकतम दाम ८७८ रूपए प्रति क्विंटल बढ़कर ५३२९ रूपए पर पहुंच गए हैं। वहीं ३१ दिसम्बर के बाद साल २०२६ के शुरूवाती १६ दिनों में ही सोयाबीन के अधिकतम दाम ५५४ रूपए बढ़कर ५३२९ पर पहुंच गए हैं। सोयाबीन के दाम बढ़ने से मंडी में सोयाबीन की आवक भी बढ़ गई हैं।
सोयाबीन की बोवनी कर रहे किसानों का पिछले लगभग ३ साल से सोयाबीन के दाम स्थिर होने से सोयाबीन से मोहभंग होने लगा था। पिछले कुछ समय तक जिले की प्रमुख खरीफ फसल बन चुकी सोयाबीन की बोवनी का रकबा लगातार कम हो रहा था। कभी जिले में २ लाख हैक्टेयर तक होने वाली सोयाबीन की बोवनी इस साल ९३ हजार हैक्टेयर में सिमट गई थी। सोयाबीन के दाम नहीं बढ़ने से कई किसानों ने पिछले २-३ साल से सोयाबीन का स्टॉक करके रखा है।
भावान्तर में भी नहीं बेचा सोयाबीन
सोयाबीन के दाम स्थिर रहने और दाम नहीं बढ़ने से सरकार द्वारा इस साल भावान्तर योजना लागू की थी। जिसमें प्रदेश स्तर पर मॉडल रेट तय कर उससे कम दाम में सोयाबीन बिकने पर अंतर की राशि किसानों को दी जा रही है। १५ जनवरी को भावान्तर योजना भी समाप्त हो गई, लेकिन किसानों ने सोयाबीन बेचने में रूचि नहीं दिखाई। भावान्तर योजना में जिले में मात्र ३९९० किसानों ने ही ९३ हजार ७८३ क्विंटल सोयाबीन बेचा है। दाम कम नहीं होने से अधिकतर किसानों ने सोयाबीन नहीं बेची है।
एक माह में ८७८ रूपए क्विंटल बढ़े दाम
दिसम्बर माह के दूसरे पखवाड़े में ही सोयाबीन के दाम बढ़ने लगे थे। कृषि उपज मंडी बैतूल में एक माह पूर्व १६ दिसम्बर को सोयाबीन के न्यूनतम दाम ३७ सौ रूपए प्रति क्विंटल और अधिकतम दाम ४४५१ रूपए प्रति क्विंटल थे। इसके बाद दाम बढ़ने लगे साल २०२५ के अंतिम दिन ३१ दिसम्बर को सोयाबीन के न्यूनतम दाम ४१२८ रूपए और अधिकत दाम ३२४ रूपए क्विंटल बढ़कर ४७७५ रूपए हो गए थे, जो एक माह में १६ जनवरी तक ८७८ रूपए प्रति क्विंटल बढ़कर ५३२९ रूपए के इस साल के उच्चतरम स्तर पर पहुंच गए है।

२०२६ में ५५४ रूपए क्विंटल बढ़े दाम
साल २०२५ के अंतिम पखवाड़े में सोयाबीन के दाम ३२४ रूपए प्रति क्विंटल बढ़ने के बाद साल २०२६ लगने के बाद भी सोयाबीन में तेजी लगातार जारी है। जनवरी माह के शुरूवाती १६ दिन में ही सोयाबीन के अधिकतम दाम ५५४ रूपए प्रति क्विंटल बढ़ गए है। ३१ दिसम्बर को अधिकतम दाम ४७७५ रूपए प्रति क्विंटल थे जो १६ जनवरी में ५५४ रूपए बढ़कर ५३२९ रूपए हो गए है। सोयाबीन के दाम लगातार बढ़ने से पिछले तीन साल से दाम बढ़ने की राह देख रहे किसानों को आशा की किरण नजर आ रही है।
दाम बढ़ने से बढ़ गई आवक
सोयाबीन के दाम बढ़ने से किसानों ने सोयाबीन की बिक्री भी शुरू कर दी है। जिससे बैतूल मंडी में सोयाबीन की आवक भी बढ़ने लगी है। जनवरी माह की शुरूवात में सोयाबीन की औसत आवक लगभग दो हजार क्विंटल थी जो अब बढ़कर साढ़े तीन हजार क्विंटल के पार हो गई है। हालाकि लगातार दाम बढ़ने से अब किसान इंतजार के मूड में आने लगे है जिससे शुक्रवार को सोयाबीन की आवक कम होकर १०६२ क्विंटल रह गई है।

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