Door to Door Garbage: वार्डों में कभी भी ठप हो सकता है डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू ही नहीं
Door to Door Garbage: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। ऐसा लगता है कि नगर पालिका इन दिनों भगवान भरोसे ही चल रही हैं। यहां शहर की सामान्य व्यवस्थाओं ही नहीं जनता के लिए बेहद जरुरी सुविधाओं तक पर भी खास गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर पालिका में बैठे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीन कार्यशैली का ही नतीजा है कि वार्डों में पहुंच कर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाली गाड़ियां कभी भी बंद हो सकती है। ऐसा यदि होता है तो कचरा कलेक्शन की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कई सालों से शहर में कचरे का कलेक्शन डोर-टू-डोर किया जा रहा है। इसमें कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियां सीधे वार्डों में पहुंचती है और इनमें घर-घर से कचरा डाला जाता है। यही गाड़ियां सीधे यह एकत्रित किया गया कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहुंचा देजी है। इससे फायदा यह होता है कि शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर नहीं लगता और न ही गंदगी फैलती है। लोगों ने भी अब अपनी आदतें बदल ली हैं और वे भी घर से निकलने वाला कचरा मोहल्ले में कहीं भी फेंकने के बजाय उसे जमा करके रखते हैं और सुबह कचरा वाहन के आते ही उसमें डाल देते हैं।
अभी इतने वाहनों का हो रहा संचालन
जब डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू हुआ था तो सबसे पहले 22 गाड़ियों से शुरूआत हुई थी। हालांकि अब गाड़ियों की संख्या बढ़कर 39 हो चुकी है। पहले वार्डों से कम गाड़ियां होने पर रोजाना गाड़ियां वार्डों में नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन अब रोजाना वार्डों में पहुंच रही है। यह जरुर है कि वार्ड के कुछ क्षेत्रों में एक दिन और कुछ क्षेत्रों में दूसरे दिन पहुंच रही है।
खत्म हो चुकी है कंपनी की अवधि
वैसे तो यह व्यवस्था कई सालों से लगातार चल रही है, लेकिन आगे भी कितने समय तक चलेगी, यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। इसकी वजह यह है कि डोर-टू-डोर कलेक्शन कर रही कंपनी की ठेका अवधि 24 दिसंबर 2025 को ही समाप्त हो चुकी है। इसके बाद अभी तक नए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है।
एक महीने का दिया गया है एक्सटेंशन
बताया जाता है कि ठेका अवधि समाप्त होने के बाद कंपनी को एक महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। यह एक्सटेंशन लगातार नहीं दिया जा सकता। ऐसे में नया टेंडर जरुरी है। अभी तक नया टेंडर नहीं होने से लोग यह कयास लगा रहे हैं कि निकट भविष्य में कहीं कचरा कलेक्शन व्यवस्था ठप न पड़ जाए।
दो बार बुलाने पर भी नहीं आया कोई टेंडर
हालांकि ऐसा नहीं है कि नपा ने टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की थी। नवंबर महीने में नगर पालिका 2 बार टेंडर बुला चुकी है, लेकिन यह ठेका लेने किसी ने रूचि ही नहीं दिखाई। यही कारण है कि दोनों बार में एक भी टेंडर नहीं आया। बताया जाता है कि बेहद कठिन शर्तें और राशि कम रखे जाने के कारण कोई यह ठेका नहीं लेना चाहता है। यही वजह है कि यह स्थिति बैतूल नगर पालिका में बन रही है।
प्रक्रिया पूरी करना इनकी जिम्मेदारी
इधर जानकारों का कहना है कि यह नपा पदाधिकारियों और अधिकारियों का फर्ज है कि इन परिस्थितियों में वे शर्तों को सरल करें और राशि भी व्यवहारिक रूप से बढ़ाएं ताकि जल्द टेंडर हो सके और यह जरुरी व्यवस्था ठप न हो। यह सब जल्द करना भी जरुरी है क्योंकि टेंडर होने से लेकर वर्क ऑर्डर जारी करने और नई कंपनी द्वारा कार्य शुरू किए जाने में काफी समय लगता है। यहां तो अभी यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है।
अभी इतना किया जाता है भुगतान
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए अभी नगर पालिका द्वारा करीब 35 लाख रुपये की राशि का भुगतान हर महीने किया जाता है। हालांकि इस कार्य में नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जाती है। ऐसे में उनके वेतन-भत्तों का भुगतान कंपनी को दी जाने वाली इस राशि में से ही किया जाता है। यह लगभग 8 लाख रुपये होती है।

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