Mandi Management Negligence: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। अभी तक जिला प्रशासन को ताक पर रखने वाले मंडी प्रबंधन के हौसले अब इतने बुलंद हो गए हैं कि जिले के प्रभारी मंत्री के निर्देशों को भी अंगूठे पर रख रहा है। गुरुवार को मंडी पहुंचे प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा किसानों के सामने सार्वजनिक रूप से निर्देश थे कि जिन 12 व्यापारियों पर जुर्माना लगाया गया है, उनसे 3 दिन में जुर्माना वसूल करें, अन्यथा व्यापारियों के लाइसेंस कैंसिल कर उनका माल भी जब्त किया जाएं। 

प्रभारी मंत्री के निर्देश देने को एक दिन बीत गया है, लेकिन मंडी प्रबंधन ने शुक्रवार को भी व्यापारियों को नोटिस तक जारी नहीं किए हैं। मंडी के नियमित सचिव के छुट्टी पर होने से वर्तमान में मंडी सचिव का प्रभार संभाल रहे सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद शर्मा का कहना है कि मुझे व्यापारियों को नोटिस देने का पॉवर ही नहीं है। जब मंडी के कर्मचारियों ने नियमित सचिव सुरेश कुमार परते से नोटिस के संबंध में पूछा तो उनका कहना था कि मैं सोमवार को आ रहा हूं, मैं ही आकर इस मामले को देखूंगा। प्रभारी मंत्री की 3 दिन की समय सीमा रविवार को समाप्त हो जाएगी। अब अगले दो दिन में प्रभारी मंत्री के निर्देशों का पालन करवाने जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। 

भारसाधक अधिकारी ने 12 दिन पहले लगाया था जुर्माना 

मंडी बोर्ड अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि मंडी में खरीदी करने वालेे व्यापारी उपज खरीदने के बाद अगले 24 घंटे या अगले दिन नीलामी शुरू होने के पूर्व मंडी परिसर से अपने बोरे उठवा लें। कृषि मंडी बैतूल प्रबंधन द्वारा मंडी बोर्ड के अधिनियम को हवा में उड़ाते हुए व्यापारियों को मंडी में उपज रखने की खुली छूट दे दी गई है। व्यापारियों ने मंडी को डंपिंग जैसा बना लिया है और मक्का ले जाने रैक लगने पर मंडी से सीधे अपने बोरे ले जाते हैं। फिर चाहे उनके बोरे मंडी परिसर में 8 दिन रहे या 10 दिन। मंडी में जगह नहीं होने पर नीलामी तक कैंसिल करवा देते हैं, लेकिन अपने बोरे नहीं उठवाते हैं। 

इसके बावजूद मंडी प्रबंधन व्यापारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करता है। मंडी के भारसाधक अधिकारी एवं बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह द्वारा 29 दिसंबर को अपने आकस्मिक निरीक्षण में मंडी परिसर में बड़ी संख्या में व्यापारियों के बोरे मिलने से 12 व्यापारियों पर 5 लाख, 83 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बावजूद मंडी सचिव द्वारा अभी तक उन्हें नोटिस देना तो दूर जुर्माना कम करने (नाममात्र का जुर्माना करने) के रास्ते खोजने लगे थे। 

प्रभारी मंत्री ने 3 दिन में जुर्माना वसूलने के दिए हैं निर्देश 

गुरुवार को बैतूल आए जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 3 दिन में जुर्माना वसूल करने अन्यथा व्यापारियों के लाइसेंस कैंसिल कर माल जब्त करने के निर्देश दिए थे। जिससे लग रहा था कि प्रभारी मंत्री के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए मंडी प्रबंधन शुक्रवार को सभी 12 व्यापारियों को नोटिस जारी कर रविवार के पूर्व जुर्माना वसूल कर लेगा। लेकिन, शुक्रवार को मंडी शुरू होते ही सभी अपने-अपने नियमित काम में लग गए। 

मंडी के प्रभारी सचिव से नोटिस के संबंध में जानकारी ली गइ्र तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे 3-4 दिन के लिए प्रभार मिला है। मुझे नोटिस देने का अधिकार ही नहीं है। मंडी के कर्मचारियों ने नियमित सचिव से नोटिस देने की परमिशन लांगी तो उन्होंने साफ कह दिया कि मैं सोमवार को आउंगा, उसके बाद देखता हूं कि क्या करना है। नोटिस मैं आकर ही दूंगा। 

प्रभारी मंत्री द्वारा दी गई समय सीमा रविवार का समाप्त हो जाएगी। मंडी के सचिव सोमवार को आने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सोमवार को व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त कर माल जब्त करने की कार्रवाई होती है या पिुर मंडी प्रबंधनप्रभारी मंत्री के निर्देशों को भी हवा में उड़ा देता है, यह सामने आ जाएगा।