Paddy Procurement Loan Recovery: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। यूं तो किसानों को दिए जाने ऋण की वसूली के लिए शासन और बैंकों को खासी मशक्कत करना पड़ता है, लेकिन जिले में इस ऋण में से 14 करोड़ 95 लाख रुपये से ज्यादा की राशि बैठे बिठाए ही वसूल हो गई। यह राशि समर्थन मूल्य पर चल रही धान खरीदी की बदौलत वसूल हो सकी। अभी तक 6367 किसानों से 437576.60 क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। 

उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 20 जनवरी से शुरू हुई थी। जिले में 9100 किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीयन कराया है। जिले में 20 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। अभी तक जिले में 7400 किसान स्लॉट बुक करवा चुके हैं वहीं 6367 किसान समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री कर चुके हैं। धान खरीदी 20 जनवरी तक होगी। इसके लिए 13 जनवरी तक स्लॉट बुक कराए जा सकेंगे। 

किसानों को इतनी राशि का भुगतान 

इन किसानों का 1 अरब 3 करोड़ 66 लाख 16 हजार 659 रुपये का भुगतान बनता है। शासन की नीति है कि उपार्जन के बाद मिलने वाली राशि में से ऋण की राशि पहले ही काट ली जाती है। लिहाजा, धान की राशि में से भी ऋण की राशि पहले ही काटी जा चुकी है। अभी तक किसानों से 14 करोड़ 95 लाख 14 हजार 788 रुपये की ऋण राशि काटी जा चुकी है। इसके बाद किसानों को 81 करोड़ 50 लाख 18 हजार 599 रुपये का भुगतान किया गया है। 

इन केंद्रों पर पहुंचे सबसे ज्यादा किसान 

घोड़ाडोंगरी और शाहपुर क्षेत्र के केंद्रों पर सबसे ज्यादा धान खरीदी हुई है। चोपना समिति के फुटबाल ग्राउंड केंद्र पर 706, साईं वेयर हाउस केंद्र पर 660, ग्राम पंचायत परिसर नूतनडंगा केंद्र पर 634, घोड़ाडोंगरी समिति के डेहरी आमढाना केंद्र पर 526, बालाजी वेयर हाउस केंद्र पर 514 और भौंरा समिति के किलेदार वेयर हाउस केंद्र पर 427 किसानों ने धान बेची है। 

बीते साल हुई थी इतनी खरीदी 

इससे पहले पिछले साल जिले में 47735 मेट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। बीते साल जिले में 8074 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 6200 किसानों ने धान की उपज बेची थी। इस साल धान खरीदी का आंकड़ा बीते साल के आंकड़े तक पहुंचने की संभावना नहीं है। गौरतलब है कि सिकमी के नाम पर हुए 400 से ज्यादा पंजीयन को अपात्र घोषित किया जा चुका है।