► राष्ट्रीय जनादेश खबर का असर

Sarthak App Fake Attendance: बैतूल(राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के विभिन्न सीएचसी-पीएचसी में पदस्थ 5 बांड डॉक्टरों द्वारा फोटो या वीडियो सामने रखकर सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाने की खबर राष्ट्रीय जनादेश में प्रकाशित होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े ने कड़ा एक्शन लिया है। जिले के शाहपुर, आठनेर, भैंसदेही, प्रभात पट्टन सीएचसी एवं भौंरा पीएचसी में पदस्थ इन पांचों बांड डॉक्टरों का दिसम्बर माह का वेतन रोक दिया गया है। वहीं तीन डॉक्टरों की जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम को पूरे मामले की जांच कर तीन दिनों में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। 5 बांड डॉक्टरों का वेतन रोकने से स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कम्प है और सभी सार्थक एप पर ईमानदारी से अटेंडेंस लगाने लगे हैं। 

एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण कर जिले के विभिन्न शासकीय अस्पतालों में बांड डॉक्टर के रूप में पदस्थ कुछ डॉक्टरों द्वारा सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाने स्वयं कार्य स्थल पर उपस्थित न रहकर अन्य स्थानों से स्टील फोटो या वीडियो भेजकर अटेंडेंस लगाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग के आईटी सेल द्वारा प्रदेश के 48 जिलों में ऐसे डॉक्टर चिन्हित किए थे जिसमें बैतूल जिले के 5 बांड डॉक्टर भी शामिल है। दैनिक राष्ट्रीय जनादेश ने 3 जनवरी के अंक में सार्थक पोर्टल पर फोटो सामने रख अटेंडेंस लगा रहे 48 जिले के बांड डॉक्टर शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था जिसमें जिले के पदस्थ 5 बांड डॉक्टरों द्वारा भी फोटो से अटेंडेंस लगाने का खुलासा किया था। 

सीएमएचओ ने वेतन रोकने के दिए निर्देश

राष्ट्रीय जनादेश में प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए बैतूल सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने अपने स्तर पर जांच करवाने के बाद इन डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। डॉ. हुरमाड़े ने बताया कि फोटो से सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाने वाले बांड डॉक्टरों में डॉ. संस्कृति साहू पीएचसी भौंरा, डॉ. राहुल गहलोत सीएचसी आठनेर, डॉ. सरस्वती कंगाले सीएचसी भैंसदेही, डॉ. सूरज सोलंकी सीएचसी प्रभात पट्टन और डॉ. वैशाली भूमरकर सीएचसी शाहपुर में पदस्थ है। इन पांचों डॉक्टरों का दिसम्बर माह का वेतन रोक दिया गया है। 

तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच

डॉ. हुरमाड़े ने बताया कि सार्थक एप पर फोटो से अटेंडेंस लगाने के मामले की जांच करने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। जांच टीम में डीएचओ फस्र्ट डॉ. प्रांजल उपाध्याय, सेहरा बीएमओ डॉ. केदार सिंह और जिला अस्पताल में पदस्थ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभांजली को शामिल किया है। जांच टीम को इस पूरे मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।