जापान के शिमाने प्रांत में 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं
टोक्यो । जापान के पश्चिमी हिस्से में स्थित शिमाने प्रांत मंगलवार तड़के भीषण भूकंप के झटकों से दहल उठा। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई और लोग अपनी सुरक्षा के लिए आनन-फानन में घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि इतनी अधिक तीव्रता के बावजूद अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है और न ही प्रशासन की ओर से सुनामी की कोई चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 10:18 बजे आया। इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इस मुख्य झटके के ठीक 10 मिनट बाद, यानी 10:28 बजे, इलाके में एक और मध्यम तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 5.1 दर्ज की गई। इन झटकों का सबसे अधिक असर शिमाने प्रांत की राजधानी मात्सुए और पड़ोसी तोत्तोरी प्रांत के विभिन्न शहरों में देखा गया। स्थानीय प्रशासन और परमाणु विनियमन प्राधिकरण ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में स्थित शिमाने परमाणु बिजली संयंत्र और उससे जुड़ी अन्य इकाइयों में किसी भी तरह की असामान्यता या खराबी नहीं पाई गई है। संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और परिचालन सामान्य रूप से चल रहा है।जापान के लिए यह प्राकृतिक आपदा एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में आए एक शक्तिशाली भूकंप के कारण लगभग 90,000 लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी। वर्तमान घटना के बाद भी बचाव दल और आपदा प्रबंधन इकाइयां अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।भौगोलिक दृष्टि से जापान प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र पर स्थित है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय बेल्ट में से एक माना जाता है, जिसके कारण यहाँ अक्सर टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती रहती है। यही वजह है कि जापान में भूकंप रोधी तकनीक और आपदा पूर्व तैयारियों पर विशेष जोर दिया जाता है, जिससे बड़े खतरों के बावजूद जान-माल का नुकसान कम से कम हो।

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