Betul water supply contamination: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। दूषित पानी की सप्लाई में इंदौर में हुई मौतों का मामला इन दिनों प्रदेश ही नहीं देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि नगर पालिका ने व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो कोई बड़ी बात नहीं कि बैतूल शहर में भी इंदौर जैसी दूषित पानी से बीमारी फैलने की घटना हो जाए। इसकी वजह यह है कि बैतूल नगर पालिका की जल आपूर्ति व्यवस्था में भी काफी खामियां हैं। जरुरत इस बात की है कि इंदौर की इस घटना से सबक लेकर इन खामियों को तत्काल दुरूस्त किया जाएं। 

बैतूल शहर की एक लाख से अधिक की आबादी को शुद्ध पानी मुहैया कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है। इसके लिए विवेकानंद वार्ड की ग्रीन सिटी में फिल्टर प्लांट और शहर भर में नगर पालिका का करीब 190 किलोमीटर लंबा पाइप लाइन नेटवर्क है। शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थित 9 टंकियों के माध्यम से नगर पालिका 17400 नल कनेक्शनों तक पानी पहुंचाती है। शहर में रोजाना 90 लाख लीटर पानी की सप्लाई करती है। 

गंदे पानी की आती रहती शिकायतें 

नगर पालिका वैसे तो नियमित रूप से पानी का परीक्षण करने और शुद्ध जल की सप्लाई करने के दावें करती हैं, लेकिन इसके बावजूद समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में मटमैले पानी की सप्लाई की शिकायतें सामने आती रहती है। हालांकि दूषित पानी की सप्लाई से किसी क्षेत्र में बीमारी फैलने या मौत होने जैसा मामला शहर में आज तक सामने नहीं आया है, लेकिन यह दावा भी नहीं किया जा सकता है कि ऐसा होना बिल्कुल भी संभव नहीं है। 

लंबे समय तक टंकियों की सफाई नहीं

नियमानुसार हर 6 महीने में पानी की टंकियों की सफाई होना चाहिए। इधर नपा अधिकारियों के अनुसार गर्मी के सीजन में सभी टंकियों की सफाई की जाती है। पिछली बार 8 महीने पहले ही सफाई की गई है। इधर लोगों का कहना है कि कई बार तो साल में एक बार भी टंकियों की सफाई नहीं की जाती। किसी क्षेत्र में जब पानी से संबंधित कोई शिकायत आती है, तभी नगर पालिका टंकी सफाई करती है। 

वॉल्व के लिए नहीं बनाए गए चैंबर 

पाइप लाइन में पानी की सप्लाई कंट्रोल करने के लिए लगाए जाने वाले वॉल्व के लिए बकायदा चैंबर बनना चाहिए, जिसमें गंदा पानी या कचरा न जाएं, लेकिन ऐसा नहीं है। कई जगह चैंबर ही नहीं बने हैं। ऐसे में यह वॉल्व गंदे पानी के गड्ढे में हैं। कई जगह गंदगी के अंबार के बीच तो कई जगह नाली के ठीक बगल में वॉल्व हैं। शहर के शंकर वार्ड में वॉल्व की यह बदहाली देखी जा सकती है। कई वॉल्व ऐसे स्थानों पर है जहां बारिश में पानी जमा होकर डबरा बन जाता है। इन सबसे भी पानी के दूषित होने का अंदेशा बना रहता है। 

नालियों से गुजर रही पाइप लाइन 

कई जगह मेन लाइन से लोगों के घर तक जाने वाली पाइप लाइन नाली के बीच से होकर गुजर रही है। ऐसे में लगातार गंदे पानी में रहने से पाइप लाइन के सड़कर लीकेज होने का खतरा भी बना रहता है। इससे सीधे दूषित पानी लोगों के घरों में पहुंच सकता है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। 

इन कारणों से भी फूटती पाइप लाइन

इसके अलावा शहर में कभी सड़क की खुदाई होती है तो कभी केबल बिछाने के लिए खुदाई होती रहती है। इन दौरान भी कई बार पाइप लाइन फूट जाती है। हालांकि इसकी तुरंत ही सूचना मिलने पर तत्काल सुधार भी करा दिया जाता है। खतरा ऐसे मामलों में ज्यादा रहता है जहां वॉल्व ही गंदे पानी के गड्ढे में हो या नाली से जा रही पाइप लाइन में हल्का लीकेज हो जाएं।