Betul Mandi Penalty Reduction: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों की शुरूआत किसानों को फायदा पहुंचाने की मंशा के साथ की गई थी। इसके विपरीत बैतूल में पूरा मंडी प्रबंधन किसानों की जगह व्यापारियों की चिंता करने में जुटा रहता है। यही वजह है कि यहां किसान आए दिन परेशान होते रहते हैं। ज्यादा हल्ला मचने पर जब आला अफसर व्यापारियों पर नकेल कसने की कोशिश करते हैं तो मंडी प्रबंधन ही किसानों को ताक पर रख कर व्यापारियों की ढाल बन जाता है। ऐसा ही नजारा एक बार फिर यहां देखा जा रहा है। 

मंडी में भारी अव्यवस्था होने और किसानों को परेशानी होने पर 3 दिन पहले एसडीएम बैतूल डॉ. अभिजीत सिंह ने मंडी पहुंचकर व्यापारियों पर जुर्माने की कार्रवाई की थी। मजे की बात यह है कि 3 दिन बाद भी मंडी प्रबंधन ने व्यापारियों को नोटिस तक नहीं थमाए हैं। अब यह बात धीरे-धीरे उजागर हो रही है कि मंडी प्रबंधन व्यापारियों पर लगे जुर्माने को 75 प्रतिशत तक कम करने की कवायद कर रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंडी प्रबंधन व्यापारियों के समक्ष किस कदर नत मस्तक है और व्यापारियों की उसे कितनी चिंता है। 

गौरतलब है कि बैतूल एसडीएम द्वारा 3 दिन पूर्व मंडी के 12 व्यापारियों के खिलाफ मंडी परिसर से 48 घंटे में अपनी उपज नहीं उठाने पर 5 लाख 83 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। मंडी प्रबंधन द्वारा तीन दिन बाद भी जुर्माना वसूल करना तो दूर अभी तक व्यापारियों को नोटिस तक नहीं दिए हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार अब मंडी प्रबंधन जुर्माने की राशि लगभग 75 फीसदी कम करने का रास्ता तलाश रहा है। जिसके तहत सिर्फ मंडी शेड में रखे बोरों पर ही जुर्माना लगाने और शेड के बाहर मंडी परिसर में रखे हजारों बोरों को जुर्माने से मुक्त करने की तैयारी कर ली है। यदि ऐसा हुआ तो व्यापारियों पर लगाया गया लगभग 5.83 लाख का जुर्माना कम होकर सवा से डेढ़ लाख रुपये पर सिमट जाएगा। 

कृषि उपज मंडी बैतूल में मक्का खरीदी कर रहे 13 व्यापारियों द्वारा मक्का की खरीदी कर मंडी परिसर में ही मक्का डंप की जा रही है। बावजूद इसके मंडी प्रबंधन द्वारा उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। मंडी अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि व्यापारी मंडी में खरीदी करने के बाद 24 घंटे या अगले दिन की नीलामी तक अपने बोरे नहीं उठाता है तो उनसे 10 रुपये प्रति बोरा प्रतिदिन का जुर्माना लेना है। इसके बावजूद मंडी प्रबंधन ने व्यापारियों के खिलाफ कभी जुर्माना नहीं लगाया और न ही व्यापारियों के बोरे उठवाए। जिससे किसानों को बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार तो मक्का की नीलामी तक रद्द करनी पड़ी। 

एसडीएम ने लगाया था जुर्माना 

इस बीच 29 दिसंबर को कलेक्टर नरेंद्रकुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर मंडी के भारसाधक अधिकारी बैतूल एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने मंडी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी शेड और परिसर में 12 व्यापारियों के 11300 बोरे मक्का रखी मिलने पर इन पर 5 लाख 83 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। एसडीएम द्वारा की गई कार्रवाई के बावजूद 3 दिन बीत जाने के बाद भी मंडी प्रबंधन ने जुर्माना वसूल करने के नोटिस तक नहीं दिए हैं। 

75 फीसदी जुर्माना कम करने की चर्चा 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब मंडी प्रबंधन व्यापारियों पर एसडीएम के निर्देश पर लगाए गए जुर्माने को 75 फीसदी तक कम करने का रास्ता निकाल रहा है। इसके लिए मंडी प्रबंधन यह तर्क दे रहा है कि मंडी के शेड में रखे गए बोरों पर ही जुर्माना वसूल किया जाएगा। मंडी शेड के बाहर मंडी परिसर में रखे व्यापारियों के बोरों से जुर्माना नहीं लिया जाएगा। जिससे एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह द्वारा लगाया गया लगभग 5.83 लाख रुपये का जुर्माना कम होकर लगभग 1.25 लाख से 1.50 लाख रुपये पर सिमट जाएगा।