Betul Mandi Irregularities: व्यापारियों के दबाव में मंडी सचिव, कलेक्टर-एसडीएम के निर्देश भी बेअसर, दो दिन बाद भी नहीं दिए जुर्माना नोटिस
Betul Mandi Irregularities: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। कृषि उपज मंडी बैतूल के सचिव मंडी में खरीदी करने वाले व्यापारियों के सामने कितने बेवस है कि इसके लिए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम द्वारा की जा रही कार्रवाई को भी हवा में उड़ा रहे है। मंडी के भारसाधक अधिकारी बैतूल एसडीएम द्वारा दो दिन पूर्व मंडी पहुंचकर मंडी प्रांगण में व्यापारियों के बोरें पाए जाने पर जुर्माना लगाया था, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी मंडी सचिव द्वारा उन्हें राशि जमा करने नोटिस तक नहीं दिए है। व्यापारियों द्वारा मंडी में नीलामी नहीं किए जाने की चेतावनी देने के बाद मंडी सचिव व्यापारियों द्वारा उन्हें राशि जमा करने नोटिस तक नहीं दिए है। व्यापारियों द्वारा मंडी में नीलामी नहीं किए जाने की चेतावनी देने के बाद मंडी सचिव व्यापारियों के सामने बेवस लग रहे है। जब मंडी सचिव नोटिस देने की ही हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है तो जुर्माना वसूल करने का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा खरीदे गए मक्का के बोरे मंडी में ही डंप किए हैं। मंडी में व्यापारियों के बोरे होने से किसानों को परेशानी हो रही है, जिसके चलते कई बार मक्का की नीलामी तक कैंसिल करनी पड़ी है। मंडी में अव्यवस्थाओं की लगातार प्रकाशित हो रही खबरों के बाद सोमवार को मंडी के भारसाधक अधिकारी एवं बैतूल एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान मंडी में बड़ी संख्या में व्यापारियों के बोरे रखे होने पर उन्होंने मंडी में खरीदी करने वाले १२ व्यापारियों पर लगभग ५ लाख ८३ हजार रूपए का जुर्माना लगाया था।
एसडीएम द्वारा कार्रवाई करने के बाद मंडी प्रबंधन द्वारा सभी १२ व्यापारियों को नोटिस देकर उनसे जुर्माना राशि जमा करवाना था, लेकिन दो दिन का समय बीतने के बाद भी मंडी सचिव द्वारा इन व्यापारियों को जुर्माना जमा करने का नोटिस तक नहीं दिया है। जुर्माना राशि में तीन व्यापारिक फमों के खिलापु डेढ़-डेढ़ लाख रूपए से अधिक का जुर्माना लगाया है वहीं बाकी ९ व्यापारियों पर ग्यारह सौ से तीस हजार के बीच का जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि जमा करने के नोटिस ही जारी नहीं किए गए है।
नीलामी बंद करने की चेतावनी
बुधवार सुबह जब मंडी में व्यापारी पहुंचे तो लगभग एक घंटा तक मक्का की नीलामी नहीं की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान व्यापारी जुर्माना राशि जमा करने का नोटिस मिलने पर चर्चा करते रहे। व्यापारियों ने एक स्वर में कहा है कि यदि जुर्माना वसूल किया तो मंडी में कोई भी व्यापारी नीलामी में भाग नहीं लेगा। व्यापारियों के दबाव में मंडी सचिव ने बुधवार शाम तक भी जुर्माना वसूल करने नोटिस ही जारी नहीं किए। खबर है कि मंडी सचिव इस संबंध में चर्चा करने बुधवार शाम को एसडीएम कार्यालय भी पहुंचे थे।
आज बंद रहेगी नीलामी
मंडी के सभी व्यापारियों ने आज नववर्ष के अवसर पर मंडी में नीलामी कार्य बंद रखा है। इस संबंध में मंडी सचिव को पत्र देने के बाद मंडी सचिव ने नववर्ष के चलते आज मंडी में नीलामी कार्य नहीं किए जाने की घोषणा कर दी। शासकीय अवकाश नहीं होने से मंडी कार्यालय खुलेगा, लेकिन नीलामी कार्य बंद रहेगा।
मंडी के ५ किलोमीटर के दायरे में ही खाली पड़े वेयर हाउस
कृषि उपज मंडी परिसर में मक्का डंप कर सीधे रैक पाइंट पर भेजने वाले कुछ व्यापारी भले ही मक्का रखने की जगह नहीं होने की बात कर रहे है। खबर है कि व्यापारियों कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को भी जगह नहीं होने के कारण मंडी से मक्का नहीं उठाने की बात कही थी, लेकिन जब राष्ट्रीय जनादेश ने वेयर हाउस में जगह होने का पता किया तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। कृषि उपज मंडी परिसर बैतूल के ५ किलोमीटर के दायरे में ही एक दर्जन से अधिक वेयर हाउस है। इन वेयर हाउस में इतनी जगह खाली है कि दो लाख क्विंटल से अधिक अनाज आसानी से रखा जा सकता है।
शायद मंडी के व्यापारी हम्माली, ट्रक भाड़ा और वेयर हाउस किराया बचाने के लिए इन वेयर हाउस में मक्का रखना ही नहीं चाहते है। नहीं तो दो दिन में मंडी से पूरी मक्का उठकर जा सकती है। मंडी के व्यापारी जगह नहीं होने का हवाला देकर अधिकारियों को गुमराह कर रहे है ताकि रैक लगने पर मंडी से सीधे रैक पाइंट पर मक्का ले जा सके। वैसे भी मंडी में खरीदी करने के बाद अनाज उठाकर ले जाने की जिम्मेदारी व्यापारियों की हैं न कि प्रशासन की है।

स्व. नंदकुमार कस्तूरी की स्मृति में 15 बच्चों को लैपटॉप, 135 मेधावियों का सम्मान