Betul Development Projects 2026: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। कई खट्टी-मीठी यादें देकर वर्ष 2025 आखिर बिदा हो गया। इसके साथ ही उम्मीदों का नया सबेरा लेकर साल 2026 दस्तक दे चुका है। नया साल हमें आस बंधा रहा है कि वह जिलेवासियों के लिए खुशहाली भरा साबित होकर रहेगा। वर्ष 2025 हमारी जो अपेक्षाएं पूरी नहीं कर सका, वे सभी अपेक्षाएं अब मैं (वर्ष 2026) पूरी करूंगा। बेशक 2025 में हमें कई ऐसे लम्हों का सामना करना पड़ा, जिनका दोबारा हम शायद ही सामना करना चाहे, लेकिन यह भी एक हकीकत है कि वर्ष 2025 कई ऐसे नायाब और शानदार कार्यों की नींव भी रख कर गया है जिनका लाभ हमें वर्ष 2026 में मिलेगा। 

वर्ष 2026 में जिलेवासियों को कई क्षेत्रों में आमूलचूल बदलाव देखने को मिलेगा। कई ऐसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ लेने को मिलेगा, जो कि पहले नहीं मिल सकी थी। इस साल रेलवे, सड़क, शिक्षा, सिंचाई, रोजगार, खेल के क्षेत्र में सुविधाओं में काफी इजाफा होने वाला है। इससे जीवन न केवल आसान हो जाएगा, बल्कि तरक्की की राह भी खुल सकेगी। वर्ष 2026 में कई ऐसी सौगातें मिलने वाली हैं, जिनका जिलेवासियों को लंबे समय से इंतजार था। 

अमृत भारत स्टेशन के पूरे होंगे काम 

जिले के 4 रेलवे स्टेशनों बैतूल, आमला, घोड़ाडोंगरी और मुलताई में अमृत भारत योजना के तहत 93 करोड़ रुपये की लागत के काम चल रहे हैं। योजना के तहत इन रेलवे स्टेशनों का न केवल कायाकल्प होगा, बल्कि आधुनिक यात्री सुविधाओं में भी खासा इजाफा हो जाएगा। बैतूल में 24.86 करोड़, घोड़ाडोंगरी में 18.88 करोड़ और मुलताई में 17.49 करोड़ रुपये की राशि के कार्य चल रहे हैं। फिलहाल तो इन कार्यों की गति थोड़ी धीमी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2026 में सभी स्टेशनों के कार्य पूरे हो जाएंगे। इससे रेलयात्रा बेहद सुखद और आरामदेह हो सकेगी। 

क्रिकेट स्टेडियम और एथलेटिक ट्रैक 

बैतूल शहर में राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक 5 करोड़ की लागत से बनना है। इसका भूमिपूजन भी किया जा चुका है। बैतूल में बाकायदा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की योजना है। उम्मीद है कि बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होगा और वर्ष 2026 में ही क्रिकेट स्टेडियम और एथलेटिक ट्रैक के काम पूरे हो जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को बड़ी सौगात मिल सकेगी। 

आजीविका प्लाजा से मिलेगा रोजगार 

बैतूल में पुराने जिला पंचायत परिसर कोठीबाजार में 4 करोड़, 15 लाख, 62 हजार रुपये की लागत से आजीविका प्लाजा बन रहा है। इसका काम भी वर्ष 2026 में पूरा हो जाएगा। यहां दीदी मॉल और दीदी कैफे बनाया जा रहा है। इसमें 20-25 स्टॉल का चौपाटी जोन भी रहेगा। आजीविका प्लाजा में स्व सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं और ग्रामीण लघु उद्योगपतियों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलेंगे। 

शहर में होंगी चमचमाती सड़कें 

बैतूल शहर में वर्तमान में 3 करोड़ से अधिक की लागत की व्हाइट टॉपिंग सड़कों का काम चल रहा है। यह काम भी वर्ष 2026 में पूरा होने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही कारगिल चौक से गाड़ाघाट तक बनने वाली 7 करोड़ की सड़क का भी भूमिपूजन हो चुका है। यदि तेजी से काम किया गया तो यह काम भी अगले साल ही पूरा हो सकता है। 

सीवरेज प्रोजेक्ट का शुरू होगा काम 

बैतूल शहर वासियों को बड़ी सुविधा देने वाले एक बड़े काम की शुरूआत वर्ष 2026 में होगी। यह है काम है सीवरेज प्रोजेक्ट। अमृत 2.0 योजना में कुल 105 करोड़ की लागत से यह काम कराया जाएगा। इसमें 173 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली जाएगी। इसके लिए 3 पंपिंग स्टेशन और एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। प्लांट की क्षमता 16 एमएलडी की रहेगी। 

पूरा होगा रेलवे ओवर ब्रिज 

रेलवे गेट खुलने और बंद होने से काफी समय तक इंतजार करने की लोगों की समस्या को खत्म करने घोड़ाडोंगरी में रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। दिसंबर 2024 से यह काम शुरू हुआ था। 31 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ओवर ब्रिज का काम फिलहाल रूका हुआ है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2026 में यह ब्रिज भी पूरा बन जाएगा और लोगों को राहत मिल सकेगी। 

नई बिजली यूनिट और वुडन क्लस्टर 

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी में 660 मेगावाट क्षमता की नई यूनिट की स्थापना होना है। यह यूनिट 11678 करोड़ की लागत से बनेगी। जिसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है। संभावना है कि वर्ष 2026 में इस यूनिट का काम शुरू हो जाएगा। इधर जिला मुख्यालय पर एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत वुडन एवं फर्नीचर क्लस्टर को मंजूरी मिल चुकी है। यह क्लस्टर कढ़ाई में बनेगा, जिससे कई नए उद्योग शुरू हो सकेंगे और करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा। 

स्कूली बच्चों को आधुनिक सुविधाएं 

मुलताई शहर में सांदीपनि स्कूल का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से चल रहा है। इसमें 40 कमरे और खेल तथा पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2026 में यह कार्य भी पूरा हो जाएगा और बच्चों को आधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी।

नई परियोजनाओं से बढ़ेगा सिंचाई का रकबा 

जिले में वर्ष 2026 में कई सिंचाई परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी या पूरी क्षमता से काम करने लगेंगी। जिससे जिले का सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और किसानों को उत्पादन बढ़ाने में इसका लाभ मिलेगा। वर्ष 2026 में 4 सिंचाई परियोजनाओं का पूरा-पूरा लाभ मिलने लगेगा। इनमें घोघरी परियोजना से 11987 हेक्टेयर, वर्धा परियोजना से 5700 हेक्टेयर, सावन्या कोल परियोजना से 150 हेक्टेयर और पाथाखेड़ा लघु जलाशय परियोजना से 225 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। जिससे जिले के सिंचाई के रकबे में इजाफा होगा।