Contract Cancelled: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जल निगम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जिले की मेंढा और वर्धा नल-जल योजना के ठेके निरस्त कर दिए हैं। इन दोनों योजनाओं के तहत 457.57 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे थे। इससे 332 गांवों तक पानी पहुंचाया जाना है। अब इन कार्यों के नए सिरे से टेंडर होंगे और नए ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए 18 महीने का समय मिलेगा। 

इन दोनों योजनाओं का कार्य भोपाल की एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को सौंपा गया था। कंपनी को 14 मार्च 2023 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और 13 मार्च 2026 तक कार्य पूरा करना था। कंपनी को वर्धा डैम क्षेत्र के 91 और मेंढ़ा डैम क्षेत्र के 241 गांवों तक पानी पहुंचाने का कार्य मिला है। वर्धा परियोजना में आमला का 1, मुलताई के 78 और प्रभातपट्टन के 12 गांव शामिल हैं। इस परियोजना की लागत 134.59 करोड़ रुपये है। इसी तरह मेंढा परियोजना में बैतूल के 136, आमला के 8, आठनेर के 73 और भैंसदेही के 24 गांव शामिल हैं। इसकी लागत 323.98 करोड़ रुपये हैं। 

अभी तक कितना काम हुआ 

वर्धा परियोजना में मार्च 2023 से अब तक केवल 27 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। निगम ने इसे 29 करोड़ का भुगतान किया है। इसी तरह मेंढ़ा परियोजना का अभी तक 32 प्रतिशत काम ही हो सका है। इस कार्य के लिए 52 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इन कंपनियों को बार-बार नोटिस और एक्सटेंशन दिए गए, फिर भी काम की धीमी गति बरकरार रही जबकि दी गई समयावधि बेहद करीब आ चुकी है। 

नई कंपनी को मिलेगा 18 माह का समय

जल निगम के ईई अविनाश दिवाकर के अनुसार वर्धा और मेंढ़ा परियोजनाओं की भौतिक प्रगति क्रमश: 27 और 32 प्रतिशत होने के कारण ठेके टर्मिनेट किए गए हैं। नए टेंडर के बाद आने वाली कंपनी को 18 माह का समय दिया जाएगा। 

समय सीमा में नहीं होगा काम 

जल निगम ने पूर्व में जो समय सीमा तय की थी, उससे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मार्च 2026 तक उन्हें नल-जल योजना के जरिए पानी मिल सकेगा और उनकी समस्याएं भी समाप्त हो जाएगी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब दोनों ही योजनाओं के नए सिरे से टेंडर होंगे और नए ठेकेदार को 18 महीने का समय दिया जाएगा। इससे दोनों ही योजनाओं का काम देरी से पूरा हो सकेगा।