Collectorate Road Safety Negligence: कलेक्ट्रेट रोड पर सुरक्षा की अनदेखी, 'डेंजर स्पॉट्स' की हुई भरमार, हादसों का अंदेशा
Collectorate Road Safety Negligence: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के प्रशासनिक केंद्र कलेक्ट्रेट के सामने से गुजरने वाली सड़क पर अब जगह-जगह हादसों का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह यह है कि नई सड़क बनने के बाद इस पर वाहनों की स्पीड तो बढ़ गई है, लेकिन सुरक्षा के इंतजार कुछ भी नहीं है। यही कारण है कि शिवाजी चौक से लल्ली चौक तक इस सड़क पर जगह-जगह 'डेंजर स्पॉट्स' की भरमार हो गई है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
लंबे इंतजार के बाद हाल ही में इस सड़क का काम पूरा हुआ है। सड़क निर्माण का कार्य जब तक चला, तब तक तो यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना ही पड़ा, लेकिन अब सड़क बनने के बाद उससे भी बड़ा खतरा इस मार्ग पर मंडरा रहा है। नई सीमेंट रोड बनने के बाद इस मार्ग से वाहन तो फर्राटे भरने लगे हैं, लेकिन पूरी सड़क पर कोई भी सुरक्षा इंतजाम नहीं है। यही कारण है कि यहां पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
जनता से जुड़े कई सरकारी दफ्तर यहीं
इस मार्ग पर सीधे आम जनता से जुड़े कई दफ्तर स्थित है। कलेक्ट्रेट में जहां आला अफसर सहित कई विभागों के कार्यालय है वहीं इसी के साथ जिला पंचायत कार्यालय भी है। पुराने कलेक्ट्रेट में पंजीयन कार्यालय, लोक सेवा केंद्र, महिला बाल विकास विभाग के कार्यालय हैं। इसी रोड पर पोस्ट ऑफिस, पासपोर्ट कार्यालय, जनपद कार्यालय, मत्स्य विभाग का कार्यालय, जिला न्यायालय और जिला उद्योग केंद्र स्थित है। इन कार्यालयों में रोजाना सैकड़ों लोग विभिन्न कार्यों से आते हैं। थोड़ा सा आगे नगर पालिका कार्यालय है। यहां भी बड़ी संख्या में लोग रोज पहुंचते हैं। इसी के सामने जिला जेल है।

स्कूल, चर्च और कॉम्पलेक्सं भी मौजूद
इसी मार्ग पर महारानी लक्ष्मी बाई कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल हैं, जिसमें सैकड़ों की संख्या में छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसी के सामने एक निजी स्कूल हैं। वहीं एक चर्च भी स्थित है। इसी रोड पर नगर पालिका का एक शॉपिंग कॉम्लेक्स भी हैं, जहां आवाजाही के लिए इस रोड का उपयोग भी अधिकांश लोग करते हैं।
घुमावदार और ऊंची सड़क होने से खतरा ज्यादा
यह पूरी सड़क घुमावदार होने और आसपास के क्षेत्र से ऊंची हो जाने से इस पर खतरा और बढ़ जाता है। सड़क ऊंची होने से अन्य मार्ग या कार्यालय के परिसर अब काफी नीचे हो गए हैं। ऐसे में इस सड़क पर आने के लिए तेज रफ्तार में आना मजबूरी हो जाता है। कई जगह कार्यालयों के गेट या इस रोड से मिलने वाली अन्य सड़कों के कोने पर लोग चारपहिया वाहन खड़े कर देते हैं। ऐसे में इस रोड से गुजरने वाले अन्य वाहन नजर ही नहीं आते। पूरी सड़क पर कहीं भी ब्रेकर नहीं बने हैं जिससे वाहनों की रफ्तार कम होती ही नहीं। रात में सड़क पर रोशनी की व्यवस्था भी सुचारू रूप से नहीं है। सड़क पर डिवाइडर नहीं होने से दोनों ही दिशाओं के वाहन पूरी सड़क पर दौड़ते रहते हैं। इन्हीं सब कारणों से इस सड़क पर खतरा काफी बढ़ गया है।
यह कदम उठाए जाना बेहद जरुरी
इन हालातों में इस मार्ग पर सुरक्षित यातायात के लिए तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की जरुरत जानकार जता रहे हैं। उनके अनुसार इस रोड पर जगह-जगह स्पीड ब्रेकर या रम्बल स्ट्रिप बनाए जाने चाहिए ताकि वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके। यहां अधिकतम गति सीमा 20 से 30 किमी/घंटा करने की दरकार है। धीमी गति से चलने के केवल चेतावनी बोर्ड ही नहीं लगाने होंगे, बल्कि इसका पालन भी करवाना होगा। कलेक्ट्रेट के सामने तो विशेष रूप से व्यवस्था करने की जरुरत है। गति सीमा तय कर स्पीड कैमरा और सीसीटीवी से मॉनीटरिंग और इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही की जरुरत भी है। बेहतर है कि इस पूरी सड़क को 'नो ओवरस्पीडिंग जोनÓ घोषित कर दिया जाएं। यह सब उपाय करने से ही इस मार्ग पर हादसे रोके जा सकेंगे।

NCP में सियासी हलचल, Parth Pawar ने किया Praful Patel और Sunil Tatkare का बचाव
मालदा: SIR में शामिल न्यायिक अधिकारियों को बनाया बंधक, वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का विरोध
अमित शाह की हुंकार: पूरा बंगाल ममता को विदाई देने के लिए तैयार
कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए CBSE ने जारी किया नया सिलेबस
निजी जमीन पर बना सरकारी भवन, अब बन रहा शराब का अड्डा