mp liquor license rules: एमपी में नया आबकारी नियम: 10 हजार में लाइसेंस, ढाबा-रेस्टारेंट में परोस सकेंगे शराब
mp liquor license rules: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। साल 2025 को अब मात्र तीन दिन बाकी है। अधिकतर युवा थर्टी फर्स्ट और न्यू ईयर की पार्टी मनाने की प्लानिंग करने में लगे हैं। होटल, ढाबा और रेस्टारेंट संचालक भी थर्टी फर्स्ट के लिए विशेष तैयारी कर रहे हैं। आबकारी विभाग द्वारा पार्टी के लिए एक दिन का ऑनलाइन लायसेंस एफएल 5 दिया जा रहा है। जिसमें होटल, ढाबा और रेस्टारेंट संचालक लायसेंस लेकर एक दिन अपने प्रतिष्ठान में शराब पिला सकते हैं।
इसके लिए लायसेंस लेने वालों को अपने प्रतिष्ठान के निकटतम शराब दुकान से शराब लेनी होगी। एकएल 5 लायसेंस ऑनलाइन प्रक्रिया कर प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही 5 हजार रुपये शुल्क देकर सार्वजनिक स्थान जैसे विवाह स्थल, सामुदायिक भवन आदि के लिए अंग्रेजी शराब का लायसेंस लिया जा सकता है। इस लायसेंस में शराब बेच नहीं सकते हैं। आयोजक पार्टी में मेहमानों के लिए शराब की व्यवस्था कर सकता है।
समाप्त हो रहे साल को विदाई देने और नए साल का स्वागत करने साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर को सभी ओर पार्टी सहित अन्य आयोजकों की धूम रहती है। अधिकतर ढाबा, होटलों और रेस्टारेंट में विशेष तैयारी कर ग्राहकों को चोरी छिपे शराब भी परोसी जाती है। लेकिन, अब यदि ढाबा, रेस्टारेंट संचालक चाहे तो दस हजार रुपये शुल्क देकर एक दिन के लिए ऑनलाइन लायसेंस ले सकते हैं। आबकारी विभाग द्वारा एफएल 5 कैटेगिरी में 5 हजार रुपये और दस हजार रूपये शुल्क लेकर एक दिन के लिए जगह विशेष के लिए लायसेंस दिया जा रहा है।
5 हजार रुपये शुल्क देकर सार्वजनिक स्थल जैसे विवाह स्थल, सामुदायिक भवन या अन्य सार्वजनिक आयोजन के लिए अंग्रेजी शराब परोसने का लायसेंस मिल जाएगा। इस लायसेंस में शराब बेची नहीं जा सकती है। जबकि 10 हजार रूपये शुल्क देकर लॉजिंग या बोर्डिंग की सुविधा वाले नियमित भोजन विक्रय केंद्र आदि के लिए लायसेंस फीस एक दिन के लिए दस हजार रुपये रहेगी। इसमें ढाबा-रेस्टारेंट संचालक अपने निकटतम शराब दुकान से अंग्रेजी शराब खरीदकर ग्राहकों को उपलब्ध करवा सकता है।
आवेदक आबकारी विभाग की वेबसाइट पर निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर स्वयं ही ऑनलाइन लायसेंस ले सकता है। जिस जगह के लिए लायसेंस लिया जाएगा, शराब का सेवन उसी स्थान किया जाएगा। किसी भी स्थिति में स्थान परिवर्तन नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया करते समय उसमें डिमांड का भी सेक्शन है। उस हिसाब से शराब रखी जा सकती है। आबकारी विभाग द्वारा भले ही एक दिन के लिए शराब का लायसेंस दिया जा रहा है, लेकिन जिले के अधिकतर ढाबा और रेस्टारेंट संचालकों को बिना लायसेंस के चोरी-छिपे शराब बेचने की आदत है। ऐसे में इस प्रकार के लायसेंस लेने की संभावना कम ही नजर आ रही है।

अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- ‘नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद बन गए’
नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी बुरी तरह फंसा: 20 साल का कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना
Varanasi में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन आयोजित
Lokayukta Police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को पकड़ा
मध्य प्रदेश में महंगाई की मार, 1 अप्रैल से दूध के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ेंगे
अंबिकापुर से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें शुरू