Paddy Procurement Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। हाल ही में ज्वार उपार्जन के लिए कराए गए पंजीयन में बड़ी संख्या में फर्जी किसानों के पंजीयन पाए गए थे। अब धान उपार्जन के लिए हुए पंजीयन में भी सैकड़ों की संख्या में अपात्र पंजीयन पाए गए हैं। इन्होंने सिकमी किसान के नाम पर पंजीयन करा रखा था। शासन के नाम पर राजस्व विभाग से जब जांच करवाई गई तो सारी हकीकत सामने आ गई। अपात्र पाए गए यह कथित किसान अब धान की बिक्री समर्थन मूल्य पर नहीं कर पाएंगे।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कराए गए पंजीयन में जिले में कुल 9100 किसानों के पंजीयन हुए थे। इनमें से 834 लोगों ने सिकमी किसान के रूप में पंजीयन कराया था। सिकमी किसान वे होते हैं जिनके पास खुद का खेत नहीं होता है, लेकिन वे किसी और के खेत को किराए या बंटाई पर लेकर खेती करते हैं। सिकमी के रूप में पंजीयन कराने के लिए कुछ दस्तावेज भी आवश्यक रूप से देने होते हैं। शासन स्तर से भी निर्देश थे कि जिन लोगों ने सिकमी किसान के रूप में पंजीयन कराया है, उनकी राजस्व विभाग के माध्यम से जांच-पड़ताल कराई जाएं। 

घोड़ाडोंगरी में सबसे ज्यादा सिकमी 

जिले में सिकमी के रूप में कुल 834 पंजीयन हुए थे। इनमें सबसे ज्यादा 454 किसान घोड़ाडोंगरी ब्लॉक से थे। इनके अलावा बैतूल से 201, आमला से 35, आठनेर से 12, भैंसदेही से 1, भीमपुर से 14, चिचोली से 12, मुलताई से 12, प्रभातपट्टन से 6 और शाहपुर से 87 लोगों ने सिकमी के रूप में पंजीयन कराया था। 

जांच में यह स्थिति आई सामने 

इधर राजस्व विभाग से जब जांच कराई गई तो महज 403 सिकमी पंजीयन ही सत्यापित पाए गए हैं। शेष 431 किसान असत्यापित यानी अपात्र पाए गए। असत्यापित पाए गए पंजीयन में से अधिकांश घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के बताए जाते हैं। इनके दस्तावेज अपूर्ण पाए गए। अब यह लोग अपनी उपज बेचने स्लॉट बुक ही नहीं करा पाएंगे। 

जांच नहीं होती तो हो जाता खेल 

यदि जांच नहीं होती तो बड़ा खेल हो जाता और शासन को लाखों-करोड़ों रुपये की चपत लग सकती थी। संभावना जताई जा रही है कि सिकमी के रूप में पंजीयन कराने वाले अधिकांश लोग किसान न होकर व्यापारी है और वे किसानों से औने-पौने दामों में धान खरीद कर उसे समर्थन मूल्य पर बेचकर तगड़ा मुनाफा कमा लेते। जांच में खुलासा होने के बाद वे अब उपज नहीं बेच पाएंगे। 

जिले में धान खरीदी की यह स्थिति 

जिला आपूर्ति अधिकारी कृष्णकुमार टेकाम ने बताया कि जिले में अभी तक 4062 किसानों से 2 लाख, 80 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। धान खरीदी के लिए जिले में 20 केंद्र बनाए गए हैं। धान की खरीदी 20 जनवरी तक की जाएगी।