Betul cyber fraud case: सायबर ठगी के आरोपी की जमानत पर SP नाराज, कोतवाल को कारण बताओ नोटिस
Betul cyber fraud case: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले में 10 करोड़ की हुई सायबर ठगी के मामले में गत दिवस एक आरोपी ब्रजेश महाजन को जमानत मिल गई थी। 11 दिसम्बर को ब्रजेश महाजन को गिरफ्तार किया गया था और ठीक 11 दिन बाद 22 दिसम्बर को उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में कोतवाली टीआई नीरज पाल की गंभीर लापरवाही मानते हुए एसपी वीरेंद्र जैन ने आरोपी ब्रजेश महाजन के खिलाफ हाईकोर्ट में जमानत निरस्त करने की अपील करने के निर्देश तो दिए ही हैं साथ ही पूरे मामले में कड़ा रूख अपनाते हुए नीरज पाल को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब भी मांगा है।
संभवत: यह पहला मामला है जब एसपी ने किसी आरोपी की जमानत होने पर संबंधित थाने के टीआई की गंभीर लापरवाही मानते हुए उसे नोटिस जारी किया है। एसपी वीरेंद्र जैन की इस नाराजगी के बाद जारी हुए नोटिस से जिले के पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है। एसपी ने नोटिस दिए जाने की पुष्टि करते हुए इसे रूटिन प्रक्रिया बताया है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र खेड़ी सांवलीगढ़ शाखा से सामने आया 9.84 करोड़ की सायबर ठगी का मामला ठण्डा होने का नाम ही नहीं ले रहा है। शुरूवाती दौर में पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले को कथित तौर पर ठण्डे बस्ते में डाल दिया था। बाद में दैनिक राष्ट्रीय जनादेश में इस मामले को लेकर तथ्यपूर्ण खबरें लगातार प्रकाशित की गई थी। जनादेश में प्रकाशित खबरें पीएचक्यू के सीनियर अफसरों सहित डीजीपी की नजर में आई थी जिसके बाद बैतूल पुलिस फिर से एक्टिव हुई और इस मामले में लगभग आधा दर्जन से अधिक आरोपियों की जहां गिरफ्तारी हुई वहीं एसपी ने तीन बार पत्रकारवार्ता कर स्वयं इस मामले की जानकारी दी थी।
एसपी ने टीआई को दिया नोटिस
अब इस मामले में जब 22 दिसम्बर को सायबर ठगी के इस मामले से जुड़े मुख्य आरोपी (पुलिस के अनुसार) को जमानत मिली तो पुलिस कप्तान की भौंहे तन गई जिसका असर यह हुआ कि 25 दिसम्बर को एसपी वीरेंद्र जैन ने कोतवाली टीआई नीरज पाल को सायबर अपराध प्रकरण में लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इतना ही नहीं एसपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि उच्च न्यायालय में आरोपी की जमानत के खिलाफ अपील भी की जाए। एसपी की इस कार्यवाही से हड़कम्प मचा हुआ है।

नवम्बर में बनाया था पहला मामला
16 नवम्बर 2025 को जिला सायबर सेल बैतूल से मनी म्यूल अकाउंट का जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्ट्या आरोपी राजा उर्फ आयुष चौहान पिता रामसिंह चौहान (28)निवासी खेडी सांवलीगढ़ बैतूल एवं आवेदक के खाते पर जारी हुए एटीएम, मोबाइल न. 7772872671 से उपयोग की गई मोबाइल बैंकिग के धारक / उपयोगकर्ता एवं अन्य संदेहियों के द्वारा प्रथम दृष्टया अपराध धारा 318(4), 3(5) बीएनएन, 66 सी आईटी एक्ट का अपराध घटित किया जाना पाये जाने से प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
म्यूल अकाउंट में जमा कराता था राशि
उपरोक्त प्रकरण की विवेचना के दौरान साक्ष्य के आधार पर आरोपी ब्रजेश महाजन पिता बसंत महाजन निवासी खरगौन की गिरफ्तारी 11 दिसम्बर 2025 को की जाकर पूछताछ करने पर बताया गया कि वह 2015 से बुलियन का व्यापार करता है। अमित अग्रवाल, ब्रजेश महाजन (बी. के. महाजन) का दोस्त है जो कि 2021 से ऑफलाइन सट्टा चलाता था। वर्ष 2023 से ऑनलाइन सट्टा चालू किया जो कि बीएमडब्ल्यूईएक्ससीएच.कॉम लिंक से क्रिकेट का सट्टा चलाता था जिसका पेमेंट अमित अग्रवाल, अंकित राजपूत द्वारा दिये गए म्यूल अकाउंट में करवाता था। ब्रजेश महाजन (बी. के. महाजन) ने ही अंकित को शुभम माहेश्वरी उर्फ रॉनी निवासी बडऩगर उज्जैन का इंटरनेशनल नंबर +447441399780 दिया जिस पर रॉनी व्हाट्सअप कॉलिंग करता था। शुभम माहेश्वरी उर्फ रॉनी जब भी विदेश जाता है वह ब्रजेश महाजन (बी. के. महाजन) के माध्यम से ही फ़ॉरेन करेंसी प्राप्त करता है।

न्यायालय को नहीं कराया तथ्यों से अवगत
एसपी वीरेंद्र जैन द्वारा सायबर ठगी के मामले में आरोपी के कबूलनामे को पत्रकारवार्ता में बताया गया था। बावजूद इसके आरोपी के अधिवक्ता द्वारा जब न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन लगाया तो कोतवाली टीआई ने जमानत का विरोध करते हुए सारे तथ्यों से न्यायालय को अवगत नहीं कराया जिससे आरोपी को जमानत मिल गई। एसपी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कोतवाली टीआई नीरज पाल को नोटिस देते हुए हाईकोर्ट में जमानत खारिज करने की अपील करने के निर्देश दिए हैं।
एसपी ने बताया कि उक्त प्रकरण के आरोपी ब्रजेश महाजन द्वारा करोड़ो रुपयों की आर्थिक धोखाधड़ी की घटना की गई है। उक्त आरोपी के माध्यम से अभी काफी साक्ष्य एकत्रित किये जाने थे। इसके उपरांत भी आपके द्वारा प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों एवं आगामी विवेचना में प्राप्त किये जाने वाले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संबंध में न्यायालय को अवगत नहीं कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप उक्त महत्वपूर्ण आरोपी ब्रजेश महाजन की न्यायालय से दिनांक 22 दिसम्बर 2025 को जमानत हो गई है, जो थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही है। जमानत निरस्त होने पर पुलिस कप्तान खासे नाराज है।

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