Critical Care Unit Betul: करोड़ों में बनाया क्रिटिकल केयर पर स्टाफ ही नहीं, अब शिफ्ट किया ऑर्थोपेडिक वार्ड
Critical Care Unit Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। स्वास्थ्य महकमे द्वारा डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉप की कमी दूर करने के बदले भवन निर्माण पर ज्यादा जोर दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि करोड़ों रूपए के भवन तो बना दिए जाते है, लेकिन यहां उपचार करने वाले डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉप की कमी से मरीजों को इनका लाभ नहीं मि पा रहा है।
जिला अस्पताल परिसर में भी हाल ही में लगभग १५ करोड़ रूपए की लागत से पीएम अभिम क्रिटिकल केयर अस्पताल का निर्माण तो कर दिया गया ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके लेकिन पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाूप नहीं होने से यहां आर्थोपेडिक विभाग शिफ्ट कर दिया गया है। जिसमें एक फीर्मल, एक मेल वार्ड के के साथ ही आर्थोपेडिक ओपीडी मात्र शिफ्ट की गई है। आर्थोपेडिक वार्ड भी भवन का लोकार्पण होने के पूर्व ही संचालित होने लगा है।
जिला अस्पताल परिसर में नए भवना के निर्माण की श्रृंखला लगातार जारी है। हाल ही में लगभग १९ करोड़ रूपए की लागत से पीएम अभिम क्रिटिकल केयर ईकाई के लिए भवन बनाया गया है। ग्राउंड प्लस टू फ्लोर के इस अस्पताल निर्माण का उद्देश्य था कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों का उपचार क्रिटिकल केयर में हो सके। क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए जिला असप्ताल में अलग से न तो डॉक्टरों की पदस्थापना की गई और ना ही स्पेशलिस्ट पैरामेडिकल स्टॉप आया है। लगभग दो माह पूर्व ही लगभग १९ करोड़ रूपए की लागत से भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन स्टॉप नहीं आने से क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू नहीं हो पाई।
बिना लोकार्पण के उपचार शुरू
क्रिटिकल केयर यूनिट में स्टॉप नहीं आगे से आधिकारिक तौर पर इस भवन का लोकार्पण नहीं हुआ है, लेकिन तीन चार दिन पूर्व से यहां ट्रामा सेंटर में चल रहा ऑर्थोपेडिक विभाग शिफ्ट कर दिया गया है। जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर ऑर्थोपेडिक ओपीडी का संचालन हो रहा है वहीं फर्स्ट फ्लोर पर मेल एवं फीमेल ऑर्थोपेडिक वार्ड संचालित हो रहे है। इस पूरे अस्पताल में वर्त्तमान में सिर्फ ऑथोपेडिक विभाग ही संचालित हो रहा है। यहां भी ट्रामा सेंटर में संचालित होने वाले ऑर्थोपेडिक विभाग का ही पैरामेडिकल स्टॉप एवं डॉक्टर है।
ट्रामा सेंटर से महिला विभाग के बाद अब ऑर्थोपेडिक विभाग भी शिफ्ट होने के बाद यहां अब ग्राउंड फ्लोर पर एक कक्ष में एक्स-रे मशीन, एक कक्ष में सीटी स्कैन मशीन है वहीं फर्स्ट फ्लोर के एक कक्ष में टीबी ओपीडी संचालित हो रही है। बाकी पूरा भवन खाली पड़ा है। जिलेवासियों ने क्रिटिकल केयर यूनिट में पर्याप्त स्टॉप बुलवाकर इसे शुरू करने की मांग जनप्रतिनिधियों से की है।

जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा घोटाला, बिना सामान करोड़ों का भुगतान
TVK का चुनावी दांव: 200 यूनिट मुफ्त बिजली, हेल्थ कवर और नई यूनिवर्सिटी का वादा
पश्चिम एशिया में जंग क्यों जटिल? US के 12,300 हमलों के बाद भी ईरान तैयार
कहासुनी के बाद पति का खौफनाक कदम, बेटियों ने बचाई मां की जान
चुनावी मैदान में भाजपा का ऐलान: लव जिहाद और लैंड जिहाद पर लगेगी रोक
भोपाल में इमका कनेक्शन मीट में चंदन रॉय बने ‘एलुमनी ऑफ द ईयर’