Betul village electricity crisis: बैतूल के इस गांव में एक महीने से नहीं बिजली, कहां से लाएंगे ढाई लाख रुपये
भैंसदेही (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul village electricity crisis)। विकासखंड की ग्राम पंचायत बानूर का ग्राम फांगरा विगत एक माह से अंधेरे में डूबा हुआ है। यहां जो ट्रांसफार्मर लगा था, उसे खराब बताकर विद्युत कंपनी के कर्मचारी निकालकर ले गए और अभी तक दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। अब विभाग ग्रामीणों से बिजली बिल के ढाई लाख रूपये जमा करने के लिए कह रहा है। जिससे ग्रामीणों में कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर खासी नाराजगी बनी हुई है।
फांगरा ग्राम लगभग 30 घरों की बस्ती है। यहां करीब 150 लोग निवास करते है। ऐसे में इतनी बड़ी रकम जमा करने के फरमान से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के बिना उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली से संबंधित सभी कार्य ठप पड़े हैं। यहां तक कि मोबाइल चार्जिंग और गेहूं पिसवाने के लिए भी दूसरे गांव जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कतें स्कूली बच्चों की है। बिजली के बिना बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हंै। होमवर्क नहीं करने से बच्चों को रोजाना स्कूल में शिक्षकों की नाराजगी का सहनी पड़ रही है।
तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने की मांग
ग्रामीण वासुदेव मावसकर, मोहन मेठकर, दिपेश मावसकर, प्रकाश मेटकर, सहदेव मावसकर सहित अन्य ग्रामीणों ने बिजली कंपनी से तत्काल ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग की है।
बच्चे नहीं कर पा रहे पढ़ाई
एक माह से गांव में ब्लैक आऊट की स्थिति बनी रहने का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। हालात यह है कि बिजली के बिना जनजीवन भी पूरी तरह प्रभावित होकर रह गया है।
कहां से लाएंगे इतनी बड़ी रकम
ग्रामीण सुखचंद सेलकर, अतुल मावसकर, अंकेश मावसकर ने बताया कि बिजली अधिकारियों से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कहा जाता है तो अधिकारी पहले ढाई लाख के बिजली बिल के भुगतान को कह रहे हैं। ग्रामीण इतनी बड़ी रकम कहां से जमा करेंगे? ग्रामीण खेती करके अपनी जीविका चलते हैं, बच्चों की पढ़ाई करवाते हैं। ऐसे में ढाई लाख का भुगतान करना संभव नहीं है।
मोमबत्ती से रोशन कर रहे मकान
बिजली सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों को अपने घर रोशन करने के लिए मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राशन दुकानों से अब कैरोसिन मिलना भी बंद हो गया है। ग्रामीण दिन भर तो जैसे-तैसे काम चला लेते हैं, लेकिन रात्रि के समय घरों में अंधेरा छा जाता है। महिलाओं को भी बिजली के बिना खाना पकाना पड़ता है। ऊपर से अंधेरे के कारण जीव-जंतुओं का खतरा भी रहता है।
ग्रामीणों ने लगाई कलेक्टर से गुहार
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि बिजली की इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएं, ताकि ग्रामीणों को गांव में ब्लैक आऊट जैसी स्थिति से निजात मिल सके। इस संबंध में सांवलमेंढा के लाइनमैन शैलेंद्र ताड़गे का कहना है कि फांगरा के ग्रामीणों पर बिजली का काफी बिल बकाया है। वे जमा करेंगे, तभी ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। वहीं जेई जलज वाईकर से संपर्क करने पर उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।

KKR के खिलाफ जीत के इरादे से उतरेगी CSK, प्लेइंग XI पर सबकी नजर
राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल, कई तहसीलों से अधिकारियों के तबादले से प्रशासन में हलचल
TMC सांसद सायनी घोष कौन हैं? चुनाव प्रचार में गानों को लेकर क्यों मचा है विवाद, BJP ने लगाए तुष्टीकरण के आरोप
IPL 2026 में डुप्लेसिस का बड़ा बयान, MI को दी रणनीति बदलने की सलाह
Betul Collector Meeting: जमीनी स्तर तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, आमजन को न हो परेशानी: कलेक्टर डॉ. सोनवणे