बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Congress Block President)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश के ७८० ब्लॉक और उप ब्लॉक में कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा की है। इस सूची में बैतूल जिले में कांग्रेस के २९ ब्लॉक और उप ब्लॉक में से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित बैतूल और मुलताई के ४-४ ब्लॉक-उप ब्लॉक में ही अध्यक्षों की घोषणा की गई है। जिले की तीनों आरक्षित विधानसभाओं में कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी गुटबाजी के चलते एक भी नाम तय नहीं हो पाए हैं। 

नए ब्लॉक अध्यक्षों में जिला मुख्यालय के बैतूल शहर में पार्षद का चुनाव हारने वाले को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया है वहीं ग्रामीण में नए चेहरे को मौका दिया है। आठनेर शहर में पति को हटाकर पत्नी को अध्यक्ष बनाया है वहीं ग्रामीण में जनपद सदस्य को ब्लॉक की कमान दी है। नए अध्यक्षों को देखकर ऐसा लग रहा है कि कद्दावर नेताओं को छोडक़र मजबूरी में एकदम नए चेहरों को मौका दिया गया है। बैतूल विधानसभा में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा के करीबियों और मुलताई विधानसभा के ब्लॉक-उप ब्लॉक में पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे के करीबियों को मौका दिया गया है।

इन्हें बनाया ब्लॉक-उप ब्लॉक अध्यक्ष

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने १६ दिसम्बर को प्रदेश के ६८० ब्लॉक-उपब्लॉक में कांग्रेस अध्यक्ष घोषित किए हैं। जिसमें बैतूल जिले की बैतूल विधानसभा में आने वाले बैतूल शहर में मोनू बडोनिया को हटाकर मनोज नानकराम आहूजा, बैतूल ग्रामीण में तरूण कालभोर को हटाकर महदगांव के अनजान कांग्रेस नेता राजकुमार चौबे, आठनेर शहर में सारिका माथनकर और आठनेर ग्रामीण में पंकज केशोराव बंजारे को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया है। बैतूल विधानसभा में बैतूल बाजार नगर में नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं की है। इसी प्रकार मुलताई विधानसभा में मुलताई में अरूण यादव, प्रभातपट्टन में मिश्रीलाल धाकड़, मासोद उप ब्लॉक में भूतासिंह मर्सकोले और दुनावा उप ब्लॉक में राजू पंवार को अध्यक्ष बनाया गया है। मुलताई ग्रामीण में किसी भी घोषणा नहीं की गई है।

सामंजस्य नहीं बनने से तीन विधानसभाओं में नहीं हुई नियुक्ति

जिले में बैतूल विधानसभा में पूर्व विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा और मुलताई विधानसभा में पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे के करीबियों को अध्यक्ष बनाया गया है। घोड़ाडोंगरी-भैंसदेही और आमला विधानसभा में किसी भी ब्लॉक-उप ब्लॉक में अध्यक्षों की घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार इन तीनों ही विधानसभा में आपसी गुटबाजी के चलते एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। खबर है कि घोड़ाडोंगरी विधानसभा में कांग्रेस के सर्वाधिक ९ ब्लॉक और उप ब्लॉक है। यहां निलय डागा खेमे के पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह और पांसे खेमे के शाहपुर ब्लॉक अध्यक्ष नरेन्द्र मिश्रा के बीच सामंजस्य नहीं बनने से एक भी नाम तय नहीं हो पाए हैं। तीनों ही नेता अपने करीबी को अध्यक्ष बनाने पर अड़े हुए हैं।

इसी प्रकार भैंसदेही विधानसभा में पूर्व विधायक धरमूसिंह सिरसाम और अनूसूचित जनजाति कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजू टेकाम अपने समर्थकों को अध्यक्ष बनाना चाह रहे हैं जिससे एक नाम तय नहीं हो पा रहा है। लगभग यही स्थिति आमला विधानसभा में भी है यहां पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे के कट्टर समर्थक मनोज मालवी एवं जिला अध्यक्ष निलय डागा के करीबी अजय सोलंकी के बीच एक राय नहीं बन पा रही है। दोनों ही अपने-अपने करीबी को अध्यक्ष पद पर देखना चाह रहे है। जिसके चलते आमला विधानसभा के पांचों ब्लॉक-उप ब्लॉक में अध्यक्ष नहीं बन पाए है।

पति को हटाकर पत्नी को बनाया ब्लॉक अध्यक्ष

जिले में जिन ८ ब्लॉक-उप ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, उनमें भी आठनेर शहर के वर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. ज्ञानदेव माथनकर को हटाकर उनकी पत्नी सारिका माथनकर को आठनेर शहर ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं आठनेर ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष पंकज केशोराव बंजारे को बनाया गया है। पंकज बंजारे जनपद पंचायत आठनेर में जावरा, धनोरा, धनोरी क्षेत्र से जनपद सदस्य है। 

जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में इन पर क्रॉस वोटिंग कर भाजपा समर्थित जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाने के आरोप भी लगे थे। वहीं बैतूल शहर अध्यक्ष बनाए गए मनोज आहूजा पूर्व में नगरीय चुनाव में पार्षद का चुनाव हार चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश संगठन ने इन पर भरोसा जताते हुए ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी है। अब यह कांग्रेस की डूबती नैया को कैसे पार लगाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।