Betul Municipality dispute: वेतन वृद्धि रोकी तो सुसाइड नोट लिख कर कर लूंगा आत्महत्या... नपा के एआरआई की चेतावनी
बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Municipality dispute)। लोक अदालत में समय पर उपस्थित नहीं होने पर एक सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआई) को नोटिस जारी करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एआरआई ने बाकायदा पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि उनकी वेतन वृद्धि यदि रोकी गई तो वे सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर लेंगे। यह पत्र उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों को देने के साथ ही कलेक्टर और एसपी कार्यालय में भी दिया है।
नपा सीएमओ को लिखे पत्र में एआरआई पुष्पराव म्हस्की ने कहा है कि उनकी सर्विस को 32 साल हो गए हैं। उन्हें सांसद जी के मोहल्ले के 55 बिल दिए गए थे, जिनमें से 3 की तामिली नहीं हो सकी थी। इसलिए वे 9 से 10 बजे के बीच उनके मोहल्ले में थे और बकायादारों की जानकारी एवं मोबाइल नंबर प्राप्त करने उनके घर भी गए थे। उनकी काल डिटेल निकालने पर यह स्पष्ट भी हो जाएगा।
13 दिसंबर को ही नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष उपस्थित होकर मौखिक रूप से यह जानकारी भी दे दी थी। इसके बावजूद राजस्व लिपिक सुभाष प्रजापति और राजस्व निरीक्षक तथा प्रभारी सीएमओ ब्रजगोपाल परते द्वारा मुझे आत्महत्या के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एआईआर म्हस्की ने साफ चेतावनी दी है कि उनकी वेतन वृद्धि रोकी जाएगी तो वे सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर लेंगे।
इधर इस पूरे मामले को लेकर राजस्व लिपिक सुभाष प्रजापति ने बताया कि 13 दिसंबर को नगर पालिका बैतूल में लोक अदालत का आयोजन किया गया था। लोक अदालत में सभी को 9 बजे उपस्थित होने को कहा गया था। एआरआई पुष्पराव म्हस्की समय पर उपस्थित नहीं हुए। नपाध्यक्ष के निरीक्षण के दौरान भी वे गैरहाजिर पाए गए थे। इसके चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसमें आत्महत्या के लिए प्रेरित करने जैसी कोई बात ही नहीं है।

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