बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भीषण गर्मी के सीजन में जल संकट की स्थिति बनना कोई अचरज नहीं, लेकिन जिले के कई ग्रामीण अंचल ऐसे हैं जहां पर ठंड के मौसम में भी जल संकट का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति भीमपुर ब्लॉक के ग्राम पिपरिया (गुरूवा) में भी बन रही है। परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को बैतूल पहुंच कर जनसुनवाई में कलेक्टर से पानी की व्यवस्था करने की गुहार लगाई। 

ग्राम पिपरिया से आई महिलाओं ने कलेक्टर से की शिकायत में बताया है कि ग्राम सरपंच ढाना के लोग बीते कई सालों से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें आज तक भी नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसके अलावा पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। महिलाओं ने बताया कि उनके ढाना में करीब 50 मकान हैं। इन सबके लिए मात्र एक हैंडपंप हैं। जिससे पानी लेने के लिए कतार लगाना पड़ता है। आलम यह है कि यहां 2-2 और 3-3 घंटे इंतजार करने के बाद कहीं पानी नसीब हो पाता है। 

पानी भी दूषित, हो रहे बीमार 

ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप से जो पानी आता है वह भी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। उसमें कचरे के साथ ही कई कीटाणु भी आते हैं। उसे पूरी तरह छानकर और उबालकर पीने के बाद भी लोग आए दिन बीमार हो रहे हैं। वे अपने साथ बोतल में हैंडपंप का मटमैला पानी भी साथ लाए थे। ग्रामीणों ने जल्द ही उनके ढाने में पेयजल की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।