कोरबा में खौफनाक वारदात...फार्म हाउस में मिलीं 3 लाशें, इलाके में हड़कंप, पढ़ें मर्डर मिस्ट्री की इनसाइड स्टोरी
कोरबा : में एक फार्म हाउस से स्क्रैप कारोबारी समेत तीन लोगों की लाश मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घटना एक कथित तंत्र-मंत्र प्रक्रिया के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस में मौजूद लोगों को विश्वास दिलाया गया था कि 4 लाख रुपये को तांत्रिक विधि से 4 करोड़ में बदल दिया जाएगा। कोरबा फार्म हाउस तीन मौत का यह मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है।
जानकारी के मुताबिक मृतक स्क्रैप कारोबारी असरफ कबाड़ी अपने परिवार के साथ फार्म हाउस पहुंचा था। उसी जगह बिलासपुर से आए चार बैगा और उनकी टीम तांत्रिक क्रियाएं कर रहे थे। जिस कमरे में यह तंत्र-मंत्र चल रहा था, उसके बाहर असरफ का परिवार मौजूद था। कुछ ही देर बाद कमरे के भीतर तीन लोगों—असरफ, एक बैगा और उसके एक साथी—की लाशें मिलीं।
सूत्रों का कहना है कि बैगा ने दावा किया था कि 4 लाख रुपये को तंत्र-कर्म के जरिए 4 करोड़ में बदल सकता है। इसी लालच में कारोबारी ने यह पूरी प्रक्रिया अपने फार्म हाउस में करवाने की अनुमति दी। लेकिन इस "तांत्रिक क्रिया" के दौरान क्या हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। प्रारंभिक अनुमान है कि यह कोरबा फार्म हाउस तीन मौत का मामला लूट की साजिश भी हो सकता है, जहां तंत्र-मंत्र के नाम पर कारोबारी को फंसाया गया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना क्षेत्र में अंधविश्वास और ठगी के खतरनाक जाल को भी उजागर करती है।

Betul Drinking Water Management: हेमंत की पहल पर पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए बनेगा व्हाट्सऐप ग्रुप
Slot Booking Issue: स्लॉट बुकिंग फेल, किसान बेहाल: बैतूल में गेहूं खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल
Shahpur Tractor Accident Case: 50 CCTV फुटेज से खुलासा: युवती को कुचलने वाला ट्रैक्टर चालक गिरफ्तार
Betul Water Crisis Plan: जल संकट पर कड़ा एक्शन: बैतूल में लॉन्ग टर्म प्लान बनाएंगे कलेक्टर डॉ. सोनवणे, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
मद्महेश्वर-तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख कल होगी घोषित, डीएम की मौजूदगी में होंगे धार्मिक अनुष्ठान
TMC सांसद का केंद्र पर हमला, संसद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल