नांदा (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Sand Mafia)। भीमपुर विकासखंड के कई इलाकों में रेत माफिया बेखौफ होकर नदियों से रेत उलीच कर उन्हें छलनी करने में जुटे हैं। ऐसा लगता है कि इन्हें जैसे किसी का डर ही नहीं है। यही कारण है कि उनकी जब इच्छा होती है, तब वे ट्रकों में रेत भर कर ले जा रहे हैं। दूसरी ओर किसी भी विभाग द्वारा उन पर कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। इससे उनके हौसले और बुलंद हो रहे हैं। 

क्षेत्र की प्रमुख ताप्ती नदी पर भी जगह-जगह अवैध रूप से रेत निकालकर परिवहन किया जा रहा है। रेत माफिया को न वन विभाग पकड़ता है और न राजस्व विभाग और न ही पुलिस या खनिज विभाग द्वारा ही कोई कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि नादिया घाट, घोगरा घाट, कुनखेड़ी घाट के पास, बिजोरी,  भटबोरी के पास तथा बालू ढोढरा ताप्ती नदी से लगातार रेत की चोरी हो रही है।

यहां बाकायदा जेसीबी से डंपर में रेत भरी जाती है और ले जाई जा रही है। रेत का अवैध उत्खनन कर खंडवा के आशापुर मार्ग की ओर ले जाई जा है। बिना किसी रायल्टी के ही रेत ले जाई जा रही है। इसी तरह किडिंग और मोहटा के पास भी ताप्ती नदी से रेत निकाली जा रही है। बताया जाता है कि बीते 2 से 3 महीने से रेत का अवैध परिवहन लगातार जारी है। चिल्लौर, बालू, ढोढरा, नहरपुर में सबसे ज्यादा रेता का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। 

जगह-जगह तैनात रहते हैं आदमी 

बताया जाता है कि किसी भी तरह की कार्रवाई की पहले सूचना मिल जाए इसके लिए माफिया द्वारा जगह-जगह अपने आदमी भी तैनात रखे जाते हैं। इनका एक आदमी पुलिस थाना के पास और दूसरा आदमी वन विभाग के ऑफिस के पास रहता है। खनिज विभाग और राजस्व विभाग का तो इनको डर ही नहीं है। 

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं 

बताते हैं कि इस मामले की राजस्व विभाग और पुलिस विभाग से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग के सामने से ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर से बिना रायल्टी की ताप्ती नदी से निकली रेत जाती है पर कोई रोक-टोक नहीं होती है। क्षेत्र के जागरूक लोगों ने अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की है।