बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (BPL Verification Betul)। राशन दुकानों से खाद्यान्न लेने के लिए सबसे जरुरी बीपीएल का सत्यापन होता है। सत्यापन होने के बाद ही फूड कूपन मिलता है और राशन मिलना शुरू होता है। यह बीपीएल सत्यापन का कार्य ही अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। इससे हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। इसके अभाव में उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। सत्यापन का कार्य कब शुरू होगा, इसका भी कोई अता पता नहीं है। 

इस साल शासन द्वारा ई-केवायसी कराई गई थी ताकि पात्र लोग ही नि:शुल्क राशन ले सके। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा भी ऐसे लोगों की सूची राज्य शासन को भिजवाई गई थी, जिनका टर्न ओवर काफी ज्यादा है, लेकिन उनका नाम बीपीएल सूची में शामिल हैं और वे राशन भी ले रहे हैं। बताया जाता है कि इन दोनों ही आधार पर केवल बैतूल शहर के ही करीब 4900 लोगों के राशन कार्ड निरस्त हुए हैं। इसके अलावा परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए भी बीपीएल सत्यापन करना होता है। 

राशन मिलना बंद होने पर मचा हड़कंप

इधर ई-केवायसी नहीं होने और अन्य कारणों से नाम कटने और राशन मिलना बंद होने से हड़कंप मच गया। इसके बाद लोग दोबारा नाम जुड़वाने और राशन शुरू करवाने के लिए आवेदन देने लगे। खाद्य विभाग और एसडीएम ऑफिस में आवेदन दिए जाने पर वहां से बीपीएल सत्यापन के लिए नगर पालिका भिजवाया जाता है। 

करीब 5 सैकड़ा के ही हुए सत्यापन 

इस पर नगर पालिका से करीब 500 लोगों के सत्यापन किए गए, लेकिन इसके बाद 28 अक्टूबर से बीपीएल का सत्यापन का कार्य बंद कर हो गया है। नगर पालिका में इस संबंध में सूचना चस्पा कर दी गई है कि पोर्टल बंद होने से सत्यापन का कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।

सत्यापन के तीन सौ आवेदन हैं पेंडिंग 

इधर पोर्टल बंद होने से अब सत्यापन के लिए जहां नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। वहीं पूर्व में लिए जा चुके करीब 300 आवेदन भी पेंडिंग में पड़े हैं। सत्यापन का यह कार्य कब से शुरू होगा, इसे लेकर अधिकारी भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। सत्यापन का पोर्टल केवल बैतूल में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में ही बंद पड़ा है। 

लोगों को नहीं मिल पा रहा राशन

सत्यापन का कार्य बंद होने के कारण बैतूल शहर ही नहीं पूरे जिले में हजारों लोग खासे परेशान हो रहे हैं। जिन लोगों के नाम विभिन्न कारणों से कट चुके हैं, उनका सत्यापन होकर दोबारा नाम नहीं जुड़ पा रहा है। इससे उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा नए सदस्यों के नाम भी नहीं जुड़ पा रहे हैं। कई गरीब परिवार भी इस कारण से खासे परेशान हो रहे हैं। उन्होंने सत्यापन का कार्य जल्द शुरू किए जाने की मांग की है।