Betul pathology lab issue: जिला अस्पताल में टेक्निशियनों का टोटा, 11 की जगह 4 ही पदस्थ, रात में ऑपरेटरों के भरोसे रहती है पैथोलॉजी
बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul pathology lab issue)। जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हैल्थ लैब (आईपीएचएल) की स्थापना कर लगभग ११० प्रकारों की जांच का अनुबंध भी पियोसिटी सांइस भोपाल को दे दिया है। कंपनी द्वारा इन जांचों के लिए आवश्यक मशीने और रियेजेंट उपलब्ध करवाने के साथ ही मशीनों को ऑपरेट करने कर्मचारी भी भेजे है, लेकिन जिला अस्पताल में लैब टैक्रिशियनों की कमी लगातार बनी हुई है।
आईपीएचएल में वैसे ११ लैट टैक्निशियन होने चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैबोटरी में मात्र ४ लैब टैक्निशियन ही पदस्थ है। सुबह और दोपहर में २-२ लैब टैक्निशियन ड्यूटी कर रहे है। रात्रि के समय पियोसिटी साइंस द्वारा मशीने ऑपरेट करने भेजे गए कर्मचारियों के भरोसे ही पैथालॉजी लैब रहती है। पिछले कुछ समय में ही जिला अस्पताल से ५ लैब टैक्निशियनों का तबादला हो गया है, लेकिन उनके बदले कोई भी टैक्निशियन नहीं आया है। जिससे चार लैब टैक्निशियन ही प्रतिदिन औसतन ढाई सौ मरीजों के लगभग एक हजार टेस्ट करने मजबूर है।
आईपीएचएल में होने चाहिये १७ कर्मचारी
जिला अस्पताल में लगभग एक साल पहले इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हैल्थ लैबोरेटरी शुरू की गई है। आईपीएचएल के प्रावधानों के अनुसार इसमें जांच करने के लिए पैथालॉजिस्ट, एक माइक्रो बायोलाजिस्ट, एक बायोकेमिस्ट, ११ लैब टैक्निशियन एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और २ स्टॉफ सहित कुल १७ कर्मचारी होने चाहिये। कुछ समय पूर्व तक यहां ९ लैब टैक्निशियन पदस्थ थे, लेकिन एक-एक कर पांच लैब टैक्निशियन का तबादला हो गया है। जिससे अब यहां चार लैब टैक्निशियन ही पदस्थ है। इनके द्वारा ही यहां सभी प्रकार के टेस्ट लगाए जा रहे है।
११० जांचों का हुआ है अनुबंध
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल की आईपीएचएल लैबोरेटरी में ११० प्रकार की अलग-अलग जांच करने के लिए मशीने और रियेजेंट उपलब्ध करवाने का अनुबंध भोपाल की पियोसिटी सांइस कंपनी को दिया है। कंपनी द्वारा वत्र्तमान में जिला अस्पताल में लगभग ८० प्रकार की जांचों की सुविधा और मशीने उपलब्ध करवाई है वहीं लगभग ३० प्रकार की जांचों के लिए कंपनी द्वारा सेंपल भोपाल भेजे जा रहे है। कंपनी द्वारा मशीन ऑपरेट करने कर्मचारी भी तैनात किए गए है।
प्रतिदिन होती है एक हजार जांचे
जिला अस्पताल ओपीडी में आने वाले मरीजों के साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों में से प्रतिदिन औसतन ढाई सौ मरीजों की लगभग एक हजार जांचे होती है। वत्र्तमान में पदस्थ ४ लैब टैक्निशियन में से दिन की दोनों शिफ्ट में २-२ टैक्निशियन आ रहे है जिनके ऊपर कार्य का अत्यधिक दबाव है। ऐसे में इन चारों में से किसी के छुट्टी पर जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है।
ऑपरेटर ही लगा रहे टेस्ट
पियोसिटी साइंस भोपाल द्वारा मशीने ऑपरेट करने ऑपरेटर नियुक्त किए है। इनका कार्य मशीनों को ऑपरेट करना है, लेकिन लैब टैक्निशियन की कमी से ऑपरेटर भी टेस्ट लगा रहे है वहीं रात्रि के समय इनके ही भरोसे पैथालॉजी रहती है।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
इस संबंध में जिला अस्पताल बैतूल के सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे कहते हैं कि जिला अस्पताल में लैब टैक्निशियन के १० पद ही है। वत्र्तमान में संविदा लैब टैक्निशियन सहित ७ लैब टैक्निशियन है। जिनमें ३ ब्लर्ड बैंक में और ४ पैथोलॉजी लैब में कार्य कर रहे है। पिछले दिनों यहां से कुछ लैब टैक्निशियन का तबादला हुआ है और उनके बदले जिला अस्पताल में कोई पदस्थ नहीं हुआ है। उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर लैब टैक्निशियन पदस्थ करने तीन-चार बार मांग की है। पियोसिटी साइंस के मशीन ऑपरेटर भी मूलत: लैब टैक्निशियन ही होते है इसलिये उनकी मदद से पैथोलॉजी लैब में जांच की जा रही है।

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