बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Panchayat Scam)। जिले की ग्राम पंचायतों में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। आए दिन पंचायतों में अनियमितताएं और शिकायतें सामने आती रहती हैं। जांच में छोटी-छोटी पंचायतों में लाखों की अनियमितताओं के मामले भी उजागर होते रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में बैतूल जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत बांसपानी में भी 15 लाख से ज्यादा का घोटाला जांच में सामने आया है। इस मामले में सरपंच-सचिव और पूर्व सरपंच व पूर्व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। 

जिला पंचायत सीईओ द्वारा यह नोटिस सरपंच सोनू उईके, सचिव फत्तू सिंह करोचे, पूर्व सरपंच केवलबाई कापसे और तत्कालीन सचिव रामकिशन धुर्वे को जारी किए गए हैं। यह नोटिस मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत वसूली निर्धारण की कार्यवाही हेतु जारी किए गए हैं। नोटिस के अनुसार ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत की जांच में 5 कार्यों में 15 लाख, 33 हजार, 404 रुपये की अनियमितता पाई गई है। 

नहीं करवाया गया कोई भी कार्य 

जांच में पाया गया कि उमरवानी में संभू के घर से कालू के घर की ओर नाली निर्माण हेतु 15वें वित्त आयोग से 351903 रुपये स्वीकृत किए गए थे। पंचायत द्वारा इसमें कोई भी कार्य नहीं कराया गया और न ही मौके पर निर्माण कार्य की कोई सामग्री ही पाई गई। इसके बावजूद पोर्टल पर इस कार्य पर 94500 रुपये की राशि व्यय की जाना बताया गया है। 

महज 3 पाइप 66320 रुपये के 

उमरवानी में ही पुलिया निर्माण कार्य के लिए 135000 रुपये 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत किए गए थे। जांच के दौरान कार्य स्थल पर मात्र 3 पाईप पाए गए। इनकी मूल्यांकन राशि 32000 रुपये हैं। जबकि पंचायत द्वारा पोर्टल पर इन पर 66320 रुपये की राशि व्यय किए जाने बताए गए। कार्य भी अधूरा और बंद पाया गया। 

1 लाख 34 रुपये का मूल्यांकन कम 

उमरवानी में ही सामुदायिक मंगल भवन निर्माण कार्य किया गया है। इसके लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके छत एवं प्लास्टर तक कार्य पूरा किया गया है। बिजली फिटिंग, शौचालय निर्माण एवं पुट्टी का काम शेष है। इस कार्य पर 10 लाख 34 हजार रुपये व्यय किया जाना पाया गया जबकि माप पुस्तिका अनुसार मूल्यांकन की राशि 9 लाख रुपये ही पाई गई। यहां 1 लाख 34 हजार रुपये की राशि वसूली योग्य है। 

बगैर स्वीकृति के ही स्ट्रीट लाइट कार्य 

बांसपानी पंचायत भवन में अतिरिक्त कार्य के लिए 1 लाख 78 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई थी जबकि 188904 रुपये व्यय किए गए। इसका मूल्यांकन भी अप्राप्त है। जिससे व्यय की गई पूरी राशि वसूली योग्य है। इसी तरह स्ट्रीट लाइ कार्य हेतु ग्राम पंचायत द्वारा तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति नहीं दी गई। कार्य का मूल्यांकन भी नहीं किया गया। वहीं जेम पोर्टल अनुसार इस कार्य पर 10 लाख 82 हजार रुपये व्यय होना पाया गया है। यह पूरी राशि भी वसूली योग्य है। 

18 दिसंबर को पेश करना है जवाब 

जारी नोटिस में सरपंच-सचिव और पूर्व सरपंच एवं तत्कालीन सचिव को 18 दिसंबर को इस 15 लाख, 33 हजार रुपये की अनियमितता को लेकर लिखित जवाब प्रस्तुत करना है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने या अनुपस्थित रहने की स्थिति में एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।