बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (New India Assurance Claim Delay)। अपने को देश की प्रतिष्ठित सबसे बड़ी एश्योरंेस कंपनी बताने और ऑनलाईन सर्वे करवाकर वाहन स्वामी को जल्द से जल्द क्लेम राशि दिलवाने का दावा करने वाली न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी द्वारा दो पहिया वाहन का मामूली क्लेम ढाई माह बाद भी नहीं दिया है। वाहन मालिक क्लेम राशि पाने दर-दर भटक रहा है। टू-व्हीलर वाहन का मामूली क्लेम सेटल करने में ही ढाई माह से अधिक का समय बीत गया है तो बड़े और चौपहिया वाहन के लाखों रूपए के क्लेम सेटल करने का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

बैतूल शहर के एक दोपहिया वाहन स्वामी ने बताया कि उन्होंने अपने टू-व्हीलर वाहन का बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से करवाया था। 21 सितम्बर को उनके पति का टू-व्हीलर से एक्सीडेंट हो गया जिसमें वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया था। उन्होंने २३ सितम्बर को वाहन सुधारने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी में क्लेम करने के साथ ही एस्टिमेट भी दे दिया था।

ऑनलाईन करवाया सर्वे

कंपनी द्वारा ४ अक्टूबर को क्लेम रजिस्टर्ड किया गया। जल्दी क्लेम देने का दावा करते हुए क्लेम जीनियस इंडिया प्रायवेट लिमिटेड से ऑनलाईन सर्वें भी करवा लिया था। वहीं कंपनी को वाहन मरम्मत कार्य का बिल सहित सभी जरूरी डाक्यूमेंट भी भिजवा दिए थे। इसके बावजूद ७ दिसम्बर तक क्लेम राशि नहीं मिल पाई है। वाहन की मरम्मत करने वाले शोरूम संचालक प्रतिदिन वाहन ले जाने फोन लगा रहे है, लेकिन क्लेम राशि नहीं मिलने से वे वाहन नहीं ला पा रहे है। 

वाहन स्वामी का कहना है कि वे एश्योरेंस कंपनी से क्लेम राशि दिलवाने कई बार गुहार लगा चुके है, लेकिन किसी प्रकार का संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। जब टू व्हीलर वाहन की वाहन की मरम्मत का मामूली सा क्लेम देने में कंपनी इतना समय लगा रही है तो बड़े वाहनों के लाखों रूपए के क्लेम देने में क्या होता होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इसी से कंपनी के क्लेम सेटल करने के बड़े-बड़े दावों की ढोल की पोल साफ नजर आती है।