बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Mandi News)। जिला मुख्यालय बैतूल स्थित रेलवे मॉलगोदाम को मरामझिरी स्टेशन में शिफ्ट करने की कवायद के बीच वर्तमान में मरामझिरी रेलवे स्टेशन में चल रहे प्लेटफार्म निर्माण कार्य से यहां मालगाड़ी की लोडिंग अनलोडिंग असंभव हो गई है। प्लेटफार्म निर्माण कर रहे ठेकेदार ने यहां गिट्टी बिछा दी है, जिससे लोडेड ट्रक मालगाड़ी तक पहुंच ही नहीं पा रहे है। 

प्लेटफार्म निर्माण नहीं होने से पिछले लगभग एक माह में ही व्यापारियों द्वारा मरामझिरी से मक्का ले जाने ५ रैक कैंसिल करवा दी है। इससे रेलवे को लगभग दो करोड़ रूपए के संभावित माल भाड़े से हाथ धोना पड़ा वहीं कृषि उपज मंडी में भी मक्का जमा होने से किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। मरामझिरी से रैक लोडिंग-अनलोडिंग नहीं होने से अब बैतूल मालगोदाम का ही सहारा बचा है, लेकिन यहां भी खाद और सीमेंट की रैक लगातार आने से मक्का ले जाने रैक नहीं मिल पा रही है। जिससे मंडी में मक्का खरीदने वाले व्यापारियों के सामने मक्का रखने जगह नहीं बची है।

मरामझिरी को बनाया शहर का दूसरा रैक पाइंट

बैतूल शहर में रेलवे स्टेशन स्थित माल गोदाम से शहर में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और बैतूल में खाद, सीमेंट की रैक आने, मक्का, डीओसी आदि की रैक जाने से लंबी वैटिंग दूर करने रेलवे द्वारा मरामझिरी में रैक पाइंट बनाया गया है। व्यापारी मरामझिरी से भी रैक बुक कर रहे है। जिले में रैक की सर्वाधिक शार्टेंज मक्का के सीजन में ही आती है। ऐसे समय में रेलवे द्वारा मरामझिरी रैक पाईंट में प्लेटफार्म शुरू करवा दिया है।

गिट्टी में फंस रहे ट्रक 

गत वर्ष मरामझिरी स्टेशन से मक्का की आधा दर्जन से अधिक रैक भरी थी। इस साल भी व्यापारियों ने मरामझिरी से मक्का ले जाने ६ रैक बुक करवाई थी। जब व्यापारी मक्का लेकर पहुंचे। मक्का के लोडेड ट्रक प्लेटफार्म बनाने डाली गई गिट्टी में फंसने लगे। व्यापारी ने किसी तरह तीन दिन में एक रैक भरी और भारी जुर्माना भरने के बाद मरामझिरी से रैक भरने से कन्नी काट ली।

५ रैक करवाई कैंसिल

मरामझिरी रैक पाईंट से मक्का ले जाने व्यापारियों द्वारा बुक करवाई गई पांच रैक कैंसिल करवा दी गई। जिसमें श्याम ट्रेडिंग कंपनी द्वारा एक रैक, मालती ट्रेडिंग कंपनी द्वारा ३ रैक और एक अन्य कंपनी ने एक रैक कैंसिल करवाई है। एक रैक कैंसिल करवाई है। एक रैक में लगभग २६ हजार ३२० क्विंटल मक्का जाती है। ५ रैक कैंसिल होने से लगभग एक लाख तीस हजार क्विंटल मक्का नहीं जा पाई सूत्रों के अनुसार रेलवे को दूरी के हिसाब से एक रैक का किराया ४० से ६० लाख रूपए तक मिलता है। ५ रैक कैंसिल होने से रेलवे को लगभग दो करोड़ रूपए के माल भाड़े नुकसान हुआ वहीं व्यापारियों को भी रैक कैंसिल करवाने में हजारों रूपए खर्च हो गए।

बैतूल में मक्का रैक के लिए लंबी वेटिंग

बैतूल के व्यापारी दिल्ली सहित अन्य स्थानों के व्यापारियों के लिए मक्का की खरीदी करते है, जो रैक के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों के साथ बांग्लादेश तक जाती है। मरामझिरी स्टेशन से लोडिंग अनलोडिंग नहीं होने से बैतूल स्टेशन में मक्का के लिए रैक बुकिंग की लंबी वेटिंग लिस्ट है। बैतूल स्टेशन में खाद और सीमेंट की रैक बड़ी संस्था में आ रही है। ऐसे में रैक खाली होने में एक दिन लग जाता है। जिससे मक्का के लिए रैक की वेटिंग बढ़ती जा रही है।

रेलवे अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

मरामझिरी स्टेशन से २६ नवम्बर को मक्का की पहली रैक रवाना हुई। इसमें हुई परेशानी के बाद व्यापारियों ने रेलवे को लिखकर दे दिया कि मरामझिरी रैक पाईंट में गिट्टी में ट्रक फंसने के कारण रैक नहीं भर पाएगें। इसके बाद २९ नवम्बर को पहुंची रैक भी दिन भर खाली खड़ी रही। १० दिन बीतने के बाद भी रेलवे द्वारा यहां व्यवस्था नहीं बनवाई गई जिससे जिले से मक्का नहीं जा रही है।