बैतूल (Betul road blockade for arrest)। बैतूल-भोपाल फोरलेन सडक़ पर पाढर बाईपास के पास स्थित ढाबा में दो दिन पूर्व हुई मारपीट में आरोपियों पर साधारण धाराओं में मामला दर्ज करने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर शनिवार को पीडि़त पक्ष ने जिला पंचायत राजेंद्र कवड़े के नेतृत्व में पाढर पुलिस चौकी के सामने तीन घंटे तक चक्काजाम किया।

पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग पर अड़े आदिवासी समाज के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने दोपहर 2 बजे पुलिस चौकी के सामने पाढर बाईपास सडक़ पर धरना शुरू कर दिया। शाम लगभग पौने पांच बजे पहुंची एएसपी कमला जोशी द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम बनाने और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर शाम लगभग पांच बजे धरना समाप्त किया गया। शनिवार को पाढर का साप्ताहिक बाजार होने से वाहन चाकों को फोरलेन सडक़ से घूमकर बाजार पहुंचना पड़ा। 

ढाबे पर हुई मारपीट

बैतूल-भोपाल फोरलेन सडक़ पर पाढर बाईपास पर स्थित पिंटू ढाबा के संचालक पिंटू धुर्वे ने बताया कि 3 दिसम्बर को रात्रि में ग्राम चिखलीमाल निवासी पंकज पिता विनोद यादव और नितेश पिता विनोद यादव तीन साथियों के साथ उनके ढाबा पर खाना खाने आए थे। खाना खाने के बाद बिल को लेकर पत्नी गीता धुर्वे के साथ विवाद करने लगे। विवाद होता देख ढाबा में ही खाना खा रहे बैतूल के चार-पांच युवकों ने उन्हें विवाद करने से मना किया तो पांचों आरोपी उनसे मारपीट करने लगे और बिना बिल दिए भाग गए। उनके साथ विवाद करने वाले बैतूल के युवक भी खाक खाकर चले गए। 

दर्जन भर साथियों के साथ आकर की मारपीट

पिंटू धुर्वे ने बताया विवाद शांत होने के बाद वह उसकी पत्नी गीता धुर्वे, साला अनिल धुर्वे एवं ग्राम पंचायत पीसाजोझी के पूर्व सरपंच कमलेश काकोडिय़ा ढाबे के सामने बैठकर आग ताप रहे थे। तभी रात्रि लगभग साढ़े बारह बजे पंकज यादव और विनोद यादव 10-12 साथियों के साथ लठ, रॉड लेकर पहुंचे और मारपीट करने वाले बैतूल के युवकों के बारे में पूछने लगे। तब तक वे जा चुके थे। सभी आरोपियों ने हम चारों को लठ, रॉड आदि से जमकर पीटा। डायल 112 को सूचना देने पर पुलिस के आने के पूर्व सभी आरोपी फरार हो गए। मारपीट से मुझे और कमलेश काकोडिय़ा को सिर में गंभीर चोट आई वहीं गीता धुर्वे और अनिल कुमरे का हाथ फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने चारों घायलों को रात्रि में ही जिला अस्पताल लाया। 

आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज

रात्रि में जिला अस्पताल में चारों का उपचार करने के बाद कोतवाली पुलिस ने पंकज यादव, नितेश यादव सहित तीन अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(बी), 115 (2), 351 (3) 3 (5),एससी एक्ट की धारा 3 (1) (द), 3 (1) (ध), 3 (2) (वीए) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। 

चौकी के सामने दिया धरना

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने और आरोपियों द्वारा खुलेआम घूमकर समझौता के लिए दबाव डालने का आरोप लगाकर शनिवार को सभी पीडि़त जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र कवड़े, निमिष सरियाम के नेतृत्व में आदिवासी समाज के लगभग आधा सैकड़ा महिला-पुरूष पाढर पुलिस चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ साधारण धारा लगाने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस चौकी के सामने सडक़ पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। सभी लोग पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग पर दोपहर 2 बजे से सडक़ पर बैठ गए थे। 

एएसपी की समझाईश पर धरना समाप्त

पुलिस चौकी के सामने चक्काजाम की सूचना मिलने पर कोतवाली टीआई नीरज पाल और एसडीओपी सुनील लाटा पुलिस चौकी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की समझाईश दी। प्रदर्शनकारी पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। शाम लगभग पौने पांच बजे एएसपी कमला जोशी धरना स्थल पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार करने स्पेशल टीम बनाने, जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया तब शाम लगभग 5 बजे धरना समाप्त हुआ। इस दौरान पीडि़तों के साथ ही ग्राम पंचायत पाढर सरपंच अमित कुमरे, खारी सरपंच शेखर कुमरे, जनपद सदस्य संजू वट्टी, मनोहरी उइके, भारत आदिवासी पार्टी जिला अध्यक्ष अनिल उइके, सोनू धुर्वे सहित लगभग आधा सैकड़ा महिला-पुरूष मौजूद थे। 

बाजार आने वाले ग्रामीण हुए परेशान

शनिवार को ग्राम पाढर में साप्ताहिक बाजार था। यहां लगभग दो दर्जन गांव से ग्रामीण बाजार करने आते हैं। पुलिस चौकी के सामने चक्काजाम होने से बाईक भी नहीं निकल पा रही थी। ग्रामीणों को फोरलेन सडक़ से घूमकर पाढर पहुंचना पड़ा। चक्काजाम के चलते दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक बैतूल और भोपाल जाने वाली यात्री बसें भी फोरलेन से ही चली जिससे पाढर आने-जाने वाले यात्रियों को फोरलेन से लगभग 2 किलोमीटर दूर पाढर तक पैदल आना-जाना पड़ा।