बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Congress Allegations)। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया सरकार अपने पाप छिपाने के लिए करवा रही है। इस प्रक्रिया में आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के 20 प्रतिशत नाम काटे जाने का प्रेशर दिया जा रहा है। आलम यह है कि बीएलओ नाम जोड़ रहे हैं और सेंट्रल ऑफिस से नाम डिलीट किए जा रहे हैं। आमला विधानसभा में पिछले चुनाव में एक हजार डुप्लीकेट वोट डाले गए थे। इसका मतलब साफ है कि वोट चोरी हो रही है। 

यह आरोप आज जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। मेडिकल कॉलेज के लिए 30 एकड़ जमीन ढूंढने में सरकार को दो साल लग गए, तो कॉलेज बनने में बीस साल लगना तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की 2500 करोड़ की 50 एकड़ बेशकीमती जमीन को पीपीपी मोड के नाम पर कब्जाने की तैयारी की जा रही है। जबकि जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अलग-अलग होना चाहिए।

डॉक्टरों के 102 पद पड़े हैं खाली

उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में 133 डॉक्टरों के पद मंजूर हैं, जिनमें से 102 पद खाली पड़े हैं। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार के हेल्थ मिशन का दम केवल कागजों में है। उन्होंने डॉ. वंदना धाकड़ का मामला उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ रिश्वत की पांच शिकायतें दर्ज होने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी और कार्रवाई शून्य है। मुलताई में छह महीनों से सोनोग्राफी मशीन बंद है। 

बिजली सरप्लस, लेकिन किसानों को नहीं 

श्री डागा ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली है। यदि सरकार चाहे तो दिन में भी किसानों को सिंचाई के लिए दे सकती है, लेकिन सरकार 10 घंटे भी नहीं दे रही है। छह हजार की सम्मान निधि देकर सरकार किसान को खुश दिखाने की कोशिश कर रही है।

बैतूल में पगला गया विकास 

श्री डागा ने तंज कसते हुए कहा कि बैतूल में विकास पगला गया है। भाजपा भ्रष्टाचार के नए-नए अविष्कार कर रही है। यहां पहले सड़क बनाई जाती है, पेविंग ब्लॉक लगाए जाते हैं और फिर नाली बनाने के लिए पेविंग ब्लॉक और सड़क तोड़ी जाती है। व्हाइट टॉपिंग सड़क भी भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। भाजपा नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों के कामों के लिए क्लस्टर बनाकर रखा है। गंज में सड़क निर्माण शुरू करने के लिए ठेकेदार तैयार है, लेकिन भाजपा नेता उस पर महंगी रेत लेने का दबाव बना रहे हैं। 

केंद्रीय मंत्री परलोक से लाएंगे मरीज 

श्री डागा ने कहा कि एक ओर जिले में जीवित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। दूसरी ओर केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके अंबानी के पिता को परलोक से लाकर आयुष्मान योजना में इलाज करने के दावे कर रहे हैं। यही नहीं हाल ही में कोलगांव में एक मृतक के नाम से मनरेगा की मजदूरी भुगतान का मामला भी सामने आया है। 

बगैर मीटर के थमा रहे मनमाने बिल

बिजली विभाग की मनमानी को लेकर उन्होंने कहा कि मोवाड़ गांव के 25 घरों में डिफेक्टिव मीटर बताकर मनमाने बिल थमा दिए गए। जबकि उन घरों में मीटर लगे ही नहीं है। बिजली कंपनी जनता को राहत देने के बजाय बोझ डालने में जुटा है।