Betul Under Bridge Accident Risk: गंज अंडर ब्रिज पर हादसे का खतरा, नहीं थम रही भारी वाहनों की आवाजाही
बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Under Bridge Accident Risk)। रेलवे द्वारा शहर के अति व्यस्ततम मार्ग पर स्थित गंज अंडर ब्रिज में किया जा रहा मरम्मत कार्य शहरवासियों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। रेलवे द्वारा निर्माण अवधि में भारी वाहनों का प्रवेश निषेध किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने इसकी विज्ञप्ति जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को बांटकर अपने दायित्वों की पूर्ति कर ली। वहीं यातायात प्रभारी ने बल की कमी का हवाला देकर ब्रिज के तीनों मार्गों पर हाईटगेज लगाने का पत्र रेलवे को लिख दिया है। यातायात पुलिस के अनुसार निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार को अपने कर्मचारी लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश रोकना चाहिए।
रेलवे और यातायात पुलिस की पूरा कुश्ती में आम नागरिक और छोटे वाहन चालक पीस रहे हैं। यह अपनी जान जोखिम में डालकर अंडर ब्रिज पार कर रहे हैं। ब्रिज में अचानक भारी वाहन आ जाने से हादसे की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। दोपहिया चालक किसी प्रकार अपनी जान बचाते हैं, लेकिन लगता है कि रेलवे और यातायात पुलिस किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। लगता है हादसा होने के बाद ही सब लोग अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाएंगे।
रेलवे द्वारा करवाया जा रहा है मरम्मत कार्य
मध्य रेलवे नागपुर मंडल के बैतूल उपमंडल अधीन बैतूल मरामझिरी सेक्शन के किलोमीटर 850/38-401 में विजय भवन गंज के समीप स्थित रोड अण्डर ब्रिज के दोनों ओर फ्लोरिंग एवं ड्रैनेज का कार्य रेलवे द्वारा करवाया जा रहा है। रेलवे द्वारा उक्त निर्माण कार्य 27 सितम्बर से शुरू किया गया था। निर्माण कार्य शुरू करने रेलवे द्वारा गंज अंडर ब्रिज से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई थी।
विज्ञप्ति जारी कर रेलवे ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
निर्माण कार्य शुरू करने के पूर्व रेलवे द्वारा 24 सितम्बर को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 27 सितम्बर से 26 अक्टूबर तक भारी वाहनों के प्रवेश निषेध करने की सूचना दी थी। इसके बाद 25 अक्टूबर को विज्ञप्ति जारी कर 27 अक्टूबर से 26 नवम्बर और 25 नवम्बर को विज्ञप्ति जारी कर 27 नवम्बर से 26 दिसम्बर तक भारी वाहनों के प्रवेश की जानकारी समाचार पत्रों को दी थी।
मध्य रेलवे बैतूल में पदस्थ सहायक मंडल इंजीनियर सोनल सुखदेव राव बेसेकर की हस्ताक्षर से जारी इस प्रेस विज्ञप्ति की सूचना बैतूल कलेक्टर, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, जिला यातायात प्रभारी के साथ ही मंडल इंजीनियर नागपुर को भी देकर अपने कत्र्तव्य पूरे कर लिए। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। इस संबंध में जब रेलवे अधिकारियों से बात की तो उनका स्पष्ट कहना है कि भारी वाहनों का प्रवेश रोकना यातायात पुलिस का काम है हमने उन्हें सूचना दे दी है।
यातायात पुलिस बोली हाईट गेज लगाए रेलवे
प्रतिबंध के बावजूद अंडर ब्रिज से भारी वाहनों के प्रवेश के संबंध में यातायात पुलिस प्रभारी गजेंद्र केन से बात की तो उनका कहना था कि यातायात पुलिस के पास इतना बल नहीं है कि अंडर ब्रिज के तीनों एंट्री पाइंट पर जवान तैनात कर सके। श्री केन ने कहा कि हमने तीनों एंटर पाइंट पर हाईट गेज लगाने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखा है। वैसे भी जहां निर्माण कार्य होता है तो निर्माण कर रहे ठेकेदार को अपने आदमी खड़े कर वाहनों का प्रवेश रोकना चाहिए। ठेकेदार ने तो सही जगह पर सूचना बोर्ड तक नहीं लगाए हैं। जबकि माचना ब्रिज और गंज पेट्रोल पंप के पास ही सूचना बोर्ड लगाकर भारी वाहनों की एंट्री रोकने कर्मचारी तैनात करना था।
श्री केन ने कहा कि हमारा कार्य जाम नहीं लगने देना है। जाम लगने पर हम पहुंच जाते हैं और जाम खुलवा देते हैं। पूरे समय तीनों एंटर पाइंट पर जवान तैनात कर भारी वाहनों का प्रवेश रोकना संभव नहीं है। रेलवे द्वारा हाईट गेज लगाकर आसानी से भारी वाहनों का प्रवेश रोका जा सकता है। यदि यह संभव है तो ठेकेदार को अपने कर्मचारी खड़े करना चाहिए।
वाहन चालकों की जान जोखिम में
गंज अंडर ब्रिज में ठेकेदार चींटी गति से काम कर रहा है। लगभग ढाई माह में 20 प्रतिशत कार्य भी नहीं हुआ है। अभी विजय भवन से अंडर ब्रिज तक एक साइड की आधी सडक़ ही बन पाई है। इस आधी सडक़ के साइड से आधी सडक़ से दोनों साइड का यातायात चालू है। ऐसे में भारी वाहन आ जाते हैं तो दूसरे साइड से आने वाले वाहनों के लिए जगह ही नहीं बचती है। इस स्थिति में कई बार हादसे होते-होते बचे हैं। वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर वाहन निकाल रहे हैं। बावजूद इसके भारी वाहनों का प्रवेश नहीं रूक रहा है। लगता है रेलवे और यातायात पुलिस किसी बड़े हादसे के बाद ही यहां भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाएगी।

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