Betul irrigation project: बैतूल जिले की पांचों विधानसभाओं में मिलेंगी 5-5 सिंचाई परियोजनाएं
माह के अंत तक पूर्ण करें घोघरी डैम की टेस्टिंग और ट्रायल: जल संसाधन मंत्री
जिले की मेंढ़ा एवं गढ़ा मध्यम परियोजनाओं को जून-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश
बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul irrigation project)। कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए बैतूल विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल सतत प्रयासरत हैं। अपने पूर्व के कार्यकाल में भी उन्होंने जिले को सिंचाई के क्षेत्र में कई सौगातें दी थीं। जिसके सुखद परिणाम भी नजर आ रहे हैं और लगातार जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है।
मंगलवार को एक बार फिर जिले के पांचों विधायकों और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सहित जल संसाधन विभाग के आला अफसरों की एक बैठक भोपाल में हुई। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने जिले के विधायकों की मांग पर बैतूल की पांचों विधानसभाओं के लिए 5-5 सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत करने की बात कही है।
वहीं जिले में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजना को लेकर भी जल संसाधन मंत्री ने अफसरों को कड़े निर्देश देकर समय सीमा में कार्य पूर्ण करवाने का कहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल का राजनैतिक रूतबा बढऩे के कारण आने वाले समय में जिले को सिंचाई के क्षेत्र में और लाभ मिलने की पूरी संभावना है।
पांचों विधायक थे बैठक में शामिल
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की अध्यक्षता में 2 दिसंबर को भोपाल में जल परियोजनाओं की प्रगति को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बैतूल हेमन्त खंडेलवाल, आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख, विधायक भैंसदेही महेंद्र सिंह चौहान, विधायक घोड़ाडोंगरी श्रीमती गंगाबाई उईके तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विधायक श्री खंडेलवाल की पहल पर बैतूल जिले की सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए यह विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

टेस्टिंग और ट्रायल करने के दिए निर्देश
बैतूल जिले की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने घोघरी मध्यम परियोजना की टेस्टिंग और ट्रायल 30 दिसंबर 2025 से पहले हर हाल में पूर्ण किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि पारसडोह परियोजना की सिंचाई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करें एवं निर्गुड प्रोजेक्ट को शीघ्र पूर्ण करें।
इसके अलावा उन्होंने मेंढ़ा मध्यम परियोजना का कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने तथा अतिरिक्त 4500 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ाने के संबंध में आवश्यक प्रस्ताव एवं कार्यवाही शीघ्र तैयार करने के लिए जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं गढ़ा मध्यम परियोजना को भी जून 2026 से पहले पूर्ण करने के लिए विभाग को तेजी से काम बढ़ाने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि जिले में चल रही हर जल परियोजना किसानों और ग्रामीणों के हित से जुड़ी है, इसलिए काम की रफ्तार तेज की जाए और निर्धारित समय सीमाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
शीतलझिरी परियोजना के लिए मिलेगा विशेष पैकेज
बैठक के दौरान मंत्री श्री सिलावट ने जिला जनजातीय बहुल क्षेत्र होने के कारण शीतलझिरी मध्यम परियोजना के लिए विशेष पैकेज पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। मंत्री श्री सिलावट ने शेष विधानसभा वार विधायकों की मांग पर नवीन योजनाएं बनाने के भी निर्देश दिए।
मंत्री श्री सिलावट ने बैतूल जिले के हर विधानसभा क्षेत्र से 5-5 नई जल योजनाएं ( बैराज, जलाशय) चिन्हित कर इन योजनाओं की साध्यता और स्वीकृति की कार्रवाई जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचे और किसानों को सिंचाई में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए, इसके लिए जिले के विभिन्न जलाशयों की नहरों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए आरआरआर योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

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