बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। महज 600 और 1200 रुपये की पेंशन से जैसे-तैसे गुजारा करने वाले 2 हजार से ज्यादा जरुरतमंदों की जिले में पिछले 3 महीनों से पेंशन अटकी हुई है। इनकी ई-केवायसी नहीं होने के कारण पेंशन होल्ड कर दी गई है। अब पंचायत सचिवों के जरिए इनका सत्यापन कराया जा रहा है। 

प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों के लिए ई-केवायसी की प्रक्रिया करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लोगों की ई-केवायसी नहीं हो पा रही है, उन्हें योजना का लाभ देना भी बंद कर दिया गया है। शासन के इस निर्णय से जिले के विभिन्न तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने वाले हितग्राही भी प्रभावित हो रहे हैं। यहां 2042 हितग्राही ऐसे हैं जिनकी पेंशन पिछले 3 महीनों से होल्ड चल रही है। 

इन कारणों से होल्ड हुई पेंशन 

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन हितग्राहियों का या तो बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है या फिर फिंगरप्रिंट मिलान नहीं हो रहा है। यही कारण है कि इनकी पेंशन होल्ड कर दी गई है। अब इनका सचिवों के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन होने के बाद होल्ड की गई पेंशन के भुगतान के साथ ही पेंशन नियमित कर दी जाएगी। वहीं यदि यह पाया जाता है कि किसी की मृत्यु हो गई है या वह पात्र नहीं है तो उनका नाम हटा दिया जाएगा। 

जिले में 12 लाख हैं पेंशनर 

जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले लोगों की संख्या 12 लाख है। जिले में करीब 97 प्रतिशत हितग्राहियों की ई-केवायसी हो चुकी है। हितग्राहियों को हर महीने 600 रुपये पेंशन मिलती है। वहीं बहुविकलांगता होने पर दोगुनी पेंशन यानी 1200 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। शासन द्वारा श्रेणी के अनुसार 12 तरह की पेंशन प्रदान की जाती है।