बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (CM Kanya Vivah Yojana MP)। सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह करने पर दी जाने वाली वित्तीय सहायता के चेक तो तत्काल थमा दिए जाते हैं, लेकिन यह राशि वास्तव में महीनों तक भी नहीं मिल पाती है। इस साल जिले में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों में शादी करने वाले सैकड़ों जोड़ों को भी अभी तक राशि नहीं मिल सकी है। बैतूल और शाहपुर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले सैकड़ों जोड़ों को अभी भी राशि का इंतजार है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत इस साल भी जिले भर में जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के माध्यम से सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन हुआ था। सम्मेलन में विवाह करने पर 49 हजार रुपये की राशि कन्या (दुल्हन) को चेक के जरिए दी जाती है। वहीं 6 हजार रुपये की राशि आयोजन में खर्च की जाती है। कार्यक्रम के अतिथियों के हाथों से यह चेक तो तुरंत ही कन्या को दे दिए जाते हैं, लेकिन वास्तव में राशि मिलने में महीनों का समय लग जाता है। जिले की बैतूल और शाहपुर जनपद में यही स्थिति है। यहां अभी भी सैकड़ों जोड़े इस राशि का इंतजार कर रहे हैं। 

कब हुए थे बैतूल-शाहपुर में विवाह 

जनपद पंचायत बैतूल में सामूहिक विवाह का आयोजन 2 मई को हुआ था। इसमें 740 जोड़ों का विवाह-निकाह हुआ था। इसी तरह शाहपुर जनपद पंचायत में 8 मई को विवाह हुआ था। यहां 634 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था। आयोजन के दौरान ही दुल्हनों को चेक दे दिए गए थे, लेकिन सैकड़ों दुल्हनें ऐसी हैं जिन्हें आज तक भी राशि नहीं मिल पाई है। 

शाहपुर में 255 को नहीं मिली राशि 

शाहपुर मे 634 जोड़ों का विवाह हुआ था। इनमें से शेष जोड़ों को तो अलग-अलग समयावधि में राशि मिल गई है, लेकिन अनुसूचित जनजाति वर्ग के 255 जोड़ों को अभी भी राशि नहीं मिल सकी है। वे जब भी इस बारे में पूछताछ करने जाते हैं तो यही जवाब मिलता है कि अभी बजट नहीं आया है। 

बैतूल में 300 के ही बिल लगे 

इसी तरह बैतूल जनपद पंचायत में भी अब कहीं राशि मिलना शुरू हुई है। यहां अभी 300 कन्याओं के बिल ही टे्रजरी में लग सके हैं। बाकी की अभी प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलना शुरू हो गया है और अब जल्द ही सभी को राशि मिल जाएगी। 

बजट मिलना हुआ शुरू : उप संचालक 

इस संबंध में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की उप संचालक रोशनी वर्मा का कहना है कि योजना के लिए बजट मिलना शुरू हो गया है। बैतूल जनपद पंचायत के अंतर्गत 300 कन्याओं के बिल ट्रेजरी में लग चुके हैं। बाकी के भी प्रोसेस में हैं। जल्द ही सभी को राशि प्रदान कर दी जाएगी।