बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। डबल इंजन की सरकार का गाना गाकर विकास को पागल करने वाली सरकार के दौर में बैतूल जिला भाजपा संगठन द्वारा साल भर में सिर्फ दो से तीन बार दिए जाने वाले विज्ञापनों का भुगतान भी महीनों-महीनों नहीं हो रहा है।

जिले में टॉप-टू-बॉटम हर जगह भाजपा का कब्जा है और निर्वाचित होकर भी भाजपा के ही जनप्रतिनिधि काबिज है। बावजूद इसके 15 अगस्त, 26 जनवरी और इसके अलावा एकाध मौके पर दिए जाने वाले विज्ञापनों का 3-3 महीने भुगतान हो रहा है। हालात यह है कि 15 अगस्त पर दिए जाने वाले विज्ञापन का भुगतान 26 जनवरी के आसपास करने की योजना रहती है।

इस बार भी 15 अगस्त 2025 को जिला भाजपा द्वारा जारी किए गए विज्ञापनों का भुगतान 27 नवम्बर 2025 तक नहीं हुआ था। उम्मीद है खबर छपने के बाद शायद 26 जनवरी के पहले विज्ञापनों का भुगतान हो जाए। 

विज्ञापनों का भुगतान इतना विलंब से किए जाने के पीछे मंशा बताई जा रही है कि विज्ञापन का पेमेंट इतना लेट कर दो कि अगला विज्ञापन मांगने के पहले अखबार वाले 10 बार सोचे और यदि मांगे भी तो यह कहकर टाल दिया जाए कि अरे यार अभी तो आपका पुराना पेमेंट ही नहीं दे पाएं हैं तो फिर नया विज्ञापन कहां से देंगे? 

पूरे जिले में डबल इंजन की सरकार में विकास किस कदर पागल होकर बौरा रहा है यह किसी से छिपा नहीं है? और इस बौराए हुए विकास में कौन-कौन, कहां-कहां, किस-किस लेवल पर इंवाल्व है? यह पत्रकारों से बेहतर कोई नहीं जानता। फिर भी पत्रकारों पर तोहमत आसानी से लगा दी जाती है।

जिले में पिछले 15 सालों से नगरीय निकायों से लेकर ग्राम पंचायतों तक विकास कार्यों में क्या हो रहा है? कौन कर रहा है? यह किसी से छिपा नहीं है? यहां तक की बौराए हुए विकास में शामिल लोगों को किन का संरक्षण है? यह भी मीडिया जगत सहित जागरूक नागरिकों की श्रेणी में आने वाले लोग बहुत बेहतर जानते हैं। इसके बावजूद छोटे-छोटे विज्ञापनों के भुगतान के लिए लंबे समय तक लटकाना खलता है।