बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश) (Betul Mandi Update)। कृषि उपज मंडी बैतूल में मक्का की बंपर आवक होने के बाद मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं, किसानों को हो रही परेशानियों की राष्ट्रीय जनादेश में लगातार खबरे प्रकाशित होने के बाद बुधवार सुबह कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने कृषि उपज मंडी का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के मंडी पहुंचने पर मंडी शेड और परिसर में पिछले ४-५ दिनों से लगे व्यापारियों के बोरों और किसानों की उपज उतारने जगह नहीं होने की परेशानी अपनी आंखों से देखी। श्री सूर्यवंशी ने मंडी सचिव को फटकार लगाते हुए व्यापारियों के बोरे शीघ्र उठवाने के निर्देश दिए। बावजूद इसके बुधवार शाम तक स्थिति जस की तस बनी हुई थी। परिसर में शाम तक व्यापारियों के ही बोरे रखे हुए थे।

मंडी सचिव किसानों की आड़ लेकर व्यापारियों का साथ देते नजर आ रहे है। पांच दिन तक बोरे नहीं उठाने के बावजूद मंडी प्रबंधन ने किसी भी व्यापारी पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई नहीं की है। बुधवार को मरामझिरी रेलवे स्टेशन पर मक्का की रैक भी लगी बावजूद इसके मंडी से मक्का नहीं उठ पाई है।

आवक बढ़ते ही ध्वस्त हुई व्यवस्थाएं 

खरीफ सीजन के समय प्रतिवर्ष मंडी में मक्का की बंपर आवक होने से कार्य प्रभावित होता है। गत वर्षों में एक-एक दिन में ३५ से ४० हजार क्विंटल की आवक भी हुई है, लेकिन इस साल लगभग आधी ही आवक १५ से २० हजार क्विंटल मक्का की आवक होने से व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई है। मंडी प्रबंधन का व्यापारियों पर कोई दबाव नजर नहीं आ रहा है। व्यापारी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं जिससे किसान परेशान हो रहे है।

राष्ट्रीय जनादेश ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा 

मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर राष्ट्रीय जनादेश में प्रतिदिन समाचार प्रकाशित हो रहे है। मंडी के भारसाधक अधिकारी बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह ने मंडी प्रबंधन और व्यापारियों की बैठक लेकर व्यवस्था सुधारने कई परिवर्तन भी करवाएं थे बावजूद इसके मंडी में व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। मंडी परिसर में व्यापारियों के लगभग ५० हजार बोरे पिछले ४-५ दिनों से रखे है, लेकिन मंडी प्रबंधन व्यापारियों से बोरे नहीं उठवा पा रहा है।

औचक निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर

राष्ट्रीय जनादेश में मंडी की अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित होने के बाद बुधवार दोपहर लगभग १२ बजे कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। मंडी शेड के साथ ही पूरे परिसर में व्यापारियों के बोरों के चौकड़े लगे होने, किसानों की कुछ उपज खुले में होने और कुछ ट्रेक्टर-ट्रालियों में होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए मंडी सचिव को फटकार लगाई। 

श्री सूर्यवंशी ने व्यापारियों से भी चर्चा कर मंडी परिसर से शीघ्र मक्का उठवाने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यापारियों को अधिक ट्रक लगवाकर पहले शेड के आसपास से और फिर मंडी परिसर से मक्का उठवाने के निर्देश दिए। श्री सूर्यवंशी ने वाहनों की आवाजाही व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश भी दिए ताकि किसानों की उपज का विक्रय बिना किसी बाधा से हो सके। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा कर मंडी में शीघ्र ही सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करने का आश्वासन दिया। इस दौरान मंडी के भारसाधक अधिकारी एवं एसडीएम अभिजीत सिंह भी उनके साथ थे।

रैक लगने के बावजूद नहीं उठे मक्का के बोरे

बुधवार को मरामझिरी स्टेशन पर मक्का ले जाने एक रैक लगी है। कलेक्टर द्वारा मक्का शीघ्र उठाने के निर्देश देने और रैक लगने के बावजूद मंडी से मक्का के बोरे नहीं उठ पाए है। सूत्रों के अनुसार जिस फर्म की रेक लगी है उस फर्म ने अपने गोदाम से ही बड़ी मात्रा में मक्का भिजवाई है। इस फर्म की मंडी में कम ही मक्का थी। बाकी मक्का दूसरे व्यापारियों की है जो रेक लगने का इंतजार कर रहे है।

किसानों की आड़ लेकर व्यापारियों का हित साध रहे मंडी सचिव

कृषि उपज मंडी में स्पष्ट प्रावधान है कि व्यापारियों द्वारा मंडी परिसर से २४ घंटे के अंदर बोरे नहीं उठाने पर १० रूपए प्रति बोरा प्रति दिन का जुर्माना लगाया जाए। बैतूल मंडी में पिछले ५-६ दिनों से व्यापारियों के लगभग ३० से ४० हजार बोरे रखे है जिनकी संख्या ५० हजार से अधिक पहुंच गई है। इसके बावजूद मंडी प्रबंधन व्यापारियों पर जुर्माना नहीं लगा रहा है। 

मंडी सचिव सुरेश कुमार परते से जब इस संबंध में जानकारी ली तो उन्होंने बेतुका जवाब देते हुए कहा कि यदि व्यापारियों पर जुर्माना लगाया गया तो वे इसकी वसूली किसानों से ही करेगे और मंडी में मक्का के दाम ३० से ४० रूपए क्विंटल कम हो जाएगे। इससे किसानों का ही नुकसान होगा। वहीं जुर्माना लगाने से व्यापारी खरीदी बंद कर सकते है, इसलिए किसानों के हित को देखते हुए व्यापारियों पर जुर्माना नहीं लगाकर शीघ्र मक्का उठाने के निर्देश दे रहे है। मंडी सचिव की इस बेतुकी बात से व्यापारियों के हौसले बुलंद है और वे मंडी प्रबंधन के निर्देशों की परवाह किए बिना अपनी मनमजी चला रहे है।